प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में तीन दिवसीय विशाल निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। आयोजकों के मुताबिक, 26 से 28 सितंबर 2026 तक गाजीपुर के लंका मैदान में आयोजित इस शिविर में 31 हजार से अधिक लोगों ने स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाया। करीब 100 विशेषज्ञ डॉक्टरों ने मरीजों की जांच और इलाज किया, जबकि जरूरतमंद मरीजों को निःशुल्क दवाएं भी उपलब्ध कराई गईं।
स्वास्थ्य शिविर की खास बात यह रही कि यहां केवल सामान्य जांच और OPD सेवाएं ही नहीं दी गईं, बल्कि जिन मरीजों को सर्जरी की आवश्यकता पाई गई, उन्हें आगे निःशुल्क ऑपरेशन के लिए भी रेफर किया गया। आयोजकों के अनुसार, मरीजों की संख्या और उपलब्ध कराई गई चिकित्सा सेवाओं के लिहाज से यह उत्तर प्रदेश के बड़े स्वास्थ्य शिविरों में शामिल रहा।
डिप्टी CM ब्रजेश पाठक ने किया स्वास्थ्य शिविर का उद्घाटन
गाजीपुर के लंका मैदान में आयोजित इस स्वास्थ्य शिविर का उद्घाटन उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने किया था। तीन दिनों तक चले शिविर में गाजीपुर और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग स्वास्थ्य जांच और विशेषज्ञ डॉक्टरों से परामर्श लेने पहुंचे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जनसेवा के 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित इस अभियान का उद्देश्य ग्रामीण और जरूरतमंद लोगों तक विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना था।
करीब 100 विशेषज्ञ डॉक्टर पहुंचे गाजीपुर
स्वास्थ्य शिविर में देश के अलग-अलग प्रतिष्ठित अस्पतालों और चिकित्सा संस्थानों से करीब 100 डॉक्टर शामिल हुए। इनमें नई दिल्ली के AIIMS, मुंबई के Jaslok Hospital, Apollo Hospitals के साथ वाराणसी के Heritage Institute of Medical Sciences और Oriana Hospital से जुड़े विशेषज्ञ चिकित्सक शामिल थे।
एक ही स्थान पर विभिन्न चिकित्सा क्षेत्रों के विशेषज्ञ उपलब्ध होने से मरीजों को गंभीर और जटिल स्वास्थ्य समस्याओं के लिए भी परामर्श मिल सका।
न्यूरोलॉजी से कार्डियोलॉजी तक मिली सुपर-स्पेशियलिटी सेवाएं
तीन दिवसीय शिविर में न्यूरोलॉजी, कार्डियोलॉजी, ऑर्थोपेडिक्स, यूरोलॉजी, नेफ्रोलॉजी, स्त्री एवं प्रसूति रोग, बाल रोग, एंडोक्राइनोलॉजी, डायबिटीज और न्यूरो-स्पाइन सहित कई चिकित्सा विभागों की सेवाएं उपलब्ध कराई गईं।
इसके अलावा सामान्य स्वास्थ्य जांच, ब्लड प्रेशर और ब्लड शुगर जैसी जांचों की भी व्यवस्था की गई थी। मरीजों को डॉक्टरों की सलाह के आधार पर आवश्यक दवाएं भी निःशुल्क उपलब्ध कराई गईं।
15 हजार का था लक्ष्य, 31 हजार से ज्यादा मरीज पहुंचे
आयोजकों ने शुरुआत में करीब 15 हजार मरीजों को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा था, लेकिन तीन दिनों में यह आंकड़ा दोगुने से भी अधिक हो गया।
आयोजकों के आंकड़ों के अनुसार, तीन दिनों में करीब 31,274 लोगों ने स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाया। अकेले अंतिम दिन करीब 12,096 मरीजों की जांच या चिकित्सकीय सेवा की गई।
मरीजों की इतनी बड़ी संख्या ने आयोजन के पैमाने को काफी बढ़ा दिया। विशेषज्ञ डॉक्टरों ने मरीजों की जांच के बाद जरूरत के मुताबिक उपचार, दवा और आगे की चिकित्सा के लिए सलाह दी।
410 मरीज सर्जरी के लिए रेफर
स्वास्थ्य शिविर को केवल जांच और दवा वितरण तक सीमित नहीं रखा गया। जांच के दौरान जिन मरीजों को ऑपरेशन की जरूरत पाई गई, उन्हें आगे सर्जरी के लिए रेफर किया गया।
आयोजकों के मुताबिक, करीब 410 मरीजों को सर्जरी के लिए चिन्हित और रेफर किया गया। इन मरीजों के ऑपरेशन की व्यवस्था गाजीपुर के महर्षि विश्वामित्र स्वशासी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में की गई है।
1 अक्टूबर तक निःशुल्क सर्जरी की व्यवस्था
चिन्हित मरीजों की निःशुल्क सर्जरी के लिए 27 सितंबर से 1 अक्टूबर तक विशेष व्यवस्था की गई। इस चरण में करीब 500 मरीजों की मुफ्त सर्जरी करने का लक्ष्य रखा गया था।
इस पहल में Rotary International का सहयोग भी लिया गया है। इससे आर्थिक रूप से कमजोर उन मरीजों को विशेष लाभ मिलने की उम्मीद है, जिनके लिए सर्जरी का खर्च उठाना मुश्किल होता है।
अभिनव सिन्हा ने कराया स्वास्थ्य शिविर का आयोजन
इस विशाल निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन भाजपा नेता और टेक्नोक्रैट अभिनव सिन्हा की पहल पर किया गया। BIT Mesra से इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने वाले अभिनव सिन्हा मल्टीनेशनल कंपनी की नौकरी छोड़कर गाजीपुर में सामाजिक और राजनीतिक गतिविधियों से जुड़े हुए हैं।
उनकी पहल पर अलग-अलग शहरों और प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थानों के विशेषज्ञ डॉक्टरों को गाजीपुर में एक मंच पर लाकर स्थानीय लोगों को निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया।
PM Modi के 25 साल की जनसेवा से जोड़ा गया अभियान
कार्यक्रम को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में 25 वर्ष पूरे होने के अवसर से जोड़ा गया। आयोजकों ने इसे जनसेवा अभियान के रूप में पेश करते हुए स्वास्थ्य सुविधाओं को जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाने पर जोर दिया।
तीन दिनों में 31 हजार से अधिक लोगों की जांच, निःशुल्क दवा वितरण और सैकड़ों मरीजों को मुफ्त सर्जरी के लिए रेफर किए जाने के कारण यह आयोजन गाजीपुर में बड़े स्वास्थ्य सेवा अभियानों में से एक बनकर सामने आया है।
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