आरएसएस की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की बैठक बेंगलुरु में शुरू
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की निर्णय लेने वाली सर्वोच्च संस्था, अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की तीन दिवसीय बैठक आज, 21 मार्च से 23 मार्च तक बेंगलुरु में आयोजित की जा रही है। इस बैठक में 1,482 प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं।
बैठक के प्रमुख बिंदु:
✔ आरएसएस के शताब्दी समारोह की तैयारियां
✔ बांग्लादेश में हिंदुओं और अल्पसंख्यकों पर अत्याचार
✔ आरएसएस और उससे जुड़े संगठनों की कार्ययोजना
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा बैठक (21-23 मार्च) का शुभारम्भ आज प्रातः 9:00 बजे बेंगलूरु में पू. सरसंघचालक मोहन भागवत जी और मा. सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले जी ने भारत माता के चित्र पर पुष्पार्चन कर की। बैठक में लगभग 1450 प्रतिनिधि उपस्थित हैं। pic.twitter.com/Shj6t1k2F9
— RSS (@RSSorg) March 21, 2025
बैठक में भाग लेने वाले प्रमुख नेता:
बैठक में आरएसएस से जुड़े 32 संगठनों के अध्यक्ष और महासचिव भाग ले रहे हैं, जिनमें प्रमुख रूप से:
🔹 भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी. नड्डा
🔹 भाजपा के महासचिव बी.एल. संतोष
🔹 संघ के महासचिव दत्तात्रेय होसबोले
चार साल बाद बेंगलुरु में बैठक का आयोजन
आरएसएस के मुख्य प्रवक्ता सुनील आंबेकर ने बताया कि यह बैठक चार साल बाद बेंगलुरु में आयोजित की जा रही है। संघ महासचिव दत्तात्रेय होसबोले बैठक में संघ द्वारा किए गए कार्यों और भविष्य की योजनाओं का विस्तृत विवरण प्रस्तुत करेंगे।
बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार पर चर्चा
आरएसएस कार्यकारी समिति बांग्लादेश में हिंदुओं और अन्य अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचारों पर प्रस्ताव पारित करेगी।
🔹 हिंदुओं की सुरक्षा, सम्मान और संवेदनशीलता सुनिश्चित करने के उपायों पर चर्चा होगी।
🔹 कार्यकारी समिति की मंजूरी के बाद इस प्रस्ताव को कोर कमेटी के सामने पेश किया जाएगा।
संघ की आगे की रणनीति
इस बैठक में आरएसएस की भूमिका और उसकी भविष्य की योजनाओं पर विस्तार से चर्चा होगी।
संघ प्रवक्ता आंबेकर के अनुसार,
🔹 संघ के क्षेत्रीय प्रमुख अपने कार्यों और भविष्य की योजनाओं को प्रस्तुत करेंगे।
🔹 संगठन के शताब्दी समारोह की तैयारियों पर रणनीति बनाई जाएगी।
अगले तीन दिनों में यह बैठक संघ की भावी योजनाओं और नीतियों को तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।