उत्तराखंड की पुष्कर सिंह धामी सरकार ने सायरा बानो को एक बार फिर राज्य महिला आयोग के उपाध्यक्ष पद पर नियुक्त किया है। उन्हें राज्यमंत्री का दर्जा दिया गया है।
सायरा बानो: तीन तलाक के खिलाफ लड़ाई का चेहरा
सायरा बानो 2016 में तीन तलाक के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर चर्चा में आई थीं। उनका मामला मुस्लिम महिलाओं के अधिकारों से जुड़ा एक ऐतिहासिक मुकदमा बन गया। 2017 में सुप्रीम कोर्ट ने उनके पक्ष में फैसला सुनाते हुए तीन तलाक को असंवैधानिक घोषित कर दिया।
सायरा बानो का बयान
अपनी दोबारा नियुक्ति पर सायरा बानो ने कहा:
“मैं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और उत्तराखंड सरकार की शुक्रगुजार हूं, जिन्होंने मुझे फिर से यह सम्मान दिया। मुस्लिम महिलाओं के अधिकारों की लड़ाई अब भी जारी है।”
उन्होंने यह भी कहा कि उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू होने से मुस्लिम महिलाओं को और अधिक अधिकार मिलने की उम्मीद जगी है।
सायरा बानो और धामी सरकार
- उत्तराखंड में UCC लागू करने वाली पहली सरकार बनने की दिशा में काम कर रही पुष्कर सिंह धामी सरकार का सायरा बानो ने समर्थन किया है।
- उन्होंने कहा कि UCC मुस्लिम महिलाओं के हक और समानता को और मजबूती देगा।
- उत्तराखंड सरकार ने तीन तलाक, हलाला और जबरन धर्म परिवर्तन के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है, जिससे मुस्लिम महिलाओं को सुरक्षा और न्याय मिल सके।
सायरा बानो की यह नियुक्ति महिला सशक्तिकरण और मुस्लिम महिलाओं के अधिकारों की सुरक्षा के प्रति धामी सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। उत्तराखंड में UCC लागू होने से मुस्लिम महिलाओं को कानूनी अधिकारों की और अधिक सुरक्षा मिलेगी।