कैलाश मानसरोवर यात्रा के फिर से शुरू होने की घोषणा हिन्दू श्रद्धालुओं के लिए एक बड़ी राहत और उत्साहजनक खबर है। यह यात्रा वर्ष 2020 से कोविड महामारी और भारत-चीन संबंधों में तनाव के चलते स्थगित थी।
मुख्य बिंदु:
- 2025 में यात्रा की बहाली:
- विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने संसद में इसकी पुष्टि की।
- भारत और चीन के बीच सहमति बनने के बाद यात्रा की अनुमति दी गई।
- पिछले पाँच वर्षों से यात्रा बंद:
- 2020 में कोविड-19 महामारी के कारण यात्रा पर रोक लगी।
- इसके बाद गलवान घाटी संघर्ष और अन्य तनावों के कारण चीन ने इंतजाम नहीं किए।
- भारत-चीन संबंधों में सुधार:
- हाल के दिनों में दोनों देशों के संबंधों में कुछ सकारात्मक संकेत देखने को मिले हैं।
- यात्रा को बहाल करने के फैसले से दोनों देशों के बीच विश्वास बहाली की दिशा में कदम माना जा सकता है।
- धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व:
- कैलाश मानसरोवर हिन्दू धर्म में भगवान शिव का निवास स्थल माना जाता है।
- यह यात्रा कठिन होने के बावजूद हर साल हजारों श्रद्धालुओं द्वारा की जाती रही है।
संभावित तैयारियाँ:
- सरकार की ओर से नई गाइडलाइंस जारी हो सकती हैं।
- यात्रा के लिए पंजीकरण और अन्य प्रक्रियाओं की घोषणा जल्द हो सकती है।
- चीन की ओर से वीजा और परमिट प्रक्रिया को लेकर औपचारिक निर्देश जारी किए जाएंगे।
कैलाश मानसरोवर यात्रा की बहाली भारत-चीन संबंधों में सुधार के साथ-साथ श्रद्धालुओं की आस्था के लिए भी एक महत्वपूर्ण कदम है।