आगरा में छत्रपति शिवाजी महाराज का भव्य स्मारक बनने जा रहा है, जिसे महाराष्ट्र सरकार द्वारा निर्मित किया जाएगा।
मुख्य बिंदु:
- स्थान: आगरा में वह स्थान, जहां मुगलों ने छत्रपति शिवाजी महाराज को नजरबंद किया था।
- घोषणा: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने आगरा की जनसभा (19 फरवरी 2025) में यह इच्छा जताई थी।
- सरकार का निर्णय:
- महाराष्ट्र सरकार ने आधिकारिक शासनादेश (GR) जारी कर दिया है।
- स्मारक के निर्माण के लिए आगरा में भूमि अधिग्रहण किया जाएगा।
- पर्यटन विभाग द्वारा निधि आवंटित की जाएगी।
- फडणवीस का दावा: उन्होंने कहा कि यह स्मारक बनने के बाद ताजमहल से ज्यादा पर्यटक इसे देखने आएंगे।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि:
- 1666 में आगरा किले में नजरबंदी:
- मुगल सम्राट औरंगजेब ने शिवाजी महाराज को आगरा किले में नजरबंद किया था।
- उन्होंने अपनी बुद्धिमत्ता और चातुर्य से मुगलों को चकमा देकर वहां से सुरक्षित महाराष्ट्र वापसी की थी।
- वर्तमान स्थिति:
- आगरा में इस ऐतिहासिक घटना को याद दिलाने वाला कोई प्रमुख स्मारक मौजूद नहीं है।
- महाराष्ट्र सरकार का मानना है कि ऐतिहासिक न्याय के लिए यह स्मारक आवश्यक है।
महत्व:
- महाराष्ट्र की सांस्कृतिक विरासत को सम्मान: शिवाजी महाराज मराठा गौरव के प्रतीक हैं।
- इतिहास और पर्यटन को बढ़ावा:
- आगरा पहले से ही एक प्रमुख पर्यटन केंद्र है।
- शिवाजी स्मारक बनने से यहां मराठा और राष्ट्रवादी पर्यटन को नया आयाम मिलेगा।
- राष्ट्रीय गौरव:
- शिवाजी महाराज की रणनीतिक कुशाग्रता और स्वराज्य की भावना को दर्शाने का अवसर।
- आगरा में उनके संघर्ष और विजय की स्थायी पहचान बनेगी।
आगे की प्रक्रिया:
- महाराष्ट्र सरकार भूमि अधिग्रहण करेगी।
- डिजाइन और निर्माण योजना जल्द ही सार्वजनिक होगी।
- पर्यटन, इतिहास और सांस्कृतिक महत्व को ध्यान में रखते हुए स्मारक का विकास किया जाएगा।
यह स्मारक केवल एक इमारत नहीं, बल्कि शिवाजी महाराज के पराक्रम और स्वतंत्रता की भावना का प्रतीक बनेगा।