झारखंड में JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और परीक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार जारी है। 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के मौके पर रांची में आंदोलनकारी छात्रों ने तिरंगा यात्रा आयोजित की। इसी दौरान छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उन्हें जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में आयोजित ध्वजारोहण और तिरंगा यात्रा में शामिल होने से रोक दिया।
देवेंद्र नाथ महतो फिलहाल अस्पताल में हैं और JPSC-JSSC से जुड़े आंदोलन के दौरान अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल भी कर रहे हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर दावा किया कि वह जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में ध्वजारोहण कार्यक्रम और तिरंगा यात्रा में शांतिपूर्वक शामिल होना चाहते थे, लेकिन अस्पताल से निकलते समय पुलिस ने उन्हें रोक दिया।
पुलिस से धक्का-मुक्की में छाती पर चोट का दावा
महतो ने आरोप लगाया कि उन्हें रोकने के दौरान पुलिसकर्मियों ने उनके साथ धक्का-मुक्की की। उन्होंने कहा कि इस दौरान उनकी छाती में चोट लगी, जिसके बाद उनका इलाज और मेडिकल परीक्षण किया गया। महतो ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में पुलिस की कार्रवाई पर सवाल भी उठाए।
उन्होंने दावा किया कि अस्पताल में उनके कमरे के बाहर भी पुलिस बल तैनात किया गया और बाहर निकलने से रोके जाने के बाद वह अपने कमरे के दरवाजे के बाहर बैठ गए।
14 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे मेरे साथ आज पुलिस द्वारा धक्का-मुक्की और बलपूर्वक रोकने की कोशिश की गई। मेरे साथ मौजूद साथियों के साथ भी पुलिस द्वारा मारपीट की गई।
कई दिनों से भूखा होने के बावजूद मैं अपने अधिकार और जनता की आवाज़ के लिए खड़ा हूँ। हमें इस तरह रोककर हमारी आवाज़ को… pic.twitter.com/TRxMaMkBqR
— Devendra Nath Mahto (@DevendraNathMa9) August 15, 2026
‘क्या यही आजादी है?’ महतो ने उठाया सवाल
देवेंद्र नाथ महतो ने स्वतंत्रता दिवस पर तिरंगा यात्रा में शामिल होने से रोके जाने को लेकर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि वह केवल ध्वजारोहण और तिरंगा यात्रा में शांतिपूर्ण तरीके से हिस्सा लेना चाहते थे। महतो ने सवाल किया कि क्या अपने ही देश में तिरंगा फहराने और तिरंगा यात्रा में शामिल होने की भी स्वतंत्रता नहीं है। महतो ने पुलिस पर अपने साथियों के खिलाफ भी बल प्रयोग करने का आरोप लगाया है।
जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से निकाली गई तिरंगा यात्रा
स्वतंत्रता दिवस के मौके पर आंदोलनकारी छात्रों ने रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से तिरंगा यात्रा निकाली। यह वही स्थान है जो पिछले कई दिनों से JPSC-JSSC अभ्यर्थियों के आंदोलन का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। इससे पहले भी यहां से छात्रों ने विधानसभा मार्च और तिरंगा मार्च जैसे कार्यक्रम आयोजित किए थे।
छात्रों का कहना है कि उनका आंदोलन भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता, कथित गड़बड़ियों की जांच और परीक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की मांग को लेकर है। आंदोलनकारियों ने पूर्व में कथित भर्ती अनियमितताओं की जांच केंद्रीय एजेंसियों से कराने की मांग भी उठाई है।
JPSC-JSSC को लेकर क्यों आंदोलन कर रहे हैं छात्र?
झारखंड में JPSC और JSSC की भर्ती परीक्षाओं को लेकर अभ्यर्थी लंबे समय से कथित पेपर लीक, परीक्षा में अनियमितताओं और भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता से जुड़े सवाल उठा रहे हैं। देवेंद्र नाथ महतो इस आंदोलन के प्रमुख चेहरों में शामिल हैं और अगस्त की शुरुआत से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं।
हाल के दिनों में आंदोलन तब और तेज हो गया था जब छात्रों ने झारखंड विधानसभा की ओर मार्च करने का प्रयास किया। उस दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए लाठीचार्ज, आंसू गैस और वाटर कैनन का इस्तेमाल किया था। अधिकारियों के अनुसार उस घटनाक्रम में पुलिसकर्मी भी घायल हुए थे।
हेमंत सोरेन सरकार ने पारदर्शी परीक्षा का दिया भरोसा
छात्रों के आंदोलन के बीच झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने परीक्षा और भर्ती व्यवस्था में सुधार की बात कही है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि राज्य सरकार पारदर्शी परीक्षा प्रणाली सुनिश्चित करने और भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ियों को रोकने के लिए कदम उठाएगी।
इसके बावजूद आंदोलनकारी छात्रों का कहना है कि उनकी प्रमुख मांगों पर ठोस कार्रवाई होने तक आंदोलन जारी रहेगा। स्वतंत्रता दिवस पर आयोजित तिरंगा यात्रा और देवेंद्र नाथ महतो को इसमें शामिल होने से कथित रूप से रोकने का मामला अब इस आंदोलन से जुड़े नए विवाद के रूप में सामने आया है।
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