भगवान राम की जन्मस्थली अयोध्या में रामनवमी की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। प्रभु श्रीराम के जन्मोत्सव को लेकर अयोध्या पूरी तरह से सज संवर कर तैयार है। रामनवमी के उपलक्ष्य में कल भव्यता के साथ कई सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। अयोध्या में 25 से 30 लाख श्रद्धालुओं के आने की संभावनाएं जताई जा रही है जिसको लेकर प्रशासन के द्वारा सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं।
4 अप्रैल से जारी है धार्मिक अनुष्ठानों का दौर
राम मंदिर परिसर में भगवान राम के जन्म को लेकर धार्मिक अनुष्ठानों का दौर 4 अप्रैल से शुरू हो गया है। अयोध्या के सभी मठ मंदिरों को भी सजाया गया है। कल देश दुनिया से आए हुए श्रद्धालु अयोध्या में होंगे और प्रभु श्रीराम के जन्मोत्सव में शामिल होंगे। महाकुंभ के दौरान रोजाना 5 लाख से ज्यादा श्रद्धालु अयोध्या आ रहे थे। और 45 दिनों में पौने दो करोड़ श्रद्धालुओं ने आराध्य का दर्शन किया था।
सुरक्षा के व्यापक इंतजाम
राम नवमी के दिन श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा और सुगमता के साथ दर्शन कराने के लिए अयोध्या रेंज के आईजी प्रवीण कुमार व कमिश्नर गौरव दयाल खुद ग्राउंड जीरो पर उतरे हैं। श्रद्धालुओं को अयोध्या में किसी भी प्रकार की असुविधा न हो इसको लेकर सारी तैयारियां कर ली गयी हैं। पूरे मेला क्षेत्र को जोन और सेक्टर में बांटा गया है। सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। जगह-जगह बैरिकेडिंग की गयी है। अयोध्या में कई जगह होल्डिंग एरिया बनाया गया है ताकि भीड़ बढ़ने पर श्रद्धालुओं को होल्डिंग एरिया में रोका जाएगा और वही से धीरे धीरे श्रद्धालुओं को छोड़ा जायेगा ताकि श्रद्धालु आसानी से प्रभु का दर्शन कर सके।
सूर्य तिलक का इंतजार
राम जन्मोत्सव पर श्रद्धालुओं को बड़ी बेसब्री से सूर्य तिलक का इंतजार हैं। यह कल दोपहर ठीक 12 बजे प्रभु श्रीराम के जन्मोत्सव होगा। भगवान श्रीराम के कुल देवता भगवान सूर्य भी जन्मोत्सव में 4 मिनट मर्यादापुरुषोत्तम भगवान श्रीराम का 4 मिनट तक सूर्य तिलक करेंगे।
सुबह 9.30 बजे से अभिषेक
कल सुबह 9:30 बजे से अयोध्या में भगवान राम का अभिषेक प्रारम्भ होगा। 10:30 बजे पट बंद कर प्रभु का श्रृंगार का कार्यक्रम, 10:50 बजे प्रभु श्रीराम का अभिषेक और श्रृंगार दर्शन होगा जिसका लाइव प्रसारण किया जाएगा। 11:50 बजे पट बंद होगा और भोग की तैयारी होगी। इसके बाद बाद वो पल आयेगा जिसका पूरे देश ही नहीं विश्व को इंतजार होगा, जब भगवान का दोपहर में ठीक 12:00 जन्म होगा। उसके बाद सूर्य तिलक और प्राकट्य की आरती होगी। इसी दौरान 56 भोग लगाया जायेगा।
सीसीटीवी से निगरानी
रामनगरी में लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं के आने के कार्यक्रम को देखते हुए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। सीसीटीव व ड्रोन कैमरे व आधुनिक सुविधाओं से अयोध्या की निगरानी की जा रही है। इसके लिए बाकायदा कंट्रोल रूम बनाया गया हैं और वही से अयोध्या की सीसीटीवी के माध्यम से निगरानी की जाती है। किसी भी स्थान पर कोई संदिग्ध इनपुट मिलता है तो तत्काल कन्ट्रोल रूम की सूचना पर पुलिस फोर्स मौके पर पहुंच कर कार्यवाही करती है।