चिली के राष्ट्रपति गेब्रियल बोरिक फॉन्ट ने भारत दौरे के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की असाधारण नेतृत्व क्षमता और वैश्विक कूटनीति में उनकी अहम भूमिका की सराहना की। उन्होंने पीएम मोदी को “आजकल के प्रमुख भू-राजनीतिक खिलाड़ी” करार देते हुए कहा कि मोदी दुनिया के हर नेता से संवाद करने में सक्षम हैं।
पीएम मोदी की कूटनीतिक क्षमता की सराहना
राष्ट्रपति बोरिक ने कहा,
“आज के दौर में पीएम मोदी दुनिया के किसी भी नेता से बात कर सकते हैं। वह ट्रंप, ज़ेलेंस्की, यूरोपीय संघ, ग्रीस और ईरान के नेताओं से लेकर लैटिन अमेरिकी नेताओं तक के साथ संवाद कर रहे हैं। यह क्षमता किसी अन्य नेता के पास नहीं है। इसलिए वे आज के वैश्विक भू-राजनीतिक माहौल में एक प्रमुख खिलाड़ी हैं।”
भारत में बदलाव और चिली-भारत संबंधों पर जोर
राष्ट्रपति बोरिक ने भारत में मिले गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पिछले 16 वर्षों में भारत बहुत बदल चुका है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि चिली भारत के साथ अपने संबंधों को मजबूत करना चाहता है।
उन्होंने कहा,
“चिली दुनिया से जुड़ा हुआ देश है और हम भारत के साथ अपने संबंधों पर और अधिक गहराई से काम करना चाहते हैं। हमने कई समझौता ज्ञापनों (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं।”
उन्होंने यह भी बताया कि चिली किसी एक देश पर निर्भर नहीं है, बल्कि उसकी चीन, अमेरिका, यूरोपीय संघ, जापान, ऑस्ट्रेलिया, इंडोनेशिया, एशिया-प्रशांत और लैटिन अमेरिकी देशों के साथ मजबूत साझेदारी है।
राष्ट्रपति बोरिक का भारत दौरा और उनकी यात्राएं
- राष्ट्रपति बोरिक 1-5 अप्रैल 2025 तक भारत की यात्रा पर हैं।
- उनके साथ विदेश, कृषि, खनन, महिला एवं लैंगिक समानता, संस्कृति और कला मंत्रालय के मंत्री, सांसद, वरिष्ठ अधिकारी और बड़े व्यापारिक नेता भी हैं।
- नई दिल्ली के अलावा वे आगरा, मुंबई और बेंगलुरु का दौरा करेंगे।
पीएम मोदी और राष्ट्रपति बोरिक की बैठक
- नवंबर 2024 में रियो डी जेनेरियो G20 शिखर सम्मेलन में पीएम मोदी और राष्ट्रपति बोरिक की पहली मुलाकात हुई थी।
- मंगलवार को हैदराबाद हाउस में पीएम मोदी और राष्ट्रपति बोरिक के बीच द्विपक्षीय वार्ता हुई।
- राष्ट्रपति बोरिक ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से भी मुलाकात की, जिन्होंने उनके सम्मान में भोज का आयोजन किया।
- विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी उनसे मुलाकात की और विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की।
भारत-चिली संबंधों का महत्व
✅ व्यापार और निवेश: चिली भारत के साथ खनन, ऊर्जा, कृषि, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, डिजिटल इनोवेशन और स्टार्टअप सेक्टर में सहयोग बढ़ाना चाहता है।
✅ भू-राजनीतिक सहयोग: चिली भारत को लैटिन अमेरिका में एक महत्वपूर्ण भागीदार मानता है।
✅ कूटनीतिक संबंध: इस दौरे से भारत-चिली द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।
राष्ट्रपति बोरिक की यह यात्रा भारत-चिली संबंधों में एक नया अध्याय जोड़ने वाली साबित हो सकती है। प्रधानमंत्री मोदी की वैश्विक कूटनीति में बढ़ती भूमिका को लेकर उनकी सराहना यह दर्शाती है कि भारत अब दुनिया में एक अहम भू-राजनीतिक शक्ति बन चुका है।