लेह-लद्दाख में सोमवार को रिक्टर स्केल पर 3.6 तीव्रता के भूकंप के झटके महसूस किए गए। इसका केंद्र भी लेह-लद्दाख क्षेत्र में ही बताया गया है। इससे पहले अफगानिस्तान में भी 4.2 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया था। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) ने इन भूकंपों की पुष्टि की है।
भूकंप क्यों आते हैं?
भूकंप मुख्य रूप से टेक्टोनिक प्लेटों की हलचल के कारण आते हैं। भारत में भूकंप का प्रमुख कारण हिमालय क्षेत्र में भारतीय और यूरेशियन प्लेटों के टकराव को माना जाता है। ये प्लेटें लगातार एक-दूसरे पर दबाव डालती रहती हैं, जिससे तनाव बढ़ता है और ऊर्जा के अचानक निकलने से भूकंप आता है।
भारत में उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और पूर्वोत्तर राज्य भूकंप के लिहाज से सबसे संवेदनशील क्षेत्र हैं।
EQ of M: 3.6, On: 24/03/2025 04:32:58 IST, Lat: 34.35 N, Long: 78.06 E, Depth: 10 Km, Location: Leh Ladakh, Ladakh.
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— National Center for Seismology (@NCS_Earthquake) March 23, 2025
रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता और प्रभाव
तीव्रता (रिक्टर स्केल) | प्रभाव |
---|---|
0-1.9 | केवल सीज्मोग्राफ से पता चलता है |
2-2.9 | बहुत हल्का कंपन महसूस होता है |
3-3.9 | भारी वाहन के पास से गुजरने जैसा लगता है |
4-4.9 | घर में रखा सामान गिर सकता है |
5-5.9 | भारी फर्नीचर हिल सकता है |
6-6.9 | इमारतों को नुकसान हो सकता है |
7-7.9 | इमारतें गिरने लगती हैं |
8-8.9 | भारी तबाही, सुनामी का खतरा |
9 या अधिक | सबसे भीषण तबाही |
लेह-लद्दाख में आया 3.6 तीव्रता का भूकंप हल्का था और आमतौर पर इसमें कोई बड़ी क्षति की संभावना नहीं होती। लेकिन भूकंप के झटके हिमालयी क्षेत्र की टेक्टोनिक सक्रियता को दर्शाते हैं, जिससे भविष्य में बड़े भूकंप की संभावना बनी रहती है।