भारत की अध्यक्षता में नई दिल्ली में आयोजित 18वां BRICS शिखर सम्मेलन संपन्न हो गया है। 11 से 13 सितंबर तक भारत मंडपम में आयोजित इस सम्मेलन में वैश्विक सहयोग, शांति, सुरक्षा, व्यापार, ऊर्जा और सप्लाई चेन समेत कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई। सम्मेलन के बाद केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक वीडियो शेयर करते हुए ‘भारत से जुड़ रही दुनिया’ का संदेश दिया।
इस बीच विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने भी भारत की अध्यक्षता में आयोजित BRICS Summit 2026 को सफल बताया। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में दुनिया कई मुद्दों पर बंटी हुई है, इसके बावजूद भारत की अध्यक्षता में BRICS सदस्य देशों के बीच महत्वपूर्ण मुद्दों पर आम सहमति बनाने में सफलता मिली।
किरेन रिजिजू ने शेयर किया BRICS Summit का वीडियो
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने BRICS शिखर सम्मेलन से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर शेयर किया। पोस्ट में उन्होंने लिखा, “Hello India! भारत से जुड़ रही दुनिया।”
रिजिजू ने कहा कि उज्बेकिस्तान से लेकर दक्षिण अफ्रीका और बेलारूस से लेकर वियतनाम तथा युगांडा तक विभिन्न देशों की आवाजों में भारत के प्रति अपनापन और सम्मान दिखाई दिया। उन्होंने इसे नई दिल्ली में आयोजित BRICS सम्मेलन के दौरान भारत के बढ़ते वैश्विक जुड़ाव से जोड़ा।
Hello India! भारत से जुड़ रही दुनिया… !
उज़्बेकिस्तान से दक्षिण अफ्रीका और बेलारूस से वियतनाम व युगांडा तक, हर आवाज़ में भारत के प्रति अपनापन और सम्मान देखने को मिला। नई दिल्ली में BRICS के मंच पर विभिन्न देशों के साथ ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ की भावना की सुंदर झलक दिखाई दी।… pic.twitter.com/Hf9EsohMBX
— Kiren Rijiju (@KirenRijiju) September 15, 2026
BRICS के मंच पर दिखी ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ की झलक
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने अपने पोस्ट में ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ की भावना का भी जिक्र किया। उनके मुताबिक नई दिल्ली में BRICS के मंच पर विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों और भारत के बीच हुए संवाद में इस भावना की खूबसूरत झलक देखने को मिली।
भारत लंबे समय से ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ यानी पूरी दुनिया को एक परिवार मानने की अवधारणा को अपनी वैश्विक कूटनीति के महत्वपूर्ण संदेश के रूप में सामने रखता रहा है। BRICS Summit 2026 के दौरान भी सहयोग और संवाद को प्रमुखता दी गई।
जयशंकर ने BRICS Summit 2026 को बताया सफल
विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने भारत की अध्यक्षता में आयोजित 18वें BRICS शिखर सम्मेलन को सफल करार दिया। उन्होंने कहा कि यह सम्मेलन ऐसे समय आयोजित हुआ जब दुनिया अलग-अलग भू-राजनीतिक मुद्दों और संघर्षों के कारण काफी विभाजित है।
जयशंकर के अनुसार मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में अलग-अलग देशों की राय, प्राथमिकताएं और हित काफी मजबूत तथा कई मामलों में एक-दूसरे से अलग हैं। इसके बावजूद BRICS के मंच पर सदस्य देशों को महत्वपूर्ण मुद्दों पर एक साझा स्थिति तक लाना भारत की अध्यक्षता की अहम उपलब्धि रही।
‘बंटी हुई दुनिया में हमने बनाई आम सहमति’
विदेश मंत्री ने कहा कि BRICS शिखर सम्मेलन के दौरान सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धियों में विभिन्न देशों के बीच आम सहमति बनाना शामिल रहा। उन्होंने कहा कि दुनिया इस समय दो बड़े संघर्षों समेत गंभीर भू-राजनीतिक चुनौतियों का सामना कर रही है।
जयशंकर ने कहा कि देशों के बीच बड़ी दूरियां और अलग-अलग हित होने के बावजूद BRICS के सदस्य साझा बयान पर सहमत हुए। उन्होंने इसे भारत की अध्यक्षता में हुए सम्मेलन की महत्वपूर्ण सफलता बताया।
पश्चिम एशिया के संघर्ष पर सहमति बनाना बड़ी चुनौती
विदेश मंत्री के मुताबिक सम्मेलन के दौरान सबसे कठिन मुद्दों में पश्चिम एशिया का मौजूदा संघर्ष शामिल था। अलग-अलग देशों की इस विषय पर अपनी प्राथमिकताएं और दृष्टिकोण होने के बावजूद BRICS सदस्य एक साझा बयान जारी करने पर सहमत हुए।
जयशंकर ने कहा कि ऐसे समय में सर्वसम्मति बनना महत्वपूर्ण है जब दुनिया के विभिन्न हिस्सों में जारी संघर्षों के कारण अंतरराष्ट्रीय राजनीति में ध्रुवीकरण बढ़ा है।
शांति, सुरक्षा और स्थिरता का किया गया आग्रह
विदेश मंत्री ने बताया कि BRICS के साझा बयान में शांति, सुरक्षा और स्थिरता की आवश्यकता पर जोर दिया गया। इसके साथ ही दीर्घकालिक आपसी समझ और बातचीत को आगे बढ़ाने का आग्रह किया गया।
सम्मेलन में नागरिकों और नागरिक बुनियादी ढांचे की सुरक्षा पर भी जोर दिया गया। वैश्विक संघर्षों के बीच आम नागरिकों और आवश्यक इंफ्रास्ट्रक्चर की सुरक्षा अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने एक महत्वपूर्ण चुनौती बनी हुई है।
ग्लोबल ट्रेड और सप्लाई चेन पर भी फोकस
BRICS Summit 2026 में वैश्विक व्यापार और सप्लाई चेन की सुचारु व्यवस्था पर भी जोर दिया गया। भू-राजनीतिक तनाव और संघर्षों का अंतरराष्ट्रीय व्यापार, परिवहन तथा सप्लाई चेन पर सीधा असर पड़ सकता है।
इसी को देखते हुए सदस्य देशों ने वैश्विक व्यापार और सप्लाई चेन को बाधाओं से बचाने की जरूरत पर जोर दिया। इसके साथ ऊर्जा की सुचारु आवाजाही को भी वैश्विक आर्थिक स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण बताया गया।
भारत की अध्यक्षता में BRICS का संदेश
नई दिल्ली में आयोजित 18वां BRICS Summit ऐसे समय हुआ जब वैश्विक राजनीति कई संघर्षों, आर्थिक चुनौतियों और बदलते रणनीतिक समीकरणों से गुजर रही है। भारत ने अपनी अध्यक्षता के दौरान विभिन्न विचारों और हितों वाले देशों को साझा मुद्दों पर एक मंच पर लाने पर जोर दिया।
एक तरफ किरेन रिजिजू ने सम्मेलन के जरिए दुनिया के भारत से बढ़ते जुड़ाव और ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ के संदेश को रेखांकित किया, वहीं विदेश मंत्री एस जयशंकर ने विभाजित वैश्विक माहौल में आम सहमति बनने को सम्मेलन की प्रमुख उपलब्धि बताया।
नई दिल्ली में संपन्न BRICS Summit 2026 ने शांति और सुरक्षा से लेकर वैश्विक व्यापार, ऊर्जा, सप्लाई चेन और नागरिक सुरक्षा तक कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर सहयोग और संवाद को आगे बढ़ाने का संदेश दिया।
हमारी यूट्यूब चैनल को लाइक, शेयर और सब्सक्राइब करे
Like, Share and Subscribe our YouTube channel