म्यांमार में शुक्रवार को आए भीषण भूकंप ने भारी तबाही मचाई है। अब तक की जानकारी के मुताबिक, इस प्राकृतिक आपदा में करीब 1000 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 1700 से अधिक लोग घायल हुए हैं। भूकंप के बाद लगातार आए झटकों से लोगों में दहशत का माहौल है और हालात बेहद गंभीर बने हुए हैं।
Approximately 15 tonnes of relief material is being sent to Myanmar on an IAF C 130 J aircraft from AFS Hindon, including tents, sleeping bags, blankets, ready-to-eat meals, water purifiers, hygiene kits, solar lamps, generator sets, essential Medicines (Paracetamol, antibiotics,… pic.twitter.com/A2lfqfPLvF
— ANI (@ANI) March 29, 2025
भूकंप का केंद्र म्यांमार के प्रमुख शहर मांडले के पास रहा और इसकी गहराई 10 किलोमीटर दर्ज की गई। विशेषज्ञों के अनुसार यह क्षेत्र आफ्टरशॉक्स के लिए अति-संवेदनशील है। रात को भी 11:56 बजे 4.2 तीव्रता का झटका दर्ज किया गया, जिससे लोगों में भय और बढ़ गया।
भारत ने बढ़ाया मदद का हाथ
आपदा की इस घड़ी में भारत ने एक बार फिर ‘पड़ोसी पहले’ की नीति के तहत म्यांमार की सहायता के लिए हाथ बढ़ाया है। भारत सरकार ने म्यांमार को 15 टन राहत सामग्री भेजी है। यह सहायता सामग्री भारतीय वायुसेना के सी-130जे सुपर हरक्यूलिस विमान के माध्यम से हिंडन एयरबेस से रवाना की गई।
#WATCH | Plane carrying approximately 15 tonnes of relief material was sent to Myanmar on an IAF C 130 J aircraft from AFS Hindon, including tents, sleeping bags, blankets, ready-to-eat meals, water purifiers, hygiene kits, solar lamps, generator sets, essential Medicines… pic.twitter.com/C4EGes0m6t
— ANI (@ANI) March 29, 2025
सूत्रों के अनुसार, राहत सामग्री में शामिल हैं:
- टेंट, कंबल और स्लीपिंग बैग
- खाने के लिए तैयार भोजन (Ready-to-eat meals)
- वाटर प्यूरीफायर और हाइजीन किट
- सोलर लैंप और जनरेटर सेट
- पैरासिटामोल, एंटीबायोटिक्स, सीरिंज, दस्ताने और पट्टियां आदि आवश्यक दवाइयाँ
यह राहत सामग्री म्यांमार में जरूरतमंदों तक तत्काल पहुंचाने के लिए भेजी गई है।
थाईलैंड में भी महसूस किए गए झटके
भूकंप का असर केवल म्यांमार तक सीमित नहीं रहा। इसके झटके थाईलैंड में भी महसूस किए गए, जिससे वहां भी कई जगहों पर क्षति की सूचना है। हालांकि थाईलैंड में जान-माल की हानि म्यांमार की तुलना में कम रही है, लेकिन वहां भी लोग भयभीत हैं।
भारत की ‘नेबरहुड फर्स्ट’ नीति फिर साबित हुई प्रभावी
आपदा के समय भारत की त्वरित सहायता एक बार फिर उसकी “नेबरहुड फर्स्ट” नीति को दर्शाती है। इससे पहले भी भारत नेपाल, श्रीलंका, बांग्लादेश और अफगानिस्तान जैसे पड़ोसी देशों में आपदा के समय तेजी से राहत पहुंचा चुका है। म्यांमार में यह मानवीय सहायता उस रणनीतिक साझेदारी का हिस्सा है जो भारत अपने आस-पास के देशों के साथ कायम रखता है।
Concerned by the situation in the wake of the Earthquake in Myanmar and Thailand. Praying for the safety and wellbeing of everyone. India stands ready to offer all possible assistance. In this regard, asked our authorities to be on standby. Also asked the MEA to remain in touch…
— Narendra Modi (@narendramodi) March 28, 2025
पीएम मोदी ने जताई चिंता
इससे पहले पीएम मोदी ने एक पोस्ट में शुक्रवार को म्यांमार और थाईलैंड में भीषण भूंकप के कारण उत्पन्न स्थिति पर चिंता जताई। पीएम मोदी ने कहा कि इस घड़ी में भारत दोनों देशों को हरसंभव सहायता प्रदान करने के लिए तैयार है। प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा, ‘म्यांमार और थाईलैंड में भूकंप के मद्देनजर पैदा हुई स्थिति से चिंतित हूं। सभी की सुरक्षा और भलाई के लिए प्रार्थना करता हूं। भारत हरसंभव सहायता प्रदान करने के लिए तैयार है।’