प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में 18वें BRICS शिखर सम्मेलन 2026 की शुरुआत नई दिल्ली के भारत मंडपम में हो गई है। सम्मेलन शुरू होने से पहले पीएम मोदी ने BRICS सदस्य देशों के राष्ट्राध्यक्षों और प्रतिनिधियों का व्यक्तिगत रूप से स्वागत किया। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सिसी, दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा, इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबिआंतो और इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबिय अहमद अली समेत कई प्रमुख नेता सम्मेलन में शामिल हुए हैं। BRICS की बैठक ऐसे समय हो रही है जब वैश्विक अर्थव्यवस्था, पश्चिम एशिया और यूक्रेन के संघर्ष तथा बड़ी शक्तियों के बीच बढ़ते तनाव ने अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था को चुनौती दी है।
भारत मंडपम में PM मोदी ने किया BRICS नेताओं का स्वागत
BRICS Summit 2026 के मुख्य सत्र से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत मंडपम पहुंचे और अलग-अलग देशों के नेताओं का स्वागत किया। आयोजन स्थल पर भारत की सांस्कृतिक विरासत को प्रमुखता से प्रदर्शित किया गया। नेताओं के स्वागत के दौरान तमिलनाडु के रामेश्वरम स्थित प्रसिद्ध रामनाथस्वामी मंदिर की पृष्ठभूमि का इस्तेमाल किया गया।
During the welcome of BRICS leaders, Prime Minister Narendra Modi welcomed the leaders against the backdrop of the iconic Ramanathaswamy Temple in Rameswaram, Tamil Nadu. pic.twitter.com/J9SFU8WeJV
— ANI (@ANI) September 12, 2026
प्रधानमंत्री मोदी ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग का स्वागत किया। मोदी, पुतिन और जिनपिंग का एक ही मंच पर दिखाई देना इस सम्मेलन के सबसे महत्वपूर्ण कूटनीतिक दृश्यों में से एक है। शी जिनपिंग लगभग सात साल बाद भारत आए हैं और उनके दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी के साथ द्विपक्षीय वार्ता भी प्रस्तावित है।
#WATCH | Delhi: Prime Minister Narendra Modi welcomes Russian President Vladimir Putin to Bharat Mandapam – the venue for BRICS Summit 2026.
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#WATCH | Delhi: Prime Minister Narendra Modi welcomes Chinese President Xi Jinping to Bharat Mandapam – the venue for BRICS Summit 2026.
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पुतिन, जिनपिंग समेत कई देशों के नेता पहुंचे भारत मंडपम
प्रधानमंत्री मोदी ने मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सिसी, दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा, इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबिआंतो और इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबिय अहमद अली का भी स्वागत किया। सम्मेलन में ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन सहित विस्तारित BRICS समूह के कई अन्य शीर्ष नेता और वरिष्ठ प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं।
#WATCH | Delhi: Prime Minister Narendra Modi welcomes Egyptian President Abdel Fattah El-Sisi to Bharat Mandapam – the venue for BRICS Summit 2026.
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#WATCH | Delhi: Prime Minister Narendra Modi welcomes South African President Cyril Ramaphosa to Bharat Mandapam – the venue for BRICS Summit 2026.
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BRICS अब अपने शुरुआती पांच सदस्यों से आगे बढ़ चुका है। समूह में भारत, रूस, चीन, दक्षिण अफ्रीका और ब्राजील के अलावा मिस्र, इथियोपिया, ईरान, संयुक्त अरब अमीरात और इंडोनेशिया जैसे देश शामिल हैं। विस्तारित समूह दुनिया की आबादी और वैश्विक अर्थव्यवस्था के बड़े हिस्से का प्रतिनिधित्व करता है।
#WATCH | Delhi: Prime Minister Narendra Modi welcomes Iranian President Masoud Pezeshkian to Bharat Mandapam – the venue for BRICS Summit 2026.
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#WATCH | Delhi: Prime Minister Narendra Modi welcomes President of Indonesia, Prabowo Subianto to Bharat Mandapam – the venue for BRICS Summit 2026.
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साझा घोषणा पर बनी सहमति
BRICS Summit शुरू होने से पहले सदस्य देशों के बीच संयुक्त घोषणा पर सहमति बनने की खबर सामने आई है। Reuters की रिपोर्ट के मुताबिक सदस्य देशों ने घोषणा के मसौदे पर सहमति बनाई है और इसे नेताओं की मंजूरी के बाद जारी किया जाना है। मसौदे में किसी विशिष्ट देश का नाम लिए बिना एकतरफा युद्ध की निंदा किए जाने की संभावना है।
साझा घोषणा पर सहमति बनना इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि मौजूदा अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों में BRICS देशों के बीच कई मुद्दों पर अलग-अलग हित मौजूद हैं। खासकर पश्चिम एशिया के संघर्ष को लेकर सदस्य देशों की स्थिति में अंतर रहा है। इसके बावजूद साझा दस्तावेज पर सहमति समूह की अंदरूनी एकजुटता के लिहाज से अहम मानी जा रही है।
#WATCH | Delhi: Prime Minister Narendra Modi welcomes Prime Minister of Ethiopia, Abiy Ahmed Ali to Bharat Mandapam – the venue for BRICS Summit 2026.
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#WATCH | Delhi: Prime Minister Narendra Modi welcomes Crown Prince of Abu Dhabi, Sheikh Khaled bin Mohamed bin Zayed Al Nahyan to Bharat Mandapam – the venue for BRICS Summit 2026.
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ग्लोबल गवर्नेंस और बहुपक्षवाद पर फोकस
18वें BRICS Summit के एजेंडे में वैश्विक शासन व्यवस्था को अधिक समावेशी बनाने, बहुपक्षवाद को मजबूत करने, व्यापार और निवेश बढ़ाने तथा विकासशील देशों की आवाज को मजबूत करने जैसे मुद्दे प्रमुख हैं। भारत की अध्यक्षता में होने वाले सम्मेलन में आर्थिक सहयोग, ऊर्जा और खाद्य सुरक्षा, तकनीक तथा अंतरराष्ट्रीय वित्तीय व्यवस्था पर भी चर्चा होने की उम्मीद है।
सम्मेलन के दौरान बंद कमरे में होने वाले सत्र में वैश्विक शासन और बहुपक्षीय संस्थाओं में सुधार पर विस्तृत चर्चा प्रस्तावित है। इसके अलावा नेताओं के लिए ‘भारत इनोवेट्स’ प्रदर्शनी, सामूहिक फोटो और अन्य कार्यक्रम भी एजेंडे का हिस्सा हैं।
#WATCH | Delhi: Prime Minister Narendra Modi welcomes Brazilian Foreign Affairs Minister Mauro Vieira to Bharat Mandapam – the venue for BRICS Summit 2026.
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भारत के लिए क्यों अहम है BRICS Summit?
भारत के लिए इस बार का BRICS Summit कई स्तरों पर महत्वपूर्ण है। एक तरफ नई दिल्ली वैश्विक दक्षिण यानी Global South की मजबूत आवाज बनने की कोशिश कर रही है, वहीं दूसरी तरफ उसे रूस और चीन जैसे देशों के साथ अपने रणनीतिक संबंधों तथा पश्चिमी देशों के साथ साझेदारी के बीच संतुलन बनाए रखना है।
रूस और चीन के शीर्ष नेताओं की मौजूदगी भारत के लिए महत्वपूर्ण कूटनीतिक अवसर है। प्रधानमंत्री मोदी पहले ही राष्ट्रपति पुतिन के साथ द्विपक्षीय वार्ता कर चुके हैं, जिसमें व्यापार, रक्षा, ऊर्जा, मोबिलिटी और क्रिटिकल मिनरल्स समेत कई क्षेत्रों में सहयोग पर चर्चा हुई।
मोदी-जिनपिंग मुलाकात पर भी रहेंगी नजरें
BRICS Summit के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की प्रस्तावित द्विपक्षीय बैठक भी सबसे ज्यादा चर्चित बैठकों में से एक होगी। शी जिनपिंग की यह सात वर्षों में पहली भारत यात्रा है। दोनों देशों के संबंध 2020 के गलवान संघर्ष के बाद तनावपूर्ण हो गए थे, लेकिन हाल के वर्षों में रिश्तों में धीरे-धीरे सुधार के संकेत मिले हैं।
सीमा पर शांति, द्विपक्षीय व्यापार, निवेश और रणनीतिक विश्वास जैसे मुद्दे मोदी-जिनपिंग बातचीत में प्रमुख रह सकते हैं। इसलिए भारत मंडपम में BRICS की बहुपक्षीय बैठक के साथ-साथ दोनों नेताओं की द्विपक्षीय मुलाकात पर भी अंतरराष्ट्रीय समुदाय की निगाह रहेगी।
BRICS के सामने कई वैश्विक चुनौतियां
सम्मेलन ऐसे समय हो रहा है जब यूक्रेन युद्ध, पश्चिम एशिया के संघर्ष, वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति, व्यापारिक तनाव और अमेरिका-चीन प्रतिस्पर्धा जैसी चुनौतियां अंतरराष्ट्रीय अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर रही हैं। इन मुद्दों पर BRICS देशों के हित पूरी तरह समान नहीं हैं, लेकिन समूह साझा आर्थिक और कूटनीतिक मंच के रूप में अपनी भूमिका बढ़ाने की कोशिश कर रहा है।
नई दिल्ली का यह सम्मेलन इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि BRICS अपने विस्तारित स्वरूप में विकासशील और उभरती अर्थव्यवस्थाओं के लिए एक प्रभावशाली मंच बनने की कोशिश कर रहा है। सम्मेलन में होने वाले फैसले और साझा घोषणा इस बात का संकेत देंगे कि आने वाले वर्षों में समूह वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था में कितनी बड़ी भूमिका निभा सकता है।
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