योगी सरकार के 8 वर्षों में उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था में जो परिवर्तन आए हैं, वे उल्लेखनीय हैं। राज्य में अपराधों पर नियंत्रण, माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई, पुलिस बल की मजबूती और इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास को लेकर कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं।
1. जघन्य अपराधों में कमी
उत्तर प्रदेश में 2017 के बाद से अपराधों पर सख्ती से कार्रवाई की गई, जिससे राज्य में 85% तक जघन्य अपराधों में कमी आई।
महत्वपूर्ण आँकड़े:
- डकैती में 85% की गिरावट
- लूट के मामलों में 77% की कमी
- हत्या के मामलों में 41% की गिरावट
- दहेज हत्या के मामलों में भी उल्लेखनीय कमी
कारण:
- CCTV कैमरों की संख्या में वृद्धि
- पुलिस गश्त को बढ़ावा
- हाईटेक उपकरणों और वाहनों की तैनाती
- कानून व्यवस्था पर सख्त नियंत्रण
2. एनकाउंटर और अपराधियों पर शिकंजा
योगी सरकार में पुलिस को अपराधियों के खिलाफ खुली छूट दी गई, जिससे बड़े पैमाने पर एनकाउंटर हुए।
एनकाउंटर के आँकड़े (2017-2024):
- 222 अपराधी मारे गए
- 8118 अपराधी घायल हुए
- 80,000 से अधिक अपराधी जेल भेजे गए
- 900 से अधिक पर NSA (राष्ट्रीय सुरक्षा कानून) के तहत कार्रवाई
एनकाउंटर का प्रभाव:
- अपराधी थाने में आत्मसमर्पण करने लगे
- संगठित अपराध में भारी कमी
- अपराधियों के खौफ का अंत
3. माफिया राज का खात्मा
योगी सरकार का एक महत्वपूर्ण वादा उत्तर प्रदेश से माफिया राज खत्म करना था।
सरकार की कार्रवाई:
- ₹4000 करोड़ से अधिक की अवैध संपत्तियाँ जब्त
- गैंगस्टर एक्ट के तहत ₹14000 करोड़ की संपत्ति जब्त
- 68 माफिया और उनके 1400+ गैंग के खिलाफ 700+ मुकदमे दर्ज
- 350+ माफियाओं के शस्त्र लाइसेंस निरस्त
परिणाम:
- अपराधियों का आर्थिक साम्राज्य ध्वस्त
- व्यापारियों और निवेशकों में सुरक्षा का माहौल
- मुख्तार अंसारी, अतीक अहमद जैसे माफियाओं का प्रभाव खत्म
4. पुलिस इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया गया
योगी सरकार ने न केवल अपराधियों पर कार्रवाई की, बल्कि पुलिस बल को भी अत्याधुनिक संसाधनों से लैस किया।
प्रमुख कदम:
- 126 नए थाने स्थापित
- 86 नई चौकियाँ बनाई गईं
- UP-112 सेवा को और अधिक प्रभावी बनाया गया
- नए हाईटेक वाहन और हथियार उपलब्ध कराए गए
5. पुलिस भर्ती और रोजगार
उत्तर प्रदेश पुलिस में कर्मचारियों की भारी कमी थी, जिसे दूर करने के लिए बड़े स्तर पर भर्तियाँ की गईं।
भर्ती आँकड़े:
- 2017 में 2 लाख से अधिक पुलिसकर्मियों की कमी थी
- 2017-2024 के बीच 2.16 लाख पुलिसकर्मी भर्ती किए गए
- 60,000 नई कांस्टेबल भर्तियाँ पूरी की गईं
- अप्रैल 2025 में 28,000 और भर्तियाँ होने जा रही हैं
इसका प्रभाव:
- पुलिस बल की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि
- कानून व्यवस्था को और सख्त बनाया गया
- युवाओं को रोजगार के अवसर मिले
6. हाईटेक पुलिसिंग और सुरक्षा
योगी सरकार ने यूपी पुलिस को टेक्नोलॉजी के जरिए और अधिक सशक्त किया।
तकनीकी सुधार:
- CCTV निगरानी प्रणाली को अपग्रेड किया गया
- UP-112 सेवा को हाईटेक स्कॉर्पियो गाड़ियों से लैस किया गया
- ड्रोन सर्विलांस और AI बेस्ड क्राइम मॉनिटरिंग सिस्टम लागू किया गया
- फॉरेंसिक और साइबर क्राइम ब्रांच को उन्नत बनाया गया
योगी सरकार ने 2017 के बाद उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था में ऐतिहासिक सुधार किए हैं। माफिया और संगठित अपराध को जड़ से खत्म करने के लिए सख्त कार्रवाई की गई, जबकि पुलिस इंफ्रास्ट्रक्चर को आधुनिक बनाने पर भी ध्यान दिया गया। राज्य में अपराधों में भारी गिरावट के कारण निवेश बढ़ा, रोजगार के अवसर पैदा हुए और प्रदेश में सुरक्षा का माहौल मजबूत हुआ।