झारखंड की राजधानी रांची के पिठोरिया थाना क्षेत्र में सरना पंथ के प्रमुख त्योहार सरहुल की शोभायात्रा पर हमले की खबर से माहौल गरम हो गया है। मंगलवार, 1 अप्रैल 2025 को दोपहर करीब 4 बजे हेठबालू इलाके में निकली शोभायात्रा पर हमला किया गया, जिसमें 8 से अधिक लोग घायल हुए हैं।
क्या है पूरा मामला?
🔸 सरहुल जनजातीय समाज का एक महत्वपूर्ण त्योहार है, जिसमें लोग प्रकृति की पूजा करते हैं और परंपरागत नृत्य करते हैं।
🔸 शोभायात्रा के दौरान सड़क के किनारे लगी बिजली की लड़ी और सरना झंडा लगाने को लेकर दो समुदायों में विवाद शुरू हो गया।
🔸 पहले से तनाव था, क्योंकि एक दिन पहले भी दोनों पक्षों में झड़प हुई थी।
🔸 विवाद बढ़ने के बाद लाठी-डंडे और पत्थर चले, जिससे कई लोग घायल हो गए।
हेमंत सोरेन के शासन में समुदाय विशेष का दुस्साहस इतना बढ़ गया है कि कल रांची के पिठौरिया में सरहुल पर्व के उत्सव में बाधा पहुंचाई गई और पवित्र झंडे का अपमान किया गया।@HemantSorenJMM जी, फिर एक नौटंकी करिये। जैस आपने पहले सरना स्थल आंदोलनकारियों पर मुक़दमा दर्ज कराया, फिर कारवाई… pic.twitter.com/kTh8ngw1Ny
— Babulal Marandi (@yourBabulal) April 2, 2025
घायलों की सूची
जनजातीय समाज के घायल:
✅ नगदेव पाहन
✅ रवि मुंडा
✅ करण मुंडा
✅ संदीप मुंडा
✅ अरविंद मुंडा
✅ अजय मुंडा
✅ विजय मुंडा
मुस्लिम पक्ष का दावा:
🔹 उनकी ओर से 4 लोग घायल हुए हैं।
🔹 आरिफ अंसारी पर हथियार लहराने का आरोप लगा, जिसे पुलिस ने हिरासत में लिया है।
पुलिस और प्रशासन की प्रतिक्रिया
👮 डीएसपी अमर कुमार पांडेय ने बताया कि साज-सज्जा को लेकर झड़प हुई थी और स्थिति अब नियंत्रण में है।
👮 घटनास्थल पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है, ताकि आगे कोई अप्रिय घटना न हो।
👮 पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है, लेकिन किसी गिरफ्तारी की पुष्टि अभी नहीं हुई है।
बाबूलाल मरांडी का हेमंत सोरेन सरकार पर हमला
झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा नेता बाबूलाल मरांडी ने इस घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया दी:
🚨 “हेमंत सोरेन के राज में समुदाय विशेष का दुस्साहस बढ़ गया है।”
🚨 “सरना स्थलों की रक्षा नहीं हो पा रही, न ही सरहुल उत्सव की सुरक्षा।”
🚨 “जनजातीय समाज को राजनीतिक रूप से भ्रमित किया जा रहा है।”
🚨 उन्होंने रांची पुलिस से उपद्रवियों पर तुरंत सख्त कार्रवाई की मांग की।
मामला अभी भी गरम, स्थिति पर नजर
इस घटना ने रांची में सांप्रदायिक तनाव बढ़ा दिया है। हालांकि पुलिस स्थिति को नियंत्रित करने की बात कह रही है, लेकिन जनजातीय समाज के लोग न्याय और कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। आगे देखना होगा कि प्रशासन क्या कदम उठाता है और क्या आरोपियों पर ठोस कार्रवाई होती है।