अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण लगभग पूरा होने की ओर है और यह जून 2025 तक पूरी तरह से बनकर तैयार हो जाएगा। इस ऐतिहासिक मंदिर का निर्माण पूरी तरह से हिंदू समाज के सहयोग से हुआ है और इसमें सरकार की कोई आर्थिक मदद नहीं ली गई है। बल्कि, मंदिर ट्रस्ट ने सरकार को विभिन्न करों के रूप में ₹396 करोड़ का भुगतान किया है।
राम मंदिर निर्माण की स्थिति:
🔹 96% कार्य पूर्ण – जून 2025 तक शेष कार्य भी पूरा हो जाएगा।
🔹 दीवारों का निर्माण – 60% कार्य पूरा।
🔹 अब तक खर्च – ₹2150 करोड़ (हिंदुओं के दान से)।
🔹 दान की कुल राशि – ₹3500 करोड़ से अधिक।
सरकार को दिया गया कर:
✅ GST – ₹272 करोड़
✅ TDS – ₹39 करोड़
✅ अयोध्या विकास प्राधिकरण को नक्शे पास के लिए – ₹5 करोड़
✅ जमीन खरीद पर स्टांप ड्यूटी – ₹29 करोड़
✅ लेबर सेस – ₹14 करोड़
✅ ESIC – ₹7.4 करोड़
✅ बीमा प्रीमियम – ₹4 करोड़
✅ बिजली बिल – ₹10 करोड़
✅ अलग-अलग राज्यों को रॉयल्टी – ₹14.9 करोड़
श्रद्धालुओं का योगदान:
🔹 944 किलोग्राम चाँदी भेंट की गई, जिसे चाँदी की ईंटों में बदला जा रहा है।
🔹 सोने के मुकुट, कुंडल, आभूषण आदि भी मंदिर को दान में मिले हैं।
राम मंदिर निर्माण का ऐतिहासिक सफर:
📌 9 नवंबर 2019 – सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला।
📌 5 फरवरी 2020 – केंद्र सरकार द्वारा श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का गठन।
📌 5 अगस्त 2020 – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा भूमिपूजन।
📌 22 जनवरी 2024 – भगवान श्रीराम की बाल प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा।
📌 जून 2025 – मंदिर पूरी तरह तैयार होने की उम्मीद।
राम मंदिर न केवल हिंदू समाज के आस्था का प्रतीक है बल्कि इसके निर्माण से सरकार को भी आर्थिक लाभ हुआ है। श्रद्धालुओं की भक्ति और योगदान से यह भव्य मंदिर भारत की सांस्कृतिक विरासत को नई ऊँचाई दे रहा है।