अमेरिका के दक्षिण और मध्य-पश्चिमी इलाकों में एक विनाशकारी तूफान ने जबरदस्त तबाही मचाई है। ओक्लाहोमा से लेकर इंडियाना और मिसिसिपी से ओहायो तक कई इलाके इसकी चपेट में आ गए हैं, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।
तूफान की तबाही: मुख्य तथ्य
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7 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है।
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लाखों घरों की बिजली गुल, कई घरों की छतें उड़ गईं, पेड़ उखड़ गए और बिजली के खंभे गिर गए।
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ओहायो से मिसिसिपी तक 15 लाख से अधिक लोग प्रभावित।
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नैशविले (टेनेसी), ट्यूपेलो (मिसिसिपी) जैसे बड़े शहरों में भी संकट।
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स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की अपील: लोग घरों में रहें और सुरक्षित रहें।
अब बाढ़ की आशंका भी
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राष्ट्रीय मौसम सेवा (NWS) के मुताबिक अगले चार दिनों में एक फीट (30 सेमी) से अधिक बारिश की संभावना है।
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फ्लैश फ्लड (अचानक बाढ़) का खतरा बढ़ गया है, विशेषकर मध्य अमेरिका के राज्यों में।
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बचाव टीमें अलर्ट पर हैं, और संवेदनशील इलाकों में तलाशी अभियान चल रहे हैं।
तूफान के पीछे क्या कारण हैं?
वैज्ञानिकों का मानना है कि:
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अस्थिर वायुमंडलीय परिस्थितियाँ,
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तेज हवाओं का दबाव,
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गर्म मौसम और
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मेक्सिको की खाड़ी से आ रही नमी
इन खतरनाक तूफानों को जन्म देने में मुख्य भूमिका निभा रही है।
टेनेसी के गवर्नर बिल ली का बयान
“स्थिति भयावह है। तलाशी और राहत कार्य जारी हैं। कई लोग मुसीबत में हैं और हम पूरी मदद पहुंचा रहे हैं।”
नागरिकों के लिए चेतावनी और निर्देश
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बिना ज़रूरत घर से बाहर न निकलें
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स्थानीय अधिकारियों की चेतावनियों का पालन करें
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बिजली, गैस और पानी के आपूर्ति पर ध्यान दें – कोई रिसाव हो तो तुरंत सूचना दें
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जरूरी दस्तावेज़ और दवाइयाँ तैयार रखें – किसी भी इमरजेंसी के लिए
ऐसे प्राकृतिक आपदाओं के समय भारत भी प्रवासी भारतीय समुदाय की सुरक्षा पर ध्यान देता है। अगर वहां भारतीय दूतावास से संबंधित मदद चाहिए तो प्रभावित भारतीयों को निकटतम भारतीय दूतावास/कांसुलेट से संपर्क करने की सलाह दी जाती है।