मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले में धर्मांतरण रैकेट का भंडाफोड़ होना इस बात का संकेत है कि राज्य में गैर-कानूनी धर्मांतरण गिरोह सक्रिय हैं।
सिंगरौली धर्मांतरण मामला – मुख्य बिंदु:
📍 स्थान: माड़ा थाना क्षेत्र, सिंगरौली
📍 गिरफ्तार आरोपी:
🔹 कमलेश साकेत (सरकारी शिक्षक)
🔹 अरविंद साकेत (सहयोगी)
📍 साजिश:
🔹 गुप्त सभा के जरिए ईसाई धर्मांतरण करवाने की कोशिश।
🔹 50 से अधिक लोगों को लालच देकर बुलाया गया।
🔹 बड़ी संख्या में बाइबिल और ईसाई धर्म से जुड़ी किताबें बरामद।
📍 पुलिस कार्रवाई:
✅ स्पेशल टीम ने छापा मारकर रंगे हाथ पकड़ा।
✅ आरोपियों से पूछताछ जारी, बाहरी संगठनों से कनेक्शन की जांच।
✅ जिला प्रशासन ने पहले भी इलाके में धर्मांतरण गतिविधियों की सूचना मिलने के बाद निगरानी बढ़ाई थी।
मध्य प्रदेश में बढ़ती धर्मांतरण की घटनाएँ:
✅ मिशनरी संगठनों द्वारा लालच और धोखे से धर्मांतरण की शिकायतें बढ़ी हैं।
✅ 2021 में शिवराज सरकार ने ‘मध्य प्रदेश धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम’ पास किया, जिसमें बिना अनुमति धर्मांतरण कराने पर 10 साल तक की सजा का प्रावधान है।
✅ अब मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इसे और कठोर करने की बात कही, जिसमें धर्मांतरण कराने वालों को फांसी की सजा देने की मांग हो रही है।
राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रिया:
🚩 हिंदू संगठनों ने इस घटना को लेकर सख्त कार्रवाई की मांग की।
🚩 क्या मध्य प्रदेश सरकार जल्द धर्मांतरण विरोधी कानून में और सख्ती करेगी?
🚩 क्या गिरफ्तार आरोपियों के पीछे किसी बड़े मिशनरी नेटवर्क का हाथ है?