देशभर के करोड़ों रेल यात्रियों के लिए एक बड़ी राहत की खबर सामने आई है। भारतीय रेलवे ने तत्काल टिकट बुकिंग प्रणाली में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए एक नया नियम लागू करने का निर्णय लिया है, जिसके तहत 1 जुलाई 2025 से आधार वेरिफिकेशन अनिवार्य कर दिया जाएगा। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि तत्काल योजना का वास्तविक लाभ आम यात्रियों को मिले, न कि दलालों और टिकट एजेंटों को, जो अब तक अवैध रूप से टिकट ब्लॉक कर ब्लैक मार्केटिंग करते रहे हैं।
रेल मंत्रालय द्वारा 10 जून 2025 को जारी किए गए आधिकारिक निर्देशों के अनुसार, अब केवल आधार प्रमाणित यूजर्स ही तत्काल टिकट बुक कर सकेंगे और यह बुकिंग केवल IRCTC की आधिकारिक वेबसाइट या मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से ही संभव होगी। इसके साथ ही 15 जुलाई 2025 से एक अतिरिक्त सुरक्षा परत के रूप में आधार-आधारित ओटीपी प्रमाणीकरण भी अनिवार्य कर दिया जाएगा। इसका मतलब है कि तत्काल टिकट बुक करते समय यात्रियों को उनके आधार से लिंक मोबाइल नंबर पर भेजे गए OTP को दर्ज कर प्रमाणन करना होगा।
रेलवे ने टिकट दलालों की गतिविधियों पर नकेल कसने के लिए एजेंट बुकिंग विंडो में बदलाव भी किया है। अब एसी श्रेणियों की तत्काल बुकिंग के लिए एजेंट विंडो सुबह 10:30 बजे खुलेगी, जबकि सामान्य यात्री इसकी शुरुआत 10:00 बजे से कर सकेंगे। इसी तरह, नॉन-एसी श्रेणियों के लिए यात्रियों के लिए बुकिंग 11:00 बजे शुरू होगी और एजेंटों के लिए 11:30 बजे से। इस आधे घंटे के अंतर से आम यात्रियों को पहले मौका मिलेगा और एजेंटों की अनावश्यक हस्तक्षेप से राहत मिल सकेगी।
रेलवे सूचना प्रणाली केन्द्र (CRIS) और IRCTC को इस निर्णय को लागू करने के लिए प्रणाली में जरूरी तकनीकी बदलाव करने के निर्देश दे दिए गए हैं। साथ ही सभी जोनल रेलवे को इन परिवर्तनों की जानकारी साझा करने के आदेश भी जारी कर दिए गए हैं। जानकारों का मानना है कि यह कदम न सिर्फ तत्काल टिकट की उपलब्धता को बेहतर बनाएगा, बल्कि दलालों द्वारा टिकट की ब्लैक मार्केटिंग पर भी बड़ी रोक लगेगी।
कुल मिलाकर, रेलवे का यह निर्णय डिजिटल सुरक्षा, पारदर्शिता और आम यात्रियों के हितों की रक्षा की दिशा में एक बड़ा और साहसिक कदम माना जा रहा है, जो डिजिटल इंडिया की सोच को भी मजबूती देता है।