स्पेसएक्स का ड्रैगन एयरक्राफ्ट भारतीय समयानुसार बुधवार सुबह 3:27 बजे सफलतापूर्वक पृथ्वी पर लौट आया। नासा ने इस मिशन को पूरी तरह योजनाबद्ध और सफल बताया। इस मिशन में भारतीय मूल की अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स, बुच विल्मोर, अलेक्जेंडर गोर्बुनोव और निक हेग शामिल थे।
मिशन की मुख्य बातें:
✅ 150 से अधिक वैज्ञानिक प्रयोग – सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर ने 9 महीने तक अंतरिक्ष में रहकर 900 घंटे का कार्य किया और 150 से ज्यादा प्रयोग पूरे किए, जो भविष्य के मिशनों के लिए उपयोगी होंगे।
✅ 62 घंटे का स्पेस वॉक – सुनीता विलियम्स ने अंतरिक्ष में रहते हुए लगभग 62 घंटे का स्पेसवॉक कर नया रिकॉर्ड बनाया।
✅ सुरक्षित वापसी – चारों अंतरिक्ष यात्री पूरी तरह सुरक्षित हैं और उनकी मेडिकल जांच पूरी कर ली गई है। हालांकि, पृथ्वी के वातावरण में पूरी तरह अनुकूल होने में कुछ हफ्ते लग सकते हैं।
✅ प्रार्थनाएं और आस्था –
🔸 अमेरिका के 21 हिंदू मंदिरों में सुनीता विलियम्स के लिए प्रार्थनाएं की गईं।
🔸 उनके चर्च, ह्यूस्टन के बैपटिस्ट चर्च में भी उनके लिए प्रार्थनाएं हुईं।
✅ लैंडिंग स्थल और नाम परिवर्तन – इस मिशन की सफल लैंडिंग मैक्सिको की खाड़ी में हुई, जिसका नाम राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने “अमेरिका की खाड़ी” रखने के लिए एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए थे।
LIVE: Leaders from NASA and @SpaceX are sharing the latest updates following #Crew9's safe return to Earth earlier this evening. https://t.co/32N0dZfaEO
— NASA (@NASA) March 18, 2025
भारत के लिए गर्व का क्षण
भारतीय मूल की सुनीता विलियम्स ने एक बार फिर अंतरिक्ष में ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं। उनकी मेहनत और समर्पण ने न केवल वैज्ञानिक समुदाय को बल्कि भारत और विश्वभर के लोगों को प्रेरित किया है।
नासा के मुताबिक, सभी अंतरिक्ष यात्रियों को पृथ्वी के माहौल में पूरी तरह ढलने के बाद अपने परिवार और प्रियजनों से मिलने की अनुमति दी जाएगी।