प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने जॉर्ज सोरोस के ओपन सोसाइटी फाउंडेशन (OSF) से जुड़े 8 ठिकानों पर छापेमारी की है। यह कार्रवाई विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) के उल्लंघन के मामले में की गई है।
ED headquarters, Delhi is conducting searches under FEMA, 1999 at eight premises in Bengaluru to investigate the FEMA contraventions by Soros EDF and Open Source Foundation. Preliminary investigation by ED has revealed that Soros OSF was put under Prior Reference Category by MHA…
— ANI (@ANI) March 18, 2025
जाँच के प्रमुख बिंदु:
- गृह मंत्रालय ने 2016 में OSF पर कुछ प्रतिबंध लगाए थे, जिसके तहत यह भारत में किसी NGO को अनियमित दान नहीं दे सकता था।
- ED को शक है कि OSF ने इस प्रतिबंध का उल्लंघन किया और कंसलटिंग फीस तथा FDI के नाम पर भारत में पैसा लाकर NGO को फंडिंग दी।
- OSF से जुड़े विदेशी निवेश की सभी फाइलों की जाँच की जा रही है।
एस्पाडा इंटरनेशनल भी ED के रडार पर
ED की जाँच में एस्पाडा इंटरनेशनल नाम की एक कंपनी भी जांच के दायरे में है।
- यह सोरोस इकॉनोमिक डेवलपमेंट फाउंडेशन (SEDF) की सलाहकार है।
- मॉरिशस की एक कंपनी की सब्सिडियरी होने के कारण इसकी वित्तीय लेन-देन की गहन समीक्षा की जा रही है।
सोरोस और भारत सरकार के बीच विवाद
जॉर्ज सोरोस भारत में सत्तारूढ़ सरकार के आलोचक रहे हैं और उन्होंने कई बार नरेंद्र मोदी सरकार पर टिप्पणी की है।
- उन्होंने भारतीय लोकतंत्र को कमजोर करने का आरोप लगाया था।
- इसके बाद से उनके संगठनों पर भारत सरकार की कड़ी निगरानी बनी हुई है।
ED की कार्रवाई यह संकेत देती है कि सरकार विदेशी संस्थानों द्वारा गैर-कानूनी वित्तीय गतिविधियों और अनधिकृत फंडिंग को लेकर सतर्क है। अगर OSF और उससे जुड़े संगठनों पर FEMA उल्लंघन के ठोस सबूत मिलते हैं, तो उन पर कड़ी कार्रवाई हो सकती है।