जय सोमनाथ!
सोमनाथ, गुजरात,
8 जनवरी 2026: आज से सोमनाथ स्वाभिमान पर्व का शुभारंभ हो गया है। इस अवसर पर स्मरण किया जा रहा है कि जनवरी 1026 में सोमनाथ मंदिर ने अपने इतिहास का पहला आक्रमण झेला था। इसके बाद भी अनेक हमलों के बावजूद सोमनाथ मंदिर की आस्था डगमगाई नहीं और इसके बार-बार पुनर्निर्माण ने भारत की सांस्कृतिक एकता और अडिग संकल्प को मजबूत किया।
इस पर्व को देशभर में #SomnathSwabhimanParv के माध्यम से मनाया जा रहा है। आयोजकों ने लोगों से आग्रह किया है कि जिन्होंने सोमनाथ की यात्रा की है, वे अपनी तस्वीरें इस हैशटैग के साथ साझा करें।
जय सोमनाथ !
सोमनाथ स्वाभिमान पर्व का आज से शुभारंभ हो रहा है। एक हजार वर्ष पूर्व, जनवरी 1026 में सोमनाथ मंदिर ने अपने इतिहास का पहला आक्रमण झेला था। साल 1026 का आक्रमण और उसके बाद हुए अनेक हमले भी हमारी शाश्वत आस्था को डिगा नहीं सके। बल्कि इनसे भारत की सांस्कृतिक एकता की भावना… pic.twitter.com/dDXCPf1TMM
— Narendra Modi (@narendramodi) January 8, 2026
सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के अवसर पर यह भी याद किया जा रहा है कि भारत माता के उन असंख्य सपूतों ने हमेशा अपने सिद्धांतों और मूल्यों से समझौता नहीं किया। कठिन परिस्थितियों में भी उनका संकल्प अडिग रहा और उनकी निष्ठा हमारी सभ्यता और सांस्कृतिक चेतना के प्रति अटूट रही।
विशेष रूप से इस वर्ष 1951 में पुनर्निर्मित सोमनाथ मंदिर के उद्घाटन के 75 वर्ष पूरे होने का भी स्मरण किया जा रहा है। 1951 में यह ऐतिहासिक उद्घाटन तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद की मौजूदगी में हुआ था। सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण में सरदार पटेल, केएम मुंशी और अन्य महान विभूतियों के योगदान को विशेष रूप से याद किया जाता है।
इसके अलावा, 31 अक्टूबर 2001 को सोमनाथ में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम की झलकियां भी साझा की जा रही हैं। उस कार्यक्रम में तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी, गृह मंत्री लालकृष्ण आडवाणी और कई गणमान्य लोग शामिल हुए थे।
सोमनाथ स्वाभिमान पर्व न केवल मंदिर के ऐतिहासिक महत्व का प्रतीक है, बल्कि देश की सांस्कृतिक एकता और अडिग आस्था को याद करने का अवसर भी है। यह हमें राष्ट्र की एकता और विकास के लिए निरंतर प्रयासरत रहने की प्रेरणा देता है।
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