यूनिवर्सिटी अनुदान आयोग (UGC) के नए नियमों को लेकर जारी विरोध के बीच केंद्र सरकार का बयान सामने आया है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने सभी अभ्यर्थियों को आश्वासन देते हुए कहा है कि किसी के साथ भी भेदभाव नहीं किया जाएगा और न ही कानून का दुरुपयोग होने दिया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी निर्णय संविधान के दायरे में ही लिए जाएंगे।
मीडिया से बातचीत के दौरान धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि वह बहुत विनम्रता से यह भरोसा दिलाना चाहते हैं कि किसी भी छात्र या अभ्यर्थी के साथ उत्पीड़न या भेदभाव नहीं होगा। उन्होंने कहा कि चाहे UGC हो, राज्य सरकार हो या फिर केंद्र सरकार—कोई भी कानून का गलत इस्तेमाल नहीं करेगा। जो भी कदम उठाए जाएंगे, वे पूरी तरह से संवैधानिक होंगे।
#WATCH | केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा, "मैं सभी को आश्वस्त करता हूं कि कोई भेदभाव नहीं होगा और कोई भी कानून का दुरुपयोग नहीं कर पाएगा।"#UGC #DharmendraPradhan #UGCEquityRules #NoDiscrimination #EducationReforms
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— One India News (@oneindianewscom) January 27, 2026
गौरतलब है कि UGC की ओर से ‘उच्च शिक्षण संस्थानों में समानता को बढ़ावा देने के नियम 2026’ लागू किए गए हैं। इन नियमों के तीसरे आदेश में SC/ST अभ्यर्थियों को संस्थानों में सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराने की बात कही गई है। इसी प्रावधान को लेकर कुछ वर्गों द्वारा सरकार पर जाति आधारित भेदभाव को बढ़ावा देने के आरोप लगाए जा रहे हैं।
इस विवाद के चलते मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है, जहां UGC के नए नियमों को चुनौती देते हुए एक याचिका दायर की गई है। अब सभी की निगाहें अदालत के रुख और सरकार के अगले कदम पर टिकी हुई हैं।
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