झारखंड के साहिबगंज में हुए इस भीषण रेल हादसे के पीछे कई संभावित कारण हो सकते हैं। प्रारंभिक जानकारी के आधार पर, यह दुर्घटना फरक्का-ललमटिया एमजीआर रेलवे लाइन पर तब हुई जब एक खाली मालगाड़ी पहले से खड़ी थी और पीछे से कोयला लदी दूसरी मालगाड़ी ने उसे टक्कर मार दी।
संभावित कारण:
- सिग्नल या संचार में गड़बड़ी – अगर खड़ी मालगाड़ी की जानकारी आगे बढ़ रही ट्रेन के लोको पायलट को सही समय पर नहीं मिली, तो यह हादसा हो सकता है।
- ब्रेक फेलियर – कोयला लदी मालगाड़ी का ब्रेक ठीक से काम नहीं कर रहा हो सकता, जिससे वह खाली ट्रेन से टकरा गई।
- लोको पायलट की गलती – अगर ट्रेन चालक को पहले से खड़ी ट्रेन की सही लोकेशन का अंदाजा नहीं था, तो यह मानवीय त्रुटि भी हो सकती है।
- रात के समय दृश्यता की कमी – हादसा तड़के 3:30 बजे हुआ, जब दृश्यता कम होती है, जिससे ट्रेन चालकों को ट्रैक की स्थिति का सही अंदाजा न लग पाया हो।
- तकनीकी खराबी – रेलवे ट्रैक पर किसी तकनीकी गड़बड़ी के कारण भी यह दुर्घटना हो सकती है।
ताजा स्थिति:
- हादसे में दो लोको पायलट और एक अन्य रेलकर्मी की मौत हो गई।
- चार से पांच अन्य रेलकर्मी घायल हुए, जिनका इलाज बरहेट सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में हो रहा है।
- मालगाड़ी के इंजन में आग लग गई, जिसे बुझाने के लिए राहत और बचाव दल मौके पर पहुंच चुका है।
- रेलवे प्रशासन और स्थानीय प्रशासन मामले की जांच कर रहे हैं।
रेलवे द्वारा संभावित जांच के पहलू:
- ब्लैक बॉक्स डेटा (इवेंट रिकॉर्डर) की जांच की जाएगी ताकि यह पता चले कि लोको पायलट ने ब्रेक लगाने की कोशिश की थी या नहीं।
- सिग्नलिंग सिस्टम की समीक्षा की जाएगी कि कहीं कोई गलती तो नहीं हुई।
- लोको पायलटों और अन्य कर्मचारियों की शिफ्ट और थकान स्तर की भी जांच होगी।
यह हादसा रेलवे सुरक्षा मानकों को और मजबूत करने की जरूरत को दर्शाता है। क्या आप इस घटना से जुड़ी कोई और जानकारी चाहते हैं?