बांग्लादेश के रंगपुर डिवीजन में भगवान राम की निर्माणाधीन प्रतिमा को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। हाल के दिनों में प्रतिमा निर्माण के विरोध और कथित धमकियों के बाद अब सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो वायरल हुए हैं, जिनमें प्रदर्शनकारियों द्वारा भगवान राम के पोस्टर और बैनरों के साथ आपत्तिजनक व्यवहार किए जाने का दावा किया जा रहा है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, गाईबांधा क्षेत्र में जुमे की नमाज के बाद कुछ इस्लामी संगठनों और स्थानीय समूहों ने विरोध प्रदर्शन किया। वायरल वीडियो में प्रदर्शनकारियों को भगवान राम की तस्वीर वाले पोस्टरों के साथ विरोध जताते हुए देखा जा सकता है। हालांकि, वायरल वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि आधिकारिक स्तर पर नहीं हुई है।
मंदिर समिति ने रोका प्रतिमा निर्माण कार्य
विवाद और बढ़ते तनाव के बीच स्थानीय हिंदू मंदिर समिति ने फिलहाल भगवान राम की प्रतिमा का निर्माण कार्य रोकने का फैसला लिया है। समिति के एक सदस्य ने मीडिया से बातचीत में कहा कि सांप्रदायिक सौहार्द और सामाजिक शांति बनाए रखने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है।
समिति ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए प्रतिमा निर्माण अस्थायी रूप से स्थगित किया गया है। भविष्य में स्थानीय समुदाय, प्रशासन और अन्य संबंधित पक्षों से चर्चा के बाद आगे की रणनीति तय की जाएगी।
जुम्मा नमाज के बाद जिहादियों ने सड़कों पर उतरकर राम मूर्ति को नष्ट करने की मांग की है।
वे खुले आम भगवान राम की तस्वीर वाले बैनरों पर चप्पलों और जूतों से मार रहे हैं।
क्या यह हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं को ठेस नहीं पहुंचाता? #RamMandir #JaiShriRam #SanatanDharma… pic.twitter.com/ktLNmhE5Ze
— One India News (@oneindianewscom) June 13, 2026
पहले भी मिल चुकी थीं विरोध और धमकियों की खबरें
इससे पहले भी प्रतिमा निर्माण को लेकर विरोध प्रदर्शन और धमकियों की खबरें सामने आई थीं। कुछ कट्टरपंथी समूहों ने सार्वजनिक रूप से प्रतिमा निर्माण का विरोध किया था। सोशल मीडिया पर कई विवादित बयान भी वायरल हुए थे, जिनके बाद स्थानीय प्रशासन की भूमिका और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चर्चा तेज हो गई।
धार्मिक स्वतंत्रता और सामाजिक सौहार्द पर बहस
इस पूरे घटनाक्रम ने बांग्लादेश में धार्मिक स्वतंत्रता, अल्पसंख्यक समुदायों की सुरक्षा और सांप्रदायिक सद्भाव को लेकर नई बहस छेड़ दी है। मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और सामाजिक संगठनों का कहना है कि किसी भी धार्मिक समुदाय को अपने पूजा स्थलों और धार्मिक प्रतीकों के संरक्षण का अधिकार मिलना चाहिए।
वहीं स्थानीय प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों से बचने की अपील की है। प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
स्थिति पर बनी हुई है नजर
फिलहाल प्रतिमा निर्माण कार्य स्थगित है और क्षेत्र में स्थिति पर नजर रखी जा रही है। आने वाले दिनों में स्थानीय प्रशासन, मंदिर समिति और विभिन्न सामाजिक संगठनों की बैठकों के बाद आगे का फैसला लिया जा सकता है।
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