उत्तराखंड सरकार ने अवैध मदरसों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए कालाढूंगी क्षेत्र में चार मदरसों को सील कर दिया है। नैनीताल जिले में यह पहली बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है, जो एसडीएम के नेतृत्व में भारी पुलिस बल के साथ की गई।
सील किए गए मदरसे:
- मदरसा फैज-ए-उल-उलूम एहले सुन्नत (जामा मस्जिद, वार्ड 07, कालाढूंगी)
- मदरसा इस्लामिया अरविया तालीमुल कुरान सोसाइटी (मोती मस्जिद, वार्ड 04, कालाढूंगी)
- रजा मदरसा अरबिया (नौदिया फार्म, वार्ड 02, कालाढूंगी)
- मदरसा जामीया हबीबीया दरगाह शरीफ (मदीना मस्जिद, वार्ड 04, कालाढूंगी)
सरकार का रुख और अब तक की कार्रवाई
- उत्तराखंड में अब तक 140 अवैध मदरसों पर कार्रवाई हो चुकी है।
- मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि केवल अवैध मदरसों पर कार्रवाई हो रही है, वैध मदरसों पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
- मदरसों की जांच में जिन संस्थानों के पास मान्यता या कानूनी दस्तावेज नहीं मिले, उन्हें अवैध घोषित किया गया।
नैनीताल में पहली बड़ी कार्रवाई
- नैनीताल जिले में यह पहली बार है जब अवैध मदरसों पर इतनी बड़ी कार्रवाई की गई है।
- कुछ स्थानीय प्रबंधकों ने प्रशासन को पत्र देकर यह दावा भी किया कि उनके मदरसे वर्तमान में संचालित नहीं हो रहे हैं।
- पुलिस और प्रशासन की ओर से मदरसों की गतिविधियों की सघन जांच की जा रही है।
बड़ी तस्वीर:
- उत्तराखंड सरकार धार्मिक शिक्षा के नाम पर अनियमित संस्थानों पर शिकंजा कस रही है।
- मदरसों की फंडिंग, भूमि उपयोग, और पंजीकरण दस्तावेजों की विस्तृत जांच की जा रही है।
- राज्य में अवैध अतिक्रमण हटाने और कानून व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से यह अभियान चलाया जा रहा है।
इस कार्रवाई से साफ है कि धामी सरकार संदिग्ध गतिविधियों वाले मदरसों के खिलाफ और सख्त हो सकती है।