click
One India News
  • Home
  • Top News
  • India
  • World
  • Elections
  • Cricket
  • Podcast
  • Business
  • Technology
  • Entertainment
  • Lifestyle
  • Education
Reading: उत्तर प्रदेश में 5000 सरकारी स्कूलों का होगा विलय, इलाहाबाद हाई कोर्ट ने भी लगाई मुहर
Share
Aa
One India News
Aa
  • Top News
  • India
  • World
  • Elections
  • Cricket
  • Podcast
  • Business
  • Technology
  • Entertainment
  • Lifestyle
  • Education
  • Sports
  • Health
  • Agriculture
  • Religious
  • Utilitiy
Search
  • વિષયો
    • Top News
    • India
    • World
    • Elections
    • Cricket
    • Podcast
    • Business
    • Technology
    • Entertainment
    • Lifestyle
    • Education
    • Sports
    • Health
    • Agriculture
    • Utilitiy
    • Religious
Follow US
  • Advertise
© 2023 One India News. All Rights Reserved.
One India News > News > Uttar Pradesh > उत्तर प्रदेश में 5000 सरकारी स्कूलों का होगा विलय, इलाहाबाद हाई कोर्ट ने भी लगाई मुहर
Uttar Pradesh

उत्तर प्रदेश में 5000 सरकारी स्कूलों का होगा विलय, इलाहाबाद हाई कोर्ट ने भी लगाई मुहर

योगी सरकार के स्कूलों के विलय के फैसले पर राज्य के शिक्षकों के कई संगठन विरोध भी जता चुके हैं। समाजवादी पार्टी सुप्रीमो अखिलेश यादव ने भी इस मुद्दे को हाल ही के भुनाने का प्रयास किया था। इस फैसले के विरोध और पक्ष में लोगों के अपने अपने तर्क हैं।

Last updated: 2025/07/08 at 5:23 PM
One India News Team
Share
4 Min Read
SHARE

उत्तर प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की दिशा में योगी सरकार द्वारा लिए गए प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों के विलय (मर्जर) के निर्णय को इलाहाबाद हाई कोर्ट ने 7 जुलाई 2025 को अपनी मंजूरी दे दी है। हाई कोर्ट ने सीतापुर जिले के 51 छात्रों द्वारा दायर याचिका को खारिज करते हुए स्पष्ट रूप से कहा कि राज्य सरकार का यह निर्णय दूरदर्शिता से लिया गया है और इसका उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाना है। कोर्ट ने माना कि यह कदम छात्रों के व्यापक हित में है और इसे अवरुद्ध नहीं किया जा सकता। इस निर्णय से राज्य के लगभग 5000 विद्यालय प्रभावित होंगे, जिससे हजारों बच्चों और शिक्षकों की कार्यप्रणाली में बदलाव आएगा।

योगी सरकार का यह निर्णय ऐसे समय पर सामने आया है जब राज्य में 1.3 लाख से अधिक प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालय कार्यरत हैं, जिनमें 6 लाख से अधिक शिक्षक तैनात हैं। सरकार का तर्क है कि राज्य के कई स्कूलों में मात्र 20–30 बच्चे ही पढ़ते हैं, जबकि ऐसे विद्यालयों में सरकार को पूरे बजट, शिक्षक, संसाधन और अधोसंरचना उपलब्ध करानी होती है, जो एकतरफा व्यय है। वहीं दूसरी ओर कुछ विद्यालयों में 100 से अधिक बच्चे पढ़ते हैं लेकिन शिक्षकों की संख्या कम होने से वहाँ पढ़ाई प्रभावित होती है। इस विसंगति को दूर करने हेतु सरकार ने तय किया है कि जिन विद्यालयों में छात्रों की संख्या 50 से कम है, उन्हें पास के बड़े विद्यालयों में विलीन कर दिया जाएगा।

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि बच्चों को विद्यालय पहुँचने में कोई असुविधा न हो, इसके लिए कड़े दिशानिर्देश जारी किए गए हैं। कोई विलय उस स्थिति में ही किया जाएगा जब दूसरा स्कूल पास ही हो और रास्ते में कोई प्राकृतिक बाधा — जैसे नदी, पहाड़, रेलवे ट्रैक — न आती हो। साथ ही, यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि स्थानांतरण पड़ोसी गाँव में ही किया जाए और बच्चों की सुरक्षा व सुविधा को प्राथमिकता दी जाए।

हालाँकि इस फैसले को लेकर राज्य के कई शिक्षक संगठनों ने विरोध जताया है। शिक्षकों का कहना है कि इस फैसले से न केवल उनका प्रमोशन प्रभावित होगा, बल्कि स्कूलों के घटने से नई शिक्षक भर्तियाँ भी रुक जाएँगी। उनका दावा है कि विलय के बाद एक ही स्कूल के दो प्रधानाचार्य नहीं हो सकते, ऐसे में पद घटेंगे और वरिष्ठता के आधार पर प्रमोशन की संभावना क्षीण हो जाएगी। इसके अलावा, शिक्षकों को आशंका है कि भविष्य में सरकार स्क्रीनिंग के माध्यम से अतिरिक्त शिक्षकों को हटाने का रास्ता भी निकाल सकती है, जिससे उनका भविष्य संकट में पड़ सकता है। बच्चों की दूरी, ट्रांसपोर्ट की दिक्कत और स्थानीय रोजगार के अवसरों में कमी भी विरोध के मुख्य कारणों में शामिल हैं।

हालाँकि इलाहाबाद हाई कोर्ट ने इन सभी तर्कों को खारिज करते हुए सरकार की मंशा को सही ठहराया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि यदि सरकार एक नियोजित और उद्देश्यपरक नीति के तहत यह बदलाव कर रही है, तो उसे रोका नहीं जा सकता, विशेष रूप से जब यह बच्चों के समग्र शैक्षिक हित में है। कोर्ट के फैसले के बाद अब राज्य सरकार का यह निर्णय प्रभाव में आएगा, जिससे शिक्षा व्यवस्था में संसाधनों का बेहतर प्रबंधन, शिक्षक–छात्र अनुपात का संतुलन और बजट का कुशल उपयोग सुनिश्चित हो सकेगा। यह कदम राज्य में शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ी संरचनात्मक नीति परिवर्तन के रूप में देखा जा रहा है।

You Might Also Like

बिजनौर में CM योगी का बड़ा कदम: 1645 परिवारों को भूमिधरी अधिकार, पूर्व सैनिकों को मिला मालिकाना हक

CM योगी का बड़ा ऐलान: फाजिलनगर का नाम बदलेगा ‘पावागढ़’, कुशीनगर को 424 करोड़ की विकास परियोजनाओं की सौगात

UP-ATS की बड़ी कार्रवाई: आजमगढ़ से मोहम्मद शेख गिरफ्तार, पाकिस्तानी नेटवर्क से जुड़े होने का आरोप

बलरामपुर हिंसा: मामूली विवाद से भड़की खौफनाक वारदात, युवक की मौत के बाद चक्काजाम, 6 आरोपी गिरफ्तार

लखनऊ में CM योगी का बड़ा संदेश: बच्चों को मोबाइल नहीं, रचनात्मकता की ओर करें प्रेरित

TAGGED: allahbad high court, Breaking news, cm yogi, government schools, India News, latest news, news channel in india, teachers, Up Government, uttarpradesh, Uttarpradesh CM Yogi Adityanath, yogi adityanath, इलाहाबाद हाई कोर्ट, उत्तर प्रदेश, योगी सरकार, शिक्षकों, समाजवादी पार्टी

Sign Up For Daily Newsletter

Be keep up! Get the latest breaking news delivered straight to your inbox.
[mc4wp_form]
By signing up, you agree to our Terms of Use and acknowledge the data practices in our Privacy Policy. You may unsubscribe at any time.
One India News Team July 8, 2025
Share this Article
Facebook Twitter Whatsapp Whatsapp Telegram Copy Link
Share
Previous Article देश के खिलाफ जहर उगलने वालों की खैर नहीं, डिजिटल स्ट्राइक के तहत हो रहा ये एक्शन
Next Article धर्मांतरण गिरोह की सम्पत्तियाँ जब्त करेगी UP सरकार, CM योगी ने किया ऐलान

ad1 300×250

Stay Connected

235.3k Followers Like
69.1k Followers Follow
56.4k Followers Follow
136k Subscribers Subscribe
- Advertisement -

Latest News

बिजनौर में CM योगी का बड़ा कदम: 1645 परिवारों को भूमिधरी अधिकार, पूर्व सैनिकों को मिला मालिकाना हक
India Top News Uttar Pradesh June 2, 2026
तमिलनाडु राजनीति में बड़ा संकेत: के. अन्नामलाई ने BJP नेतृत्व से मुलाकात कर सौंपा इस्तीफा, नई पार्टी बनाने की अटकलें तेज
India Tamil Nadu Top News June 2, 2026
‘हम प्रकृति पूजक, फिर 5000 चर्च क्यों?’, झारखंड में धर्मांतरण पर पूर्व CM ने उठाए सवाल
India Jharkhand Top News June 2, 2026
रुद्रपुर में मंदिर के गेट पर मांस फेंकने का मामला: पुलिस कॉन्स्टेबल मोहम्मद अजीम गिरफ्तार, तत्काल सस्पेंड
India Top News Uttarakhand June 2, 2026

We influence 20 million users and is the number one business and technology news network on the planet

  • Andaman Nicobar
  • Andhra Pradesh
  • Arunachal Pradesh
  • Assam
  • Bihar
  • Chandigarh
  • Chhattisgarh
  • Delhi
  • Goa
  • Haryana
  • Himachal Pradesh
  • Jammu and Kashmir
  • Jharkhand
  • Karnataka
  • Kerala
  • Ladakh
  • Madhya Pradesh
  • Maharashtra
  • Manipur
  • Meghalaya
  • Mizoram
  • Nagaland
  • Odisha
  • Punjab
  • Rajasthan
  • Sikkim
  • Tamil Nadu
  • West Bengal
  • Telangana
  • Tripura
  • Uttar Pradesh
  • Uttarakhand
  • Andaman Nicobar
  • Andhra Pradesh
  • Arunachal Pradesh
  • Assam
  • Bihar
  • Chandigarh
  • Chhattisgarh
  • Delhi
  • Goa
  • Haryana
  • Himachal Pradesh
  • Jammu and Kashmir
  • Jharkhand
  • Karnataka
  • Kerala
  • Ladakh
  • Madhya Pradesh
  • Maharashtra
  • Manipur
  • Meghalaya
  • Mizoram
  • Nagaland
  • Odisha
  • Punjab
  • Rajasthan
  • Sikkim
  • Tamil Nadu
  • West Bengal
  • Telangana
  • Tripura
  • Uttar Pradesh
  • Uttarakhand

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

Loading
One India News
Follow US

© 2023 One India News. All Rights Reserved.

  • Privacy Policy

We use cookies to personalise content and ads, to provide social media features and to analyse our traffic. We also share information about your use of our site with our social media, advertising and analytics partners who may combine it with other information that you’ve provided to them or that they’ve collected from your use of their services. .

Removed from reading list

Undo
Welcome Back!

Sign in to your account

Register Lost your password?
One India News
Powered by  GDPR Cookie Compliance
Privacy Overview

This website uses cookies so that we can provide you with the best user experience possible. Cookie information is stored in your browser and performs functions such as recognising you when you return to our website and helping our team to understand which sections of the website you find most interesting and useful.

Strictly Necessary Cookies

Strictly Necessary Cookie should be enabled at all times so that we can save your preferences for cookie settings.