तमिलनाडु की राजनीति में सरकार गठन को लेकर सस्पेंस लगातार बढ़ता जा रहा है। Tamilaga Vettri Kazhagam (TVK) के प्रमुख Vijay ने राज्यपाल से दो बार मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश किया, लेकिन अभी तक उन्हें सरकार बनाने का औपचारिक निमंत्रण नहीं मिला है।
राज्यपाल ने मांगा 118 विधायकों का समर्थन
रिपोर्ट्स के अनुसार R. N. Ravi (रिपोर्ट्स में विश्वनाथ अर्लेकर नाम भी सामने आया, लेकिन वर्तमान संवैधानिक पद की पुष्टि आवश्यक है) ने विजय से स्पष्ट बहुमत का समर्थन पत्र लाने को कहा है।
तमिलनाडु विधानसभा में कुल 234 सीटें हैं और बहुमत के लिए 118 विधायकों का समर्थन जरूरी है।
Rajendra Vishwanath Arlekar, Governor of Tamil Nadu, has invited Thiru C. Joseph Vijay, President, Tamilaga Vettri Kazhagam, today to Lok Bhavan, Chennai. During the meeting, the Governor explained that the requisite majority support in the Tamil Nadu Legislative Assembly,… pic.twitter.com/57NboyBnWV
— ANI (@ANI) May 7, 2026
TVK के पास कितने विधायक?
विधानसभा चुनाव 2026 में टीवीके सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है और उसे 108 सीटें मिली हैं।
हालांकि:
- विजय खुद दो सीटों से चुनाव जीते हैं
- एक सीट खाली करनी होगी
- ऐसे में प्रभावी संख्या 107 रह जाएगी
इसके बाद कांग्रेस के 5 विधायकों का समर्थन मिलने से संख्या 112 तक पहुंची, लेकिन पार्टी अभी भी बहुमत के आंकड़े से 6 सीट पीछे है।
राज्यपाल का स्पष्ट संदेश
सूत्रों के अनुसार राज्यपाल ने विजय से कहा है कि:
“118 विधायकों के हस्ताक्षर और समर्थन पत्र के साथ वापस आइए। बहुमत साबित होने के बाद ही शपथ ग्रहण संभव होगा।”
राज्यपाल का कहना है कि बिना स्पष्ट बहुमत के सरकार गठन संवैधानिक रूप से उचित नहीं होगा।
फ्लोर टेस्ट की मांग तेज
इस बीच Thol. Thirumavalavan ने राज्यपाल से आग्रह किया है कि टीवीके को सरकार बनाने और विधानसभा में फ्लोर टेस्ट का मौका दिया जाना चाहिए।
उनका तर्क है कि:
- टीवीके राज्य की सबसे बड़ी पार्टी है
- लोकतांत्रिक परंपरा के अनुसार पहले उसे अवसर मिलना चाहिए
AIADMK और अन्य दलों पर नजर
तमिलनाडु में अब सभी की नजरें अन्य दलों और निर्दलीय विधायकों पर टिकी हैं।
पहले ऐसी अटकलें थीं कि All India Anna Dravida Munnetra Kazhagam (AIADMK) के कुछ विधायक टीवीके का समर्थन कर सकते हैं, लेकिन अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
संवैधानिक स्थिति पर चर्चा
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर किसी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलता, तो राज्यपाल आमतौर पर सबसे बड़ी पार्टी को सरकार बनाने और सदन में बहुमत साबित करने का अवसर दे सकते हैं।
सुप्रीम कोर्ट के प्रसिद्ध S. R. Bommai v. Union of India फैसले में भी कहा गया था कि बहुमत का परीक्षण सदन के भीतर होना चाहिए।
तमिलनाडु में राजनीतिक हलचल जारी
Tamil Nadu में सरकार गठन को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। अब सबकी नजर राज्यपाल के अगले फैसले और संभावित समर्थन समीकरणों पर टिकी हुई है।
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