पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच जारी संघर्ष ने खतरनाक मोड़ ले लिया है। अफगान तालिबान की सेना ने डूरंड लाइन पार कर पाकिस्तान की 30 से अधिक सैन्य चौकियों पर कब्ज़ा करने का दावा किया है। इस दौरान 100 से ज्यादा पाकिस्तानी सैनिकों के मारे जाने की खबरें सामने आई हैं।
तालिबान के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, कंधार के स्पिन बोल्डक, शोराबक और जाबुल प्रांतों में पाकिस्तानी चौकियों को ध्वस्त कर अफगान झंडा फहराया गया है। बताया जा रहा है कि अब तक 8 प्रमुख पोस्ट सहित 30 से ज्यादा चौकियां तालिबान के नियंत्रण में हैं।
डूरंड लाइन पर बढ़ा तनाव
डूरंड लाइन, जो पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच विवादित सीमा मानी जाती है, एक बार फिर संघर्ष का केंद्र बन गई है। तालिबान का दावा है कि उनकी एयरफोर्स और जमीनी सेना ने पाकिस्तान के 4 ड्रोन और एक फाइटर जेट को मार गिराया।
जलालाबाद में कथित तौर पर एक पाकिस्तानी पायलट को पैराशूट से उतरने के बाद पकड़ लिया गया। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हो सकी है।
नूर खान एयरबेस और क्वेटा में ड्रोन हमले
तालिबान ने रावलपिंडी स्थित नूर खान एयरबेस के कमांड एंड कंट्रोल सेंटर पर ड्रोन हमला करने का दावा किया है। यह एयरबेस पाकिस्तान की रणनीतिक दृष्टि से बेहद अहम सैन्य स्थापना मानी जाती है।
इसके अलावा, बलूचिस्तान के क्वेटा में पाकिस्तान की 12वीं डिवीजन हेडक्वार्टर और पक्तिका क्षेत्र में आर्मर्ड टैंकों को निशाना बनाए जाने की भी खबर है।
राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी का बयान
इस घटनाक्रम के बीच पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने संसद में भारत पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि भारत युद्ध की तैयारी कर रहा है और सिंधु जल संधि के मुद्दे पर ‘जल-आतंकवाद’ कर रहा है।
जरदारी ने कश्मीर मुद्दे पर भी भारत से बातचीत की अपील की। वहीं संसद में विपक्षी दल पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के सांसदों ने इमरान खान की रिहाई को लेकर नारेबाजी की, जिससे संसद में भारी हंगामा हुआ।
दोतरफा संकट में पाकिस्तान
पाकिस्तान इस समय दोहरी चुनौती का सामना कर रहा है। एक ओर तालिबान सीमा पर आक्रामक रुख अपनाए हुए है, वहीं दूसरी ओर देश के भीतर राजनीतिक अस्थिरता बढ़ती जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हालात काबू में नहीं आए, तो यह संघर्ष पूरे क्षेत्र की सुरक्षा और स्थिरता के लिए गंभीर खतरा बन सकता है।