औरंगजेब विवाद पर सीएम योगी का बड़ा बयान: देशद्रोह के बराबर बताया
देशभर में मुगल शासक औरंगजेब को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। इस बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बहराइच के मिहींपुरवा (मोतीपुर) में एक कार्यक्रम के दौरान बड़ा बयान दिया है।
योगी आदित्यनाथ का बयान:
🔹 “किसी भी आक्रांता का महिमामंडन करना देशद्रोह की नींव को पुख्ता करने जैसा है।”
🔹 “स्वतंत्र भारत किसी देशद्रोही को स्वीकार नहीं कर सकता।”
🔹 “जो हमारी सनातन संस्कृति और आस्था पर प्रहार करने वालों का समर्थन करता है, उसे नया भारत कतई स्वीकार नहीं करेगा।”
आक्रांता का महिमामंडन मतलब देशद्रोह की नींव को पुख्ता करना…
स्वतंत्र भारत में ऐसे किसी देशद्रोही को स्वीकार नहीं किया जा सकता है… pic.twitter.com/BVHGaxY6zt
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) March 20, 2025
महाराज सुहेलदेव का जिक्र:
सीएम योगी ने राजा सुहेलदेव को याद करते हुए कहा कि
📌 “उनके पराक्रम और शौर्य की वजह से 150 साल तक कोई विदेशी आक्रांता भारत पर हमला करने का साहस नहीं कर सका।”
औरंगजेब विवाद कैसे शुरू हुआ?
✔ महाराष्ट्र में समाजवादी पार्टी के नेता अबू आजमी ने औरंगजेब की तारीफ करते हुए उसे ‘क्रूर शासक नहीं’ बताया और कहा कि उसके समय में भारत की जीडीपी 24% थी।
✔ उनके बयान के बाद महाराष्ट्र विधानसभा में हंगामा हुआ, और उन्हें पूरे सत्र के लिए निलंबित कर दिया गया।
✔ इसके बाद औरंगजेब की कब्र हटाने की मांग उठी और नागपुर में विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने प्रदर्शन किया।
नागपुर में सांप्रदायिक हिंसा कैसे भड़की?
📌 17 मार्च की रात नागपुर में हिंसा भड़क गई, जब एक अफवाह फैली कि VHP के प्रदर्शन में एक विशेष धर्मग्रंथ जलाया गया।
📌 हिंसा में तोड़फोड़, आगजनी, वाहनों को जलाने और पुलिसकर्मियों पर हमले की घटनाएं हुईं।
📌 पुलिस ने अब तक 69 लोगों को गिरफ्तार किया और 200 आरोपियों की पहचान कर ली है।
📌 नागपुर में कई इलाकों में कर्फ्यू लगाया गया और अभी भी कोतवाली और गणेशपेठ इलाकों में संचारबंदी जारी है।
योगी आदित्यनाथ का संदेश:
🛑 “भारत की विरासत पर हमला करने वालों का समर्थन करने वालों को नया भारत बर्दाश्त नहीं करेगा।”
🛑 “देश की असली विरासत महाराज सुहेलदेव, शिवाजी महाराज और गुरु गोविंद सिंह जैसे राष्ट्रनायकों की है।”
औरंगजेब विवाद पर अब सियासी घमासान तेज हो गया है, वहीं महाराष्ट्र और नागपुर में पुलिस कार्रवाई जारी है।