उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा चैत्र नवरात्र और श्रीरामनवमी के अवसर पर दिए गए निर्देश, धार्मिक श्रद्धा, सांस्कृतिक चेतना और जनसुविधा की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। यह आयोजन विशेष रूप से अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में श्रीरामलला के सूर्य तिलक के साथ एक ऐतिहासिक रूप ले रहा है।
मुख्यमंत्री के प्रमुख निर्देश और तैयारियाँ:
🕉️ अखंड श्रीरामचरितमानस पाठ:
-
समय: 5 अप्रैल दोपहर से प्रारंभ
-
समापन: 6 अप्रैल को रामनवमी के दिन दोपहर 12 बजे
-
स्थान: सभी जिलों के मंदिरों में अखंड पाठ, समापन अयोध्या में सूर्य तिलक के साथ
🌞 श्रीरामलला का सूर्य तिलक:
-
एक अद्भुत आयोजन जहां सूर्य की किरणें सीधी श्रीरामलला के ललाट पर पड़ेंगी
-
देशभर से श्रद्धालुओं के आगमन की संभावना
श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु प्रबंध:
🔹 धूप से सुरक्षा:
-
कतारों में खड़े श्रद्धालुओं के लिए जूट मैटिंग, छाजन (शेड) की व्यवस्था
-
पेयजल की समुचित व्यवस्था सभी प्रमुख मंदिरों और शक्तिपीठों में
🔹 मुख्य शक्तिपीठों का विशेष ध्यान:
-
देवीपाटन मंदिर (बलरामपुर)
-
शाकुम्भरी देवी मंदिर (सहारनपुर)
-
विंध्यवासिनी धाम (मिर्जापुर)
➡️ यहां भारी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद
बिजली और शांति व्यवस्था:
✅ 24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति:
-
पूरे प्रदेश में नवरात्र के दौरान चौबीसों घंटे बिजली
✅ धार्मिक गरिमा बनाए रखने के निर्देश:
-
मंदिरों के आसपास मांस, अंडा की दुकानें नहीं होनी चाहिए
-
अवैध स्लाटरिंग (कसाईखाने) पर पूर्ण प्रतिबंध, कड़ी निगरानी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा:
“यह आयोजन श्रीराम भक्तों के लिए आस्था और गौरव का विषय है। सूर्य तिलक ऐतिहासिक और आध्यात्मिक दोनों दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। जनसहभागिता और सरकारी प्रबंधन मिलकर इसे भव्य बनाएंगे।”