बांग्लादेश की राजधानी ढाका में शुक्रवार शाम हिंदू समुदाय के लोगों ने भगवान राम के कथित अपमान के विरोध में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन किया। सैकड़ों लोगों ने मशाल जुलूस निकालकर घटना के खिलाफ अपना आक्रोश व्यक्त किया और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि कुछ कट्टरपंथी तत्वों ने भगवान राम की तस्वीर और प्रतिमा का अपमान किया, जिससे हिंदू समाज की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। इस घटना के विरोध में ढाका के प्रमुख इलाकों में बड़ी संख्या में लोग एकत्र हुए और न्याय की मांग करते हुए नारेबाजी की।
शाहबाग चौराहे पर जुटी बड़ी भीड़
प्रदर्शनकारी ढाका के शाहबाग चौराहे पर एकत्र हुए, जहां उन्होंने मशाल जुलूस निकालकर अपना विरोध दर्ज कराया। इस दौरान बांग्लादेश सरकार से दोषियों को तत्काल गिरफ्तार करने की मांग की गई।
हिंदू समुदाय के प्रतिनिधियों ने सरकार को 72 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि यदि निर्धारित समय के भीतर आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि वे आगे धार्मिक मामलों के मंत्रालय को ज्ञापन सौंपेंगे और व्यापक जनआंदोलन शुरू करेंगे।
बांग्लादेश की राजधानी ढाका में हिंदू समुदाय के लोगों ने विरोध प्रदर्शन आयोजित किया। प्रदर्शनकारियों ने भगवान श्रीराम की तस्वीर के कथित अपमान के मामले में न्याय की मांग की।
इसके साथ ही उन्होंने गाइबांधा में प्रस्तावित 81 फीट ऊंची भगवान श्रीराम की प्रतिमा परियोजना को दोबारा शुरू… pic.twitter.com/3fisOSUVYI
— One India News (@oneindianewscom) June 20, 2026
64 जिलों में आंदोलन फैलाने की चेतावनी
प्रदर्शन में शामिल संगठनों ने कहा कि यदि दोषियों की गिरफ्तारी नहीं होती है, तो आंदोलन केवल ढाका तक सीमित नहीं रहेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि बांग्लादेश के सभी 64 जिलों में विरोध प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे।
हिंदू संगठनों का कहना है कि धार्मिक आस्था और पूजा स्थलों के सम्मान से कोई समझौता नहीं किया जा सकता। प्रदर्शनकारियों ने यह भी कहा कि वे अपने धार्मिक अधिकारों और मंदिर निर्माण के मुद्दे पर संघर्ष जारी रखेंगे।
विभिन्न संगठनों ने भी किया विरोध प्रदर्शन
शुक्रवार सुबह भी ढाका में विभिन्न हिंदू संगठनों द्वारा अलग-अलग स्थानों पर विरोध प्रदर्शन आयोजित किए गए। हिंदू महाजोत के विभिन्न गुटों ने नेशनल प्रेस क्लब और ढाका रिपोर्टर्स यूनिटी के बाहर कार्यक्रम किए।
इस दौरान कई स्थानों पर मानव श्रृंखला (Human Chain) बनाकर शांतिपूर्ण विरोध दर्ज कराया गया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से धार्मिक स्थलों और धार्मिक प्रतीकों के सम्मान की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।
Dhaka | Hindu community in Bangladesh protest against 'the insult of Lord Ram' and held a torchlight procession in Dhaka, demanding the arrest of the culprit
Construction of an idol of Lord Ram at the Sanatan Complex at Polash Bari in Gaibandha was halted after
+1 pic.twitter.com/AQIBpxmczX
— Avinash K S🇮🇳 (@AvinashKS14) June 19, 2026
क्या है पूरा विवाद?
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, रंगपुर डिवीजन के गाइबांधा जिले में भगवान राम का मंदिर और 81 फीट ऊंची प्रतिमा निर्माण का कार्य प्रस्तावित था। आरोप है कि इस निर्माण को लेकर कुछ संगठनों ने विरोध प्रदर्शन किया।
विवाद तब और बढ़ गया जब सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें कथित रूप से भगवान राम की तस्वीर वाले बैनर के साथ आपत्तिजनक व्यवहार किए जाने का दावा किया गया। वीडियो सामने आने के बाद हिंदू समुदाय में नाराजगी फैल गई और विभिन्न संगठनों ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग शुरू कर दी।
सरकार की कार्रवाई पर टिकी निगाहें
अब पूरे मामले में बांग्लादेश सरकार की अगली कार्रवाई पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं। हिंदू संगठनों का कहना है कि यदि दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन और व्यापक रूप ले सकता है।
धार्मिक सौहार्द और सामाजिक शांति बनाए रखने के लिए प्रशासन से त्वरित और निष्पक्ष जांच की मांग की जा रही है। आने वाले दिनों में सरकार की प्रतिक्रिया और कानून-व्यवस्था की स्थिति इस विवाद की दिशा तय करेगी।
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