देश के कई हिस्सों में मानसूनी बारिश अब आफत बनकर बरस रही है। मैदानी इलाकों से लेकर पहाड़ी राज्यों तक नदियों का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ और कटाव का खतरा गहरा गया है। उत्तर प्रदेश में गंगा और सरयू के बढ़ते जलस्तर ने कई गांवों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं, जबकि उत्तराखंड में तमसा नदी के उफान से देहरादून के टपकेश्वर महादेव मंदिर के आसपास हालात गंभीर बने हुए हैं। जम्मू-कश्मीर के अखनूर में चिनाब नदी का पानी अचानक बढ़ने से तीन युवक तेज धारा के बीच फंस गए, जिन्हें करीब दो घंटे चले संयुक्त रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद सुरक्षित बचा लिया गया।
बारिश और बाढ़ का असर उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर समेत कई राज्यों में देखने को मिल रहा है। कहीं बाढ़ का पानी रिहायशी इलाकों में घुस गया है तो कहीं तेज धार और कटाव से सड़कें, खेत और दूसरी संरचनाएं खतरे की जद में आ गई हैं।
बलिया में गंगा का कहर, नदी में समाई 20 फीट ऊंची पानी की टंकी
उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में गंगा नदी का बढ़ता जलस्तर और कटाव लोगों के लिए बड़ी परेशानी बन गया है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में नदी की तेज धारा और कटाव के कारण 20 फीट से अधिक ऊंची पानी की टंकी भी गंगा में समा गई। इलाके में गंगा और सरयू के बढ़ते जलस्तर के कारण कई गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। कई संपर्क मार्ग और निचले इलाके पानी की चपेट में हैं, जबकि फसलों को भी नुकसान पहुंचा है। ताजा स्थानीय रिपोर्टों में बलिया के दर्जनों गांवों के बाढ़ से घिरे होने की बात सामने आई है।
उत्तर प्रदेश के दूसरे हिस्सों में भी गंगा का बढ़ा हुआ जलस्तर चिंता बढ़ा रहा है। वाराणसी में पिछले दिनों गंगा चेतावनी स्तर के करीब पहुंच गई थी और वरुणा नदी का पानी कई घरों में घुस गया था। हालांकि प्रयागराज में सोमवार, 24 अगस्त को गंगा और यमुना के जलस्तर में कुछ राहत के संकेत मिले और पानी घटने लगा।
रीवा में सोसायटी में घुसा बाढ़ का पानी
मध्य प्रदेश के रीवा में भी भारी बारिश के बाद हालात बिगड़े हैं। कई रिहायशी क्षेत्रों में पानी भरने के कारण लोगों की मुश्किलें बढ़ गईं। कुछ जगह घरों के ग्राउंड फ्लोर तक पानी पहुंचने के बाद परिवारों को ऊपरी मंजिलों पर शरण लेनी पड़ी।
राहत और बचाव कार्यों में जुटी टीमों को गहरे पानी के बीच लोगों तक पहुंचना पड़ा। ऐसे हालात में प्रशासन की प्राथमिकता प्रभावित इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने और जलभराव वाले क्षेत्रों में सहायता उपलब्ध कराने की रही।
मोहाली में उफनते पानी के बीच फंसा पिकअप वाहन
पंजाब के मोहाली में भारी बारिश के बाद अचानक पानी का बहाव तेज हो गया। तेज धार के बीच भैंसों को लेकर जा रहा एक पिकअप वाहन फंस गया। हालात बिगड़ने पर चालक और पशुओं को सुरक्षित निकालने की कोशिश की गई और बाद में रस्सियों की मदद से वाहन को भी बाहर निकाला गया।
मोहाली में तेज बारिश के बाद पिकअप वाहन के पानी में फंसने की घटना उन कई घटनाओं में शामिल है, जो मानसून के दौरान अचानक बढ़ते जलप्रवाह के खतरे को दिखाती हैं। देश के कई हिस्सों में भारी बारिश, भूस्खलन और उफनती नदियों के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ है।
देहरादून में उफनी तमसा नदी, टपकेश्वर महादेव मंदिर क्षेत्र प्रभावित
उत्तराखंड के देहरादून में लगातार बारिश के कारण तमसा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा। ऐतिहासिक टपकेश्वर महादेव मंदिर के आसपास नदी के तेज बहाव ने हालात चिंताजनक बना दिए। मंदिर के आसपास के घाट और रास्ते पानी से प्रभावित हुए तथा प्रशासन ने नदी-नालों के नजदीक जाने से बचने की सलाह दी।
18 अगस्त को तमसा नदी में अचानक उफान आने के बाद टपकेश्वर महादेव मंदिर के पास माता वैष्णो देवी गुफा योग मंदिर, संतोषी माता मंदिर और आर्मी क्षेत्र को जोड़ने वाला रास्ता भी करीब एक घंटे तक प्रभावित रहा था। प्रशासन ने बारिश के दौरान नदी और नालों के किनारे अतिरिक्त सावधानी बरतने की अपील की है।
तमसा नदी के रौद्र रूप से बढ़ी चिंता
तमसा नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने के कारण मंदिर और आसपास के क्षेत्र में पानी तेजी से फैल गया। तेज बहाव के चलते पार्किंग और निचले हिस्सों में मौजूद वाहनों पर भी खतरा बढ़ गया। मानसून के दौरान देहरादून और आसपास के पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन, सड़कें बंद होने और नदी-नालों के उफान की घटनाएं लगातार चुनौती बनी हुई हैं।
उत्तराखंड में अगस्त की शुरुआत में भी भारी बारिश को लेकर मौसम विभाग की चेतावनी के बाद कई जिलों में प्रशासन अलर्ट मोड पर रहा था और लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने तथा नदियों के पास न जाने की सलाह दी गई थी।
अखनूर में चिनाब नदी के बीच फंसे तीन युवकों का रेस्क्यू
जम्मू-कश्मीर के अखनूर में शनिवार रात चिनाब नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने से तीन युवक नदी की तेज धारा के बीच फंस गए। तीनों चांदियां घाट इलाके में नदी किनारे मौजूद थे, तभी कैचमेंट एरिया में भारी बारिश के बाद पानी तेजी से बढ़ गया।
घटना की जानकारी मिलते ही जम्मू-कश्मीर पुलिस, भारतीय सेना और SDRF की टीमें मौके पर पहुंचीं। करीब दो घंटे तक चले संयुक्त रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद रस्सियों की मदद से तीनों युवकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। अधिकारियों के मुताबिक सभी सुरक्षित हैं।
मानसून में नदी-नालों से दूरी बनाने की अपील
लगातार हो रही बारिश के बीच प्रशासन और आपदा प्रबंधन एजेंसियां लोगों से उफनती नदियों, नालों, पुलों और जलभराव वाले रास्तों से दूर रहने की अपील कर रही हैं। अचानक जलस्तर बढ़ने की घटनाएं खास तौर पर पहाड़ी और नदी किनारे वाले इलाकों में बड़ा खतरा पैदा कर सकती हैं।
देश के अलग-अलग राज्यों से सामने आ रही घटनाएं बता रही हैं कि इस मानसून में सिर्फ भारी बारिश ही नहीं, बल्कि नदी का कटाव, फ्लैश फ्लड, जलभराव और अचानक बढ़ता जलस्तर भी बड़ी चुनौती बन गया है। ऐसे में मौसम संबंधी चेतावनियों और स्थानीय प्रशासन की एडवाइजरी का पालन करना बेहद जरूरी है।
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