भारत 15 अगस्त 2026 को अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस मनाने जा रहा है। देश को 15 अगस्त 1947 को आजादी मिली थी, इसलिए इस वर्ष स्वतंत्रता की 79वीं वर्षगांठ पूरी होगी। स्वतंत्रता दिवस से पहले देशभर में राष्ट्रभक्ति का माहौल है और केंद्र सरकार का ‘हर घर तिरंगा 2026’ अभियान 9 अगस्त से 17 अगस्त तक चलाया जा रहा है। नागरिकों से अपने घरों और कार्यस्थलों पर सम्मानपूर्वक राष्ट्रीय ध्वज फहराने और अभियान से जुड़ी गतिविधियों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने का आह्वान किया गया है।
इस वर्ष ‘हर घर तिरंगा’ अभियान को और व्यापक रूप दिया गया है। देश के अलग-अलग हिस्सों में तिरंगा यात्राएं, बाइक रैलियां और अन्य जनभागीदारी कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। अभियान को राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ की 150वीं वर्षगांठ की भावना से भी जोड़ा गया है। नई दिल्ली के भारत मंडपम से 12 अगस्त को आयोजित ‘हर घर तिरंगा बाइक रैली 2026’ भी वंदे मातरम् को समर्पित रही।
PM मोदी ने ‘मन की बात’ में किया था हर घर तिरंगा का आह्वान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 26 जुलाई 2026 को प्रसारित ‘मन की बात’ के 136वें एपिसोड में स्वतंत्रता दिवस और तिरंगे के महत्व का जिक्र करते हुए देशवासियों से ‘हर घर तिरंगा’ अभियान को पूरे उत्साह से आगे बढ़ाने की अपील की थी। उन्होंने कहा कि 15 अगस्त प्रत्येक भारतीय के लिए गर्व का दिन है और यह उन असंख्य स्वतंत्रता सेनानियों की याद दिलाता है जिन्होंने भारत माता की आजादी के लिए अपना सर्वस्व समर्पित किया।
प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय ध्वज को संविधान के आदर्शों से जोड़ते हुए कहा कि पिछले कुछ वर्षों में ‘हर घर तिरंगा’ अभियान ने पूरे देश को एक विशेष भावना से जोड़ा है। घरों और गलियों में तिरंगे का उत्सव दिखाई देता है और इस बार भी नागरिकों को पूरे सम्मान के साथ अपने घरों पर तिरंगा फहराना चाहिए।
2022 में शुरू हुआ था ‘हर घर तिरंगा’ अभियान
‘हर घर तिरंगा’ अभियान की शुरुआत वर्ष 2022 में आजादी का अमृत महोत्सव के दौरान की गई थी। इसका मूल उद्देश्य नागरिकों और राष्ट्रीय ध्वज के बीच भावनात्मक जुड़ाव को और मजबूत करना तथा स्वतंत्रता आंदोलन, राष्ट्र निर्माण और राष्ट्रीय एकता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाना था।
इसके बाद अभियान लगातार व्यापक जनभागीदारी का माध्यम बनता गया। स्कूलों, कॉलेजों, सरकारी संस्थानों, सामाजिक संगठनों, ग्राम पंचायतों, शहरी निकायों और आम नागरिकों की भागीदारी से तिरंगा यात्राएं और ध्वजारोहण कार्यक्रम देश के अनेक हिस्सों में आयोजित किए जाते रहे हैं।
‘सूर्यपथ तिरंगा’ से भारत की सीमाओं के पार पहुंचेगा अभियान
Har Ghar Tiranga 2026 की सबसे खास पहलों में इस बार ‘सूर्यपथ तिरंगा’ (Suryapath Tiranga) शामिल है। संस्कृति मंत्रालय के मुताबिक यह एक प्रतीकात्मक वैश्विक तिरंगा रिले है, जिसमें दुनिया भर में मौजूद भारतीय मिशन और पोस्ट सूर्योदय के क्रम के अनुसार पूर्व से पश्चिम की दिशा में राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे।
यानी पृथ्वी के अलग-अलग हिस्सों में जैसे-जैसे सूरज उगेगा, भारतीय मिशनों में तिरंगा फहराने का क्रम आगे बढ़ता जाएगा। इस पहल का उद्देश्य विदेशों में रहने वाले भारतीय समुदाय, भारत के मित्रों और स्थानीय लोगों को भी स्वतंत्रता दिवस के उत्सव और तिरंगे की भावना से जोड़ना है।
आधिकारिक भारतीय मिशनों की प्रचार सामग्री के अनुसार, इस डिजिटल वैश्विक रिले में 54 भारतीय मिशन और पोस्ट शामिल किए जा रहे हैं, जिनका चयन सूर्योदय के क्रम के आधार पर किया गया है।
वंदे मातरम् के 150 वर्ष से जुड़ा ‘हर घर तिरंगा 2026’
इस बार अभियान का एक महत्वपूर्ण पहलू राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ भी है। वर्ष 2025-26 के दौरान वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। 7 नवंबर 2025 को वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ का वर्ष शुरू हुआ था।
‘हर घर तिरंगा 2026’ में तिरंगे के साथ वंदे मातरम् के इतिहास और राष्ट्रीय महत्व को भी प्रमुखता दी जा रही है। संस्कृति मंत्रालय ने इस साल के अभियान को राष्ट्रीय ध्वज, राष्ट्रभक्ति, राष्ट्रीय एकता और वंदे मातरम् की भावना से जोड़कर प्रस्तुत किया है।
देशभर में तिरंगा यात्राओं और रैलियों का आयोजन
अभियान के दौरान देश के कई राज्यों और शहरों में तिरंगा यात्राएं, बाइक रैलियां और जनभागीदारी कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। दिल्ली में 12 अगस्त को उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने भारत मंडपम से हर घर तिरंगा बाइक रैली को हरी झंडी दिखाई। इस कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री और सांसद भी शामिल हुए।
इसी तरह विभिन्न मंत्रालयों, सरकारी संस्थानों और स्थानीय संगठनों की ओर से भी कार्यक्रम आयोजित हो रहे हैं। अभियान का मुख्य संदेश है कि स्वतंत्रता दिवस केवल एक सरकारी आयोजन नहीं, बल्कि आम नागरिकों की भागीदारी से मनाया जाने वाला राष्ट्रीय उत्सव बने।
तिरंगा सिर्फ ध्वज नहीं, स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान की याद
हर घर तिरंगा अभियान का संदेश केवल घर पर राष्ट्रीय ध्वज लगाने तक सीमित नहीं है। इसके जरिए नई पीढ़ी को स्वतंत्रता आंदोलन, संविधान के आदर्शों और स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान से जोड़ने की कोशिश की जा रही है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी ‘मन की बात’ में कहा कि आज भारतीयों के हाथों में जो तिरंगा है, वह असंख्य वीरों के त्याग और तपस्या की देन है और इसमें संविधान के आदर्श समाहित हैं।
इसलिए 9 से 17 अगस्त तक चल रहा Har Ghar Tiranga 2026 अभियान राष्ट्रीय गौरव, एकता और जनभागीदारी का प्रतीक बन रहा है। ‘सूर्यपथ तिरंगा’ के साथ इसकी पहुंच भारत की सीमाओं से बाहर भी हो रही है और स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर दुनिया के विभिन्न हिस्सों में तिरंगे के जरिए भारत से जुड़ाव का संदेश दिया जा रहा है।
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