म्यांमार में हाल ही में आए विनाशकारी भूकंप ने देश में भारी तबाही मचाई है। अब तक 1,700 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि हजारों लोग घायल हुए हैं। भूकंप के कारण कई इमारतें, पुल और मंदिर नष्ट हो गए हैं या गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं।
संयुक्त राज्य भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (यूएसजीएस) ने चेतावनी दी है कि मृतकों की संख्या 10,000 से अधिक हो सकती है। भूकंप का केंद्र म्यांमार के मध्य सागाइंग क्षेत्र में स्थित था, जो ऐतिहासिक शहर मांडले के पास है। मांडले में कई इमारतें और पुल ढह गए हैं, जिससे प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचना कठिन हो गया है।
देश में चल रहे गृहयुद्ध, क्षतिग्रस्त सड़कें, ढह चुके पुल और संचार व्यवस्था का अभाव राहत कार्यों में बड़ी बाधा बन रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के अनुसार, कई स्वास्थ्य सुविधाएं नष्ट हो गई हैं, और चिकित्सा आपूर्ति की भारी कमी है।
BREAKING: The death toll from the massive earthquake that hit Myanmar has now risen to more than 1,700 as more bodies have been pulled from the rubble, the country's military-led government said. https://t.co/MnQJnzrIfe
— The Associated Press (@AP) March 31, 2025
भारत ने भी म्यांमार में बचाव और राहत कार्यों में सहायता के लिए टीमें भेजी हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने म्यांमार के वरिष्ठ जनरल मिन आंग ह्लाइंग से बात कर अपनी संवेदना व्यक्त की और हर संभव सहायता का आश्वासन दिया।
इस आपदा के बीच, म्यांमार की सैन्य सरकार ने भूकंप प्रभावित क्षेत्रों में हवाई हमले किए हैं, जिससे राहत और बचाव कार्यों में और बाधाएं उत्पन्न हो रही हैं।
स्थिति गंभीर बनी हुई है, और मृतकों की संख्या में वृद्धि होने की आशंका है, क्योंकि कई लोग अभी भी मलबे में फंसे हुए हैं। राहत और बचाव कार्य जारी हैं, लेकिन चुनौतियां बहुत बड़ी हैं।