कर्नाटक सरकार द्वारा बेंगलुरु पुलिस कमिश्नर बी दयानंद को चिन्नास्वामी स्टेडियम भगदड़ मामले में सस्पेंड किए जाने के बाद पूरे राज्य में राजनीतिक और सामाजिक हलचल मच गई है। 4 जून को आरसीबी की जीत का जश्न मनाने के दौरान स्टेडियम के बाहर भारी भीड़ जमा हो गई, जिससे मची भगदड़ में 11 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। इसके अगले ही दिन, 5 जून तक अपने पद पर कार्यरत बी दयानंद को निलंबित कर दिया गया। इस निर्णय को लेकर न सिर्फ आईपीएस एसोसिएशन ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है, बल्कि सोशल मीडिया पर भी उनके पक्ष में एक जबरदस्त अभियान छेड़ दिया गया है।
सोशल मीडिया पर #IStandWithBDayanand ट्रेंड कर रहा है, जहां आम नागरिक, पूर्व पुलिस अधिकारी और विभिन्न राजनीतिक दल उनके समर्थन में आवाज़ उठा रहे हैं। आईपीएस एसोसिएशन के अनुसार, बी दयानंद को बलि का बकरा बनाया गया है जबकि कार्यक्रम के आयोजन की जानकारी सरकार के उच्च स्तर तक थी। सूत्रों के मुताबिक, पुलिस कमिश्नर ने पहले ही सरकार को चेतावनी दी थी और सुझाव दिया था कि लॉजिस्टिक्स के दबाव को देखते हुए कार्यक्रम को रविवार को आयोजित किया जाए, परंतु इसे अनदेखा कर दिया गया।
राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी तेज़ हो गए हैं। बीजेपी ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर लिखा, “कर्नाटक के इतिहास में पहली बार, निर्दयी हत्यारे शीर्ष पुलिस अधिकारियों को दंडित कर रहे हैं”, जबकि जेडी(एस) ने सीधे डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार को जिम्मेदार ठहराया और उनके इस्तीफे की मांग की। इसके चलते सोशल मीडिया पर #ArrestDCM, #StepdownDCM और #ResignDCM जैसे हैशटैग ट्रेंड कर रहे हैं।
पुलिस विभाग के भीतर भी इस फैसले से असंतोष है। सूत्रों के मुताबिक, बेंगलुरु के पुलिसकर्मी विरोध स्वरूप काली पट्टी बांधने पर विचार कर रहे हैं। इसी बीच, बी दयानंद के समर्थन में एक ऑनलाइन याचिका भी शुरू हो चुकी है, जिसमें सरकार से उनके निलंबन का फैसला वापस लेने की मांग की गई है।
बी दयानंद की ईमानदारी, अनुशासन और कार्यकुशलता को लेकर कई लोगों ने उन्हें एक आदर्श पुलिस अधिकारी बताया है। इस घटना ने जहां सरकार को कटघरे में खड़ा कर दिया है, वहीं यह सवाल भी उठा दिया है कि जब कार्यक्रम की जानकारी और अनुमति सरकार स्तर पर थी, तो फिर सिर्फ पुलिस को ही दोष क्यों दिया गया। फिलहाल, बी दयानंद को मिले इस व्यापक समर्थन ने सरकार के फैसले पर दबाव बढ़ा दिया है और यह देखना अहम होगा कि आगे क्या निर्णय लिया जाता है।