click
One India News
  • Home
  • Top News
  • India
  • World
  • Elections
  • Cricket
  • Podcast
  • Business
  • Technology
  • Entertainment
  • Lifestyle
  • Education
Reading: केरल वक्फ बोर्ड ने 3 गाँवों की 400 एकड़ जमीन पर ठोका दावा, 600 परिवारों पर मंडराया संकट, विरोध में उतरा चर्च
Share
Aa
One India News
Aa
  • Top News
  • India
  • World
  • Elections
  • Cricket
  • Podcast
  • Business
  • Technology
  • Entertainment
  • Lifestyle
  • Education
  • Sports
  • Health
  • Agriculture
  • Religious
  • Utilitiy
Search
  • વિષયો
    • Top News
    • India
    • World
    • Elections
    • Cricket
    • Podcast
    • Business
    • Technology
    • Entertainment
    • Lifestyle
    • Education
    • Sports
    • Health
    • Agriculture
    • Utilitiy
    • Religious
Follow US
  • Advertise
© 2023 One India News. All Rights Reserved.
One India News > News > Kerala > केरल वक्फ बोर्ड ने 3 गाँवों की 400 एकड़ जमीन पर ठोका दावा, 600 परिवारों पर मंडराया संकट, विरोध में उतरा चर्च
KeralaTop News

केरल वक्फ बोर्ड ने 3 गाँवों की 400 एकड़ जमीन पर ठोका दावा, 600 परिवारों पर मंडराया संकट, विरोध में उतरा चर्च

बीजेपी ने भी इस आंदोलन का समर्थन किया है, जिससे यह विवाद राजनीतिक रंग ले रहा है। पार्टी का कहना है कि यह केवल एक भूमि विवाद नहीं, बल्कि एक साजिश का हिस्सा है जिसमें चरमपंथी तत्व शामिल हैं।

Last updated: 2024/09/28 at 11:07 AM
One India News Team
Share
8 Min Read
SHARE

केरल में कोच्चि के उपनगरीय इलाकों मुनम्बम और चेराई गाँवों 400 एकड़ जमीन को लेकर गंभीर विवाद उभर आया है, जहाँ लगभग 600 परिवारों की जमीन पर वक्फ बोर्ड ने अवैध दावा कर दिया है। यह मामला धीरे-धीरे राज्य की सीमाओं को पार कर अब राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है। इस विवाद में मुख्य रूप से मुनम्बम, चेराई, और पल्लिकाल द्वीप के इलाके शामिल हैं, जो कई दशकों से इन परिवारों की संपत्ति रही है। अब यह इलाका वक्फ बोर्ड की नज़र में है, जिससे इन परिवारों को अपनी जमीन खोने का डर सताने लगा है।

Contents
वक्फ बोर्ड का दावा और विरोध की शुरुआतसाल 1902 तक जाती है विवाद की जड़वक्फ बोर्ड ने साल 2019 में किया जमीनों पर दावा

वक्फ बोर्ड का दावा और विरोध की शुरुआत

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, करीब पाँच साल पहले साल 2019 वक्फ बोर्ड ने दावा किया कि मुनम्बम, चेराई और पल्लिकाल के इलाके उनकी संपत्ति हैं। यह इलाका न केवल केरल के 600 से अधिक परिवारों का घर है, बल्कि यहाँ विभिन्न धर्मों के लोग रहते हैं, जिनके पास 1989 से जमीन के वैध कागजात हैं। इसके बावजूद, वक्फ बोर्ड ने इस इलाके पर अपना दावा ठोक दिया। इन परिवारों ने अपनी जमीन को वैध रूप से खरीदा था, लेकिन अब उन्हें जबरन खाली करने के आदेश दिए जा रहे हैं, जो उनके संवैधानिक अधिकारों का स्पष्ट उल्लंघन है।

केरल कैथोलिक बिशप्स काउंसिल (KCBC) और सायरो-मालाबार पब्लिक अफेयर्स कमीशन (SMPAC) ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए लोकसभा सचिवालय के सामने रखा है। दोनों संगठनों ने सरकार से वक्फ कानूनों में संशोधन की मांग की है, ताकि इस प्रकार के अवैध दावे भविष्य में न हों। इन संगठनों के प्रमुखों कार्डिनल बासेलियोस क्लेमिस और आर्कबिशप मार एंड्रूज़ थाझाथ ने अपने पत्रों में कहा, “किसी भी नागरिक के संपत्ति के अधिकार और गरिमा का उल्लंघन नहीं होना चाहिए। यह समिति की जिम्मेदारी है कि वह कानून को निष्पक्ष और न्यायपूर्ण तरीके से लागू करे।”

साल 1902 तक जाती है विवाद की जड़

विवाद की जड़ 1902 में जाती है, जब त्रावणकोर के राजा ने गुजरात से आए एक किसान अब्दुल सत्तार मूसा हाजी सेठ को 404 एकड़ जमीन और 60 एकड़ जल क्षेत्र पट्टे पर दिया था। उस समय, यह जमीन मछुआरों के लिए अलग रखी गई थी, जो वहाँ कई वर्षों से रह रहे थे। 1948 में सेठ के उत्तराधिकारी सिद्दीक सेठ ने यह जमीन पंजीकृत करवा ली थी। इस जमीन का एक बड़ा हिस्सा समुद्री कटाव के कारण खो गया, और 1934 की भारी बारिश ने पांडरा समुद्र किनारे की जमीन को पूरी तरह नष्ट कर दिया था। लेकिन सिद्दीक सेठ द्वारा पंजीकृत जमीन में मछुआरों के रहने वाले इलाके भी शामिल हो गए।

1950 में सिद्दीक सेठ ने यह जमीन फरोख कॉलेज को उपहार स्वरूप दे दी, लेकिन शर्त यह थी कि कॉलेज केवल शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए ही इसका उपयोग करेगा। अगर कभी कॉलेज बंद हो जाता है, तो जमीन वापस सेठ के वंशजों को लौटाई जाएगी। लेकिन दस्तावेजों में गलती से या जानबूझकर ‘वक्फ’ शब्द लिख दिया गया, जिससे अब यह विवाद खड़ा हो गया है।

वक्फ बोर्ड ने साल 2019 में किया जमीनों पर दावा

हालाँकि, वक्फ बोर्ड ने पहली बार 2019 में इस जमीन पर दावा किया, जब उन्होंने कहा कि यह जमीन वक्फ संपत्ति है। लेकिन इस दावे से पहले किसी भी कानूनी प्रक्रिया के तहत स्थानीय निवासियों को कोई जानकारी नहीं दी गई थी। KCBC के सोशल हार्मनी और विजिलेंस कमीशन के सचिव फ्र. माइकल पुलिकल ने बताया, “पहले ही निवासियों ने इस जमीन पर अपने अधिकार प्रमाण पत्र तालुक कार्यालय से प्राप्त कर लिए थे, जिससे उन्हें बिजली और पानी जैसी सुविधाएँ प्राप्त होती थीं। लेकिन अचानक वक्फ बोर्ड का दावा उनके लिए संकट बन गया।”

इस मामले ने राजनीतिक रंग भी ले लिया है। 27 सितंबर को मुनम्बम के वंची स्क्वायर में एक बड़े प्रदर्शन का आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों लोग शामिल हुए। इसके साथ ही, भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने इस विवाद में चर्च और स्थानीय निवासियों का समर्थन करने की घोषणा की है। बीजेपी नेता शौन जॉर्ज ने कहा, “मुनम्बम भू-समरक्षण समिति द्वारा आयोजित विरोध प्रदर्शन को हमारी पार्टी का पूरा समर्थन रहेगा।”

बीजेपी का कहना है कि यह मामला केवल जमीन के अधिकारों का नहीं है, बल्कि इससे बड़ी साजिश का हिस्सा है, जिसमें ‘चरमपंथी’ तत्वों का हाथ हो सकता है। बीजेपी जिला अध्यक्ष के.एस. शैजू और प्रवक्ता के.वी.एस. हरिदास ने कहा कि यह मुद्दा न केवल स्थानीय निवासियों का है, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर इसे उठाया जाना चाहिए। पार्टी ने यह भी माँग की कि वक्फ बोर्ड द्वारा किए गए दावे की जाँच होनी चाहिए, ताकि यह पता चल सके कि इसमें किन-किन चरमपंथी तत्वों की भूमिका है।

Delhi: BJP Leader Anoop Antony Joseph says, "Today, when the Waqf bill is being discussed across the country, it is very important for the people of the country to know about a significant injustice happening in Kerala. A big conspiracy and effort are underway to grab the land of… pic.twitter.com/EovVmvKIJa

— IANS (@ians_india) September 27, 2024

बीजेपी की राज्य इकाई ने केरल कैथोलिक बिशप्स काउंसिल और सायरो-मालाबार चर्च द्वारा वक्फ एक्ट संशोधन के समर्थन का स्वागत किया है। बीजेपी नेताओं ने कहा कि यह मामला केवल ईसाई समुदाय का नहीं है, बल्कि इससे अन्य धर्मों के लोग भी प्रभावित हो सकते हैं। पार्टी ने संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (UDF) और वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (LDF) से भी इस पर अपना रुख स्पष्ट करने की माँग की है।

इस विवाद को लेकर राजनीतिक और धार्मिक संगठनों के बीच एक अनूठा गठजोड़ बनता दिख रहा है। बीजेपी के नेताओं का मानना है कि अगर वक्फ एक्ट में उचित संशोधन नहीं किया गया, तो इससे भविष्य में और भी कई ऐसे विवाद उत्पन्न हो सकते हैं। दूसरी ओर, चर्च और ईसाई संगठन भी इस मुद्दे पर सक्रिय हो गए हैं, जिससे यह मामला राष्ट्रीय स्तर पर गर्म हो चुका है।

दिल्ली में बीजेपी नेता अनूप एंटनी जोसफ ने कहा, “आज जब पूरे देश में वक्फ बिल पर चर्चा हो रही है, तो लोगों को यह जानना जरूरी है कि केरल में 600 से ज्यादा परिवारों के साथ बड़ा अन्याय हो रहा है।”

जैसे-जैसे यह मामला गरमा रहा है, राज्य और केंद्र सरकार दोनों पर दबाव बढ़ता जा रहा है कि वे इस विवाद का समाधान निकालें। एक तरफ, बीजेपी और चर्च की एकजुटता ने इस मामले को नया आयाम दिया है, वहीं दूसरी ओर, स्थानीय निवासियों का भविष्य अधर में लटक गया है। वक्फ बोर्ड और स्थानीय प्रशासन के बीच संवादहीनता ने इस विवाद को और जटिल बना दिया है। वक्फ एक्ट में संशोधन की माँग जोर पकड़ रही है, और यह देखना दिलचस्प होगा कि सरकार इस पर क्या कदम उठाती है।

 

 

You Might Also Like

रामपुर में प्रशासन की बड़ी कार्रवाई: कर्बला दर्ज भूमि की प्रविष्टि निरस्त, 1 करोड़ से अधिक कीमत की सरकारी जमीन कराई कब्जामुक्त

CM योगी ने लखनऊ से इलेक्ट्रिक बसों को दिखाई हरी झंडी, विकास और सुशासन को बताया सबसे बड़ी उपलब्धि

सुप्रीम कोर्ट से कांग्रेस नेता मीनाक्षी नटराजन को झटका, राज्यसभा नामांकन रद्द करने के खिलाफ याचिका खारिज

विकासनगर में 11 साल की बच्ची से छेड़छाड़, पानी मांगने के बहाने घर में घुसा था मनसब अली, रंगे हाथ गिरफ्तार

₹370 बिरयानी विवाद में बड़ा एक्शन: कॉमेडियन प्रणित मोरे, डॉ. सेजल पवार समेत कई लोगों पर FIR, महाराष्ट्र साइबर सेल की कार्रवाई

TAGGED: @bjpindia, @india, BJP, Breaking news, church, hindi news, Kerala, Kerala Waqf Board, latest hindi news, latest news, Narendra Modi, newschannelinindia, oneindianews, top news, Waqf Board, आंदोलन, केरल, केरल वक्फ बोर्ड, बीजेपी, बीजेपी सरकार

Sign Up For Daily Newsletter

Be keep up! Get the latest breaking news delivered straight to your inbox.
[mc4wp_form]
By signing up, you agree to our Terms of Use and acknowledge the data practices in our Privacy Policy. You may unsubscribe at any time.
One India News Team September 28, 2024
Share this Article
Facebook Twitter Whatsapp Whatsapp Telegram Copy Link
Share
Previous Article ओडिशा के भद्रक में सोशल मीडिया पोस्ट पर भड़की हिंसा, इस्लामी कट्टरपंथियों ने किया पथराव
Next Article कुलगाम एनकाउंटर में सेना के 3 जवान घायल, जम्मू-कश्मीर पुलिस का 1 अधिकारी भी जख्मी, आतंकियों की खोज जारी

ad1 300×250

Stay Connected

235.3k Followers Like
69.1k Followers Follow
56.4k Followers Follow
136k Subscribers Subscribe
- Advertisement -

Latest News

रामपुर में प्रशासन की बड़ी कार्रवाई: कर्बला दर्ज भूमि की प्रविष्टि निरस्त, 1 करोड़ से अधिक कीमत की सरकारी जमीन कराई कब्जामुक्त
India Top News Uttar Pradesh June 12, 2026
CM योगी ने लखनऊ से इलेक्ट्रिक बसों को दिखाई हरी झंडी, विकास और सुशासन को बताया सबसे बड़ी उपलब्धि
India Top News Uttar Pradesh June 12, 2026
सुप्रीम कोर्ट से कांग्रेस नेता मीनाक्षी नटराजन को झटका, राज्यसभा नामांकन रद्द करने के खिलाफ याचिका खारिज
Elections India Top News June 12, 2026
विकासनगर में 11 साल की बच्ची से छेड़छाड़, पानी मांगने के बहाने घर में घुसा था मनसब अली, रंगे हाथ गिरफ्तार
India Top News Uttarakhand June 12, 2026

We influence 20 million users and is the number one business and technology news network on the planet

  • Andaman Nicobar
  • Andhra Pradesh
  • Arunachal Pradesh
  • Assam
  • Bihar
  • Chandigarh
  • Chhattisgarh
  • Delhi
  • Goa
  • Haryana
  • Himachal Pradesh
  • Jammu and Kashmir
  • Jharkhand
  • Karnataka
  • Kerala
  • Ladakh
  • Madhya Pradesh
  • Maharashtra
  • Manipur
  • Meghalaya
  • Mizoram
  • Nagaland
  • Odisha
  • Punjab
  • Rajasthan
  • Sikkim
  • Tamil Nadu
  • West Bengal
  • Telangana
  • Tripura
  • Uttar Pradesh
  • Uttarakhand
  • Andaman Nicobar
  • Andhra Pradesh
  • Arunachal Pradesh
  • Assam
  • Bihar
  • Chandigarh
  • Chhattisgarh
  • Delhi
  • Goa
  • Haryana
  • Himachal Pradesh
  • Jammu and Kashmir
  • Jharkhand
  • Karnataka
  • Kerala
  • Ladakh
  • Madhya Pradesh
  • Maharashtra
  • Manipur
  • Meghalaya
  • Mizoram
  • Nagaland
  • Odisha
  • Punjab
  • Rajasthan
  • Sikkim
  • Tamil Nadu
  • West Bengal
  • Telangana
  • Tripura
  • Uttar Pradesh
  • Uttarakhand

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

Loading
One India News
Follow US

© 2023 One India News. All Rights Reserved.

  • Privacy Policy

We use cookies to personalise content and ads, to provide social media features and to analyse our traffic. We also share information about your use of our site with our social media, advertising and analytics partners who may combine it with other information that you’ve provided to them or that they’ve collected from your use of their services. .

Removed from reading list

Undo
Welcome Back!

Sign in to your account

Register Lost your password?
One India News
Powered by  GDPR Cookie Compliance
Privacy Overview

This website uses cookies so that we can provide you with the best user experience possible. Cookie information is stored in your browser and performs functions such as recognising you when you return to our website and helping our team to understand which sections of the website you find most interesting and useful.

Strictly Necessary Cookies

Strictly Necessary Cookie should be enabled at all times so that we can save your preferences for cookie settings.