इंग्लैंड के ब्लैकपूल से सामने आए एक दर्दनाक बाल उत्पीड़न और हत्या मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। 13 महीने के बच्चे प्रेस्टन डेवी की मौत के मामले में 37 वर्षीय जैमी वर्ली को हत्या का दोषी करार दिया गया है। यह फैसला 15 जून 2026 को लंबी न्यायिक प्रक्रिया के बाद सुनाया गया।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, प्रेस्टन डेवी को अप्रैल 2023 में दत्तक प्रक्रिया के तहत जैमी वर्ली और उसके पार्टनर जॉन मैकगोवन-फज़ाकरली की देखरेख में सौंपा गया था। बच्चे की उम्र उस समय लगभग 9 महीने थी। लेकिन महज चार महीने बाद जुलाई 2023 में उसकी मृत्यु हो गई।
अस्पताल पहुंचने के बाद खुला मामला
27 जुलाई 2023 को बच्चे को ब्लैकपूल विक्टोरिया अस्पताल ले जाया गया था। प्रारंभिक तौर पर दावा किया गया कि बच्चे को नहाते समय दुर्घटनावश चोट लगी थी। हालांकि मेडिकल जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कई गंभीर चोटों और संदिग्ध परिस्थितियों का खुलासा हुआ।
जांच में बच्चे के शरीर पर कई चोटों के निशान पाए गए। अभियोजन पक्ष ने अदालत को बताया कि मेडिकल विशेषज्ञों की रिपोर्ट के अनुसार चोटें अलग-अलग समय पर लगी थीं और उनमें से कई गंभीर प्रकृति की थीं।
अदालत में चला लंबा ट्रायल
इस मामले में लगभग आठ सप्ताह तक सुनवाई चली। जूरी ने विस्तृत साक्ष्यों और गवाहों के बयानों पर विचार करने के बाद फैसला सुनाया। अदालत ने जैमी वर्ली को बच्चे की हत्या का दोषी माना।
साथ ही, जॉन मैकगोवन-फज़ाकरली को भी बच्चे के साथ हुए दुर्व्यवहार को रोकने में विफल रहने तथा अन्य संबंधित आरोपों में दोषी ठहराया गया।
बाल सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना ने ब्रिटेन की दत्तक ग्रहण (Adoption) और बाल संरक्षण व्यवस्था को लेकर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं। मामले के सामने आने के बाद स्थानीय प्रशासन और संबंधित एजेंसियों की प्रक्रियाओं की समीक्षा की मांग उठी है।
प्रेस्टन डेवी को जन्म के कुछ दिनों बाद उसकी जैविक मां से अलग कर दिया गया था और बाद में दत्तक प्रक्रिया के तहत नए अभिभावकों को सौंपा गया था। अब इस मामले में यह भी जांच की जा रही है कि बच्चे की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक निगरानी और मूल्यांकन प्रक्रिया पर्याप्त थी या नहीं।
अभियोजन पक्ष का बयान
अभियोजन पक्ष ने अदालत में कहा कि जिस बच्चे को सुरक्षा, प्यार और देखभाल मिलनी चाहिए थी, वह गंभीर उत्पीड़न का शिकार हुआ। अधिकारियों ने इसे अत्यंत दुखद और संवेदनशील मामला बताया है।
फिलहाल अदालत द्वारा दोषियों की सजा को लेकर अगली सुनवाई की प्रक्रिया जारी है।
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