उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के सागरपाली गांव में कच्चे तेल का विशाल भंडार मिलने की संभावना जताई जा रही है। इस खोज के मद्देनजर ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉरपोरेशन लिमिटेड (ONGC) ने खुदाई और बोरिंग का कार्य शुरू कर दिया है।
गंगा बेसिन में मिला संभावित तेल भंडार
➡ स्वतंत्रता सेनानी चित्तू पांडे के परिवार की 12 बीघा (साढ़े छह एकड़) जमीन का अधिग्रहण किया गया है।
➡ तीन महीने के सर्वेक्षण के बाद, 3,000 मीटर की गहराई पर कच्चे तेल के संकेत मिले हैं।
➡ ONGC ने तीन साल के लिए 10 लाख रुपये वार्षिक किराए पर यह जमीन लीज पर ली है।
➡ अगर तेल की मात्रा पर्याप्त पाई जाती है, तो आसपास की जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा और किसानों को भी लाभ होगा।
चार जगहों पर होंगे तेल कुएं
➡ सर्वेक्षण के बाद ONGC ने चार स्थानों को चिन्हित किया है, जहां तेल के कुएं खोदे जाएंगे।
➡ बलिया का सागरपाली गांव और वैना रत्तू चक क्षेत्र प्रमुख स्थानों में शामिल हैं।
➡ खुदाई के लिए अत्याधुनिक तकनीक से विस्फोट परीक्षण भी किए गए।
➡ खुदाई में रोजाना 25,000 लीटर पानी का इस्तेमाल हो रहा है।
अधिकारियों ने दी जानकारी, अप्रैल तक पूरी होगी बोरिंग
➡ खुदाई का कार्य तेज़ी से जारी है, अप्रैल 2025 तक तेल की सतह तक बोरिंग पूरी होने की संभावना है।
➡ ONGC ने भारत सरकार, उत्तर प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन से सभी जरूरी मंजूरियां (NOC) प्राप्त कर ली हैं।
➡ भूस्वामी नील पांडे ने बताया कि अगर तेल का उत्पादन होता है, तो किसानों को भूमि अधिग्रहण के बदले ऊँची कीमतें मिलेंगी।
तेल के संकेत मिले, लेकिन पुष्टि अभी बाकी
➡ खुदाई के दौरान ज्वलनशील और तरल पदार्थ निकल रहे हैं, लेकिन यह पूरी तरह कच्चा तेल है या नहीं, इसकी पुष्टि ONGC की रिपोर्ट के बाद होगी।
➡ ONGC के स्थानीय अधिकारियों ने इस मुद्दे पर अधिक जानकारी देने से इनकार कर दिया और कहा कि अंतिम बयान दिल्ली स्थित वरिष्ठ अधिकारी ही देंगे।
बलिया और पूर्वांचल के लिए बड़ी उपलब्धि
अगर ONGC की खोज सफल होती है, तो यह उत्तर प्रदेश के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि होगी। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा, रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और ऊर्जा क्षेत्र में राज्य की भूमिका और मजबूत होगी।