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मीरापुर उपचुनाव में गुस्साई भीड़ ने की पत्थरबाजी, पुलिस ने संभाला मोर्चा, बरसाई लाठी

मीरापुर उपचुनाव में गुस्साई भीड़ ने की पत्थरबाजी, पुलिस ने संभाला मोर्चा, बरसाई लाठी

उत्तर प्रदेश की 9 विधानसभा सीटों पर हो रहे उपचुनाव के लिए बुधवार (20 नवंबर, 2024) को मतदान जारी है। ये सीटें फूलपुर, गाजियाबाद, मझवां, खैर, मीरापुर, सीसामऊ, कटेहरी, करहल और कुंदरकी हैं। इन्हीं में से मतदान के दौरान मुज़फ्फरनगर की मीरापुर सीट पर पथराव की खबर आई है। हिंसा का आरोप समाजवादी पार्टी (SP) की प्रत्याशी सुम्बुल राणा के समर्थकों पर लगा है। वहीं मुरादाबाद की कुंदरकी विधानसभा के सपा प्रत्याशी हाजी रिज़वान भी मतदान के दौरान पुलिस से भिड़ गए। उन्होंने सुरक्षा के लिए लगाए गए बैरिकेड हटाने का प्रयास किया।

मुजफ्फरनगर की मीरापुर से बहुजन समाज पार्टी (BSP) के पूर्व सांसद कादिर राणा की बहू सुम्बुल राणा सपा के टिकट से चुनावी मैदान में हैं। मतदान शुरू होते ही ककरौली इलाके में समाजवादी पार्टी के समर्थकों ने वोटिंग में धांधली का आरोप लगाना शुरू कर दिया। इसके बाद नारेबाजी भी शुरू हो गई। अधिकारियों ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताया और नारा लगा रहे लोगों को समझाने की कोशिश की।

प्रशासन के प्रयासों का सपा समर्थकों पर कोई असर नहीं पड़ा। थोड़ी ही देर में सुम्बुल राणा के समर्थक मारपीट पर उतारू हो गए। उन्होंने पुलिस पर पथराव करना चालू कर दिया। पुलिस ने भीड़ को खदेड़ने की कोशिश की। इस हिंसा के वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। हिंसा करने वाली भीड़ में उन नाबालिग बच्चों को भी देखा जा सकता है जिनके सम्भवतः अभी वोटर कार्ड भी नहीं बने हैं। कुछ अन्य वीडियो में हमलावरों को घरों की आड़ ले कर पथराव करते देखा जा सकता है।

मीरापुर में हिंसा के बाद NDA गठबंधन की प्रत्याशी मिथिलेश पाल ने सपा पर बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने हिंसा के बाद कहा कि बाहर से दंगा करने के लिए लोग बुलाए गए हैं और यह असलहा लेकर आए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इन लोगों को मस्जिदों और मदरसों में रोका गया है।

क्या बोले पुलिस के अधिकारी

मुजफ्फरनगर एसएसपी अभिषेक सिंह ने बताया, “मीरापुर विधानसभा उपचुनाव के दौरान थाना ककरौली क्षेत्र के अंतर्गत गांव ककरौली के पास दो पक्षों में छोटी सी झड़प हुई है। पुलिस ने तत्काल मौके पर पहुंचकर बल प्रयोग कर सभी को वहां से हटा दिया है। मौके पर शांति व्यवस्था कायम है और मतदान स्वतंत्र एवं निष्पक्ष तरीके से चल रहा है।” बता दें कि बटेंगे तो कटेंगे नारा जो महाराष्ट्र की विधानसभा चुनाव में गूज रहा है, उसकी शुरुआत उत्तर प्रदेश में हुई थी। इसका प्रयोग हरियाणा, झारखंड और फिर महाराष्ट्र में किया जा रहा है। दरअसल अखिलेश यादव के पीडीए फॉर्मूले के खिलाफ ये बयान दिया गया था। यूपी के 9 सीटों पर उपचुनाव होने वाले हैं। इस चुनाव में 90 प्रत्याशी मैदान में हैं। यहां भाजपा, एसपी और बीएसपी के बीच त्रिकोणीय मुकाबला देखने को मिल रहा है।

कुंदरकी में पुलिस से भिड़े सपा प्रत्याशी

मुरादाबाद के कुंदरकी में भी बवाल हुआ। समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी हाजी रिज़वान पुलिस से भिड़ते नजर आए। सुरक्षा के लिए लगाए गए बैरिकेड को देख कर हाजी रिज़वान भड़क उठे। वह मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों पर चीखने-चिल्लाने लगे। पुलिस के समझाने के बावजूद रिज़वान जबरन बैरिकेड को अपने हाथों से हटाने लगे। मौके पर महिला पुलिसकर्मी भी तैनात थीं। हाजी के समर्थक भी पुलिस से पूछ रहे थे कि उनको किसी का पहचान पत्र चेक करने का अधिकार किसने दिया।

सपा प्रत्याशी का दावा है कि उन्होंने 70 साल की उम्र में पहली बार ऐसा बैरिकेड देखा है। यह बहस कुंदरकी के भीखनपुर कुलवाड़ा के बूथ संख्या 362,363 के पास हुई है। बाकी सीटों पर हिंसा या तनातनी की कोई सूचना नहीं आई है। यूपी उपचुनाव के नतीजे 23 नवम्बर, 2024 को आएगा।

टिकटों का बंटवारा

अगर इन 9 विधानसभा सीटों पर 2022 के चुनाव की बात करें तो 4 समाजवादी पार्टी के पास है, एनडीए के पास 5 सीटें हैं। इसमें से भाजपा के पास तीन और सहयोगी दलों के पास 2 सीटें हैं। टिकटों के बंटवारे में जहां अखिलेश ने मुस्लिम कार्ड खेला है। वहीं भाजपा ने ओबीसी पर दांव लगाया है। भाजपा ने सबसे ज्यादा 5 उम्मीदवार ओबीसी उतारे हैं। जबकि एक दलित और 3 अगड़ी जाति के हैं। मुस्लिम को भाजपा ने कोई टिकट नहीं दिया है। वहीं समाजवादी पार्टी ने सबसे ज्यादा 4 उम्मीदवार मुस्लिम उतारे हैं। इसके अलावा ओबीसी 2, दलित 2 उम्मीदवार हैं अगड़ी जाति को एक भी टिकट नहीं दिया गया है।

Filed under Uttar Pradesh

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