बिहार में गंगा और उसकी सहायक नदियों का बढ़ता जलस्तर अब गंभीर चिंता का कारण बनता जा रहा है। राजधानी पटना से लेकर बेगूसराय और भागलपुर तक गंगा का रौद्र रूप देखने को मिल रहा है। कई निचले इलाकों में पानी फैलने के बीच सोमवार, 24 अगस्त को बेगूसराय और भागलपुर से तटबंध टूटने और कटाव की खबर सामने आई है। बेगूसराय में जमींदारी बांध का करीब 30 मीटर हिस्सा बह गया, जबकि भागलपुर के खरीक क्षेत्र में काजीकोरैया-राघोपुर मार्जिनल तटबंध में गंगा के तेज जलदाब से कटाव हुआ है।
बिहार जल संसाधन विभाग के रियल टाइम आंकड़ों के अनुसार, 24 अगस्त की सुबह भागलपुर जिले में गंगा कई मॉनिटरिंग पॉइंट पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही थी। कहलगांव और अजमाबाद में जलस्तर बढ़ने की स्थिति दर्ज की गई, जबकि सुल्तानगंज में भी नदी खतरे के स्तर से ऊपर थी।
बेगूसराय में 30 मीटर तक बह गया जमींदारी बांध
बेगूसराय जिले के बछवाड़ा प्रखंड में बेगमसराय और झमटिया के बीच बने जमींदारी यानी रिंग बांध का करीब 30 मीटर हिस्सा सोमवार तड़के लगभग 3 से 4 बजे के बीच गंगा के तेज बहाव में बह गया। बांध टूटने के बाद आसपास के इलाकों में पानी तेजी से फैलने लगा और कई स्थानों पर घरों तक पानी पहुंच गया।
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और पेड़-पौधों तथा अन्य साधनों की मदद से पानी के तेज बहाव को कम करने की कोशिश की। इसके बाद प्रशासन और बाढ़ नियंत्रण विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर बांध की मरम्मत तथा फ्लड फाइटिंग का काम शुरू किया।
ताड़ का पेड़ गिरने के बाद टूटा बांध
जानकारी के मुताबिक, बाढ़ नियंत्रण विभाग की टीम ने रात करीब 12 बजे तक बांध का निरीक्षण किया था। इसके कुछ घंटे बाद बांध किनारे मौजूद एक बड़ा ताड़ का पेड़ पानी के दबाव के कारण गिर गया। पेड़ की जड़ बांध के अंदर तक फैली होने की वजह से मिट्टी कमजोर हुई और करीब 30 मीटर का हिस्सा तेज बहाव में बह गया।
सैकड़ों एकड़ फसल पानी में डूबी
जमींदारी बांध टूटने का सबसे बड़ा असर आसपास के खेतों पर पड़ा है। गंगा का पानी फैलने से सैकड़ों एकड़ में लगी फसल डूब गई है। रानी क्षेत्र में भी पानी घरों और सड़कों तक पहुंचने की खबर है। इसके साथ ही गुप्ता-लख्मीनिया बांध पर पानी का दबाव बढ़ने से स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ गई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से क्षतिग्रस्त बांध की जल्द मरम्मत की मांग की है।
भागलपुर में भी टूटा गंगा का तटबंध
उधर, भागलपुर जिले के खरीक अंचल में काजीकोरैया-राघोपुर मार्जिनल तटबंध में भी गंभीर कटाव हुआ है। अधिकारियों के मुताबिक रविवार-सोमवार की रात करीब 2:30 बजे गंगा के बढ़ते जलस्तर और तेज जलदाब के कारण तटबंध का हिस्सा टूट गया। इसके बाद पानी नवगछिया की दिशा में फैलने लगा, जिससे आसपास के इलाकों में दहशत का माहौल बन गया।
भागलपुर की जिलाधिकारी अलंकृता पांडेय स्थिति की निगरानी कर रही हैं। अपर समाहर्ता (आपदा प्रबंधन), नवगछिया के अनुमंडल पदाधिकारी, बाढ़ नियंत्रण विभाग के अधिकारी और इंजीनियर भी प्रभावित क्षेत्र में तैनात किए गए हैं। प्रशासन के मुताबिक तकनीकी टीमें जल प्रवाह को नियंत्रित करने और आगे के कटाव को रोकने के लिए युद्धस्तर पर काम कर रही हैं।
ऊर्जा मंत्री बुलो मंडल के पैतृक गांव के पास कटाव
प्रशासन के अनुसार तटबंध का कटाव स्थल बिहार के ऊर्जा मंत्री शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल के पैतृक गांव से करीब 500 मीटर की दूरी पर है। कुछ रिपोर्टों में पानी के मंत्री के आवासीय परिसर तक पहुंचने की भी जानकारी सामने आई है। प्रभावित इलाके में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए सतर्क किया जा रहा है।
जिला प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और आधिकारिक सूचनाओं का पालन करने की अपील की है।
बिहार में गंगा का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ का खतरा
उत्तर भारत के कई हिस्सों में भारी बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर का असर बिहार में दिखाई दे रहा है। गंगा के किनारे बसे निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। प्रशासन और जल संसाधन विभाग संवेदनशील तटबंधों पर निगरानी और फ्लड फाइटिंग का काम कर रहे हैं।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से फोन पर बातचीत कर फरक्का बैराज के सभी गेट खोलने का आग्रह किया है। मुख्यमंत्री का कहना है कि इससे गंगा के पानी के प्रवाह में मदद मिलेगी और बिहार में बाढ़ की स्थिति को नियंत्रित करने में सहायता मिल सकती है। बिहार सरकार की आधिकारिक वेबसाइट भी सम्राट चौधरी को वर्तमान मुख्यमंत्री के रूप में सूचीबद्ध करती है।
प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती
बेगूसराय और भागलपुर में तटबंधों के क्षतिग्रस्त होने के बाद फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता पानी के बहाव को नियंत्रित करना, टूटे हिस्सों की मरम्मत करना और आबादी वाले क्षेत्रों को सुरक्षित रखना है। गंगा का जलस्तर ऊंचा रहने की स्थिति में निचले इलाकों के लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है।
हमारी यूट्यूब चैनल को लाइक, शेयर और सब्सक्राइब करे
Like, Share and Subscribe our YouTube channel