दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ (DUSU) चुनाव 2026-27 के नतीजे सामने आ गए हैं। इस बार भी अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए केंद्रीय पैनल के चार प्रमुख पदों में से तीन पर जीत दर्ज की है। अध्यक्ष पद पर ABVP के यश डबास, सचिव पद पर रिया छाबड़ी और संयुक्त सचिव पद पर लक्ष्यराज सिंह ने जीत हासिल की। वहीं उपाध्यक्ष पद पर निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशु शौकीन ने बड़े अंतर से बाजी मारकर मुकाबले को दिलचस्प बना दिया।
DUSU चुनाव में ABVP और कांग्रेस की छात्र इकाई NSUI के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली। मतगणना के कई राउंड में अध्यक्ष और संयुक्त सचिव पद पर उम्मीदवारों के बीच वोटों का अंतर बेहद कम रहा। हालांकि, अंतिम नतीजों में ABVP ने तीन महत्वपूर्ण पद अपने नाम कर लिए, जबकि NSUI केंद्रीय पैनल में कोई पद हासिल नहीं कर सकी।
DUSU में ABVP की बड़ी जीत, तीन पदों पर कब्जा
दिल्ली विश्वविद्यालय की छात्र राजनीति में ABVP ने एक बार फिर अपना दबदबा कायम किया है। DUSU के चार प्रमुख पदों में से अध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव पद ABVP के खाते में गए।
अध्यक्ष पद पर यश डबास ने जीत हासिल की, जबकि सचिव पद पर रिया छाबड़ी विजयी रहीं। संयुक्त सचिव पद पर बेहद करीबी मुकाबले के बाद लक्ष्यराज सिंह ने जीत दर्ज की। उपाध्यक्ष पद पर निर्दलीय दीपांशु शौकीन ने ABVP और NSUI दोनों के उम्मीदवारों को पीछे छोड़ते हुए जीत हासिल की।
इस तरह DUSU के नए केंद्रीय पैनल में तीन पद ABVP और एक पद निर्दलीय उम्मीदवार के पास गया है।
किस पद पर किसने मारी बाजी?
DUSU Election Result 2026 में अध्यक्ष पद पर ABVP के यश डबास ने NSUI के विजय मीणा को पीछे छोड़ते हुए जीत दर्ज की। मतगणना के दौरान दोनों उम्मीदवारों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला और कई राउंड में अंतर बेहद कम रहा।
उपाध्यक्ष पद पर चुनाव की सबसे बड़ी कहानी निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशु शौकीन की जीत रही। उन्होंने शुरुआत से ही मजबूत बढ़त बनाई और ABVP के ईशु मौर्य तथा NSUI उम्मीदवार को काफी पीछे छोड़ दिया।
सचिव पद पर ABVP की रिया छाबड़ी ने NSUI की नम्रता चौधरी को मात दी। वहीं संयुक्त सचिव पद पर ABVP के लक्ष्यराज सिंह, निर्दलीय विशेष यादव और NSUI के गोपाल चौधरी के बीच बेहद करीबी मुकाबला रहा, जिसमें आखिरकार ABVP ने बाजी मारी।
19वें राउंड तक अध्यक्ष पद पर कांटे की टक्कर
मतगणना के 19वें राउंड के बाद अध्यक्ष पद पर ABVP के यश डबास को 22,434 वोट मिले थे, जबकि NSUI के विजय मीणा को 21,390 वोट मिले। इस चरण में यश डबास 1,044 वोटों से आगे चल रहे थे।
उपाध्यक्ष पद पर निर्दलीय दीपांशु शौकीन की बढ़त बेहद मजबूत थी। 19वें राउंड तक शौकीन को 28,873 वोट मिले थे, जबकि ABVP के ईशु मौर्य को 15,346 वोट मिले। इस तरह दीपांशु शौकीन 13,527 वोटों की बड़ी बढ़त बनाए हुए थे।
सचिव पद पर ABVP की रिया छाबड़ी को 19,846 वोट मिले थे, जबकि NSUI की नम्रता चौधरी को 13,963 वोट मिले। रिया 5,883 वोटों से आगे थीं।
संयुक्त सचिव पद पर मुकाबला बेहद रोमांचक था। ABVP के लक्ष्यराज सिंह को 14,965, निर्दलीय विशेष यादव को 14,836 और NSUI के गोपाल चौधरी को 14,482 वोट मिले थे।
हर राउंड में बदलती रही तस्वीर
DUSU चुनाव की मतगणना के दौरान अध्यक्ष और संयुक्त सचिव पदों पर तस्वीर लगातार बदलती रही। 15वें राउंड में अध्यक्ष पद पर ABVP के यश डबास 17,315 वोटों के साथ NSUI के विजय मीणा से केवल 294 वोट आगे थे।
इसी राउंड में संयुक्त सचिव पद पर NSUI के गोपाल चौधरी 11,912 वोटों के साथ सबसे आगे थे। ABVP के लक्ष्यराज सिंह को 11,415 और निर्दलीय विशेष यादव को 11,128 वोट मिले थे।
17वें राउंड तक संयुक्त सचिव पद पर मुकाबला और दिलचस्प हो गया। निर्दलीय विशेष यादव 13,346 वोटों के साथ मामूली बढ़त पर थे, जबकि ABVP के लक्ष्यराज सिंह को 13,342 और NSUI के गोपाल चौधरी को 13,293 वोट मिले थे। यानी शीर्ष तीन उम्मीदवारों के बीच केवल कुछ दर्जन वोटों का अंतर था।
आगे के राउंड में ABVP के लक्ष्यराज सिंह ने बढ़त बनाई और आखिरकार संयुक्त सचिव पद अपने नाम कर लिया।
निर्दलीय दीपांशु शौकीन की जीत बनी चुनाव की बड़ी कहानी
DUSU Election 2026 में उपाध्यक्ष पद पर निर्दलीय दीपांशु शौकीन का प्रदर्शन सबसे ज्यादा चर्चा में रहा। जहां अन्य प्रमुख पदों पर ABVP और NSUI के बीच मुकाबला था, वहीं उपाध्यक्ष पद पर शौकीन ने दोनों बड़े छात्र संगठनों के उम्मीदवारों को काफी पीछे छोड़ दिया।
15वें राउंड में ही शौकीन 22,682 वोट हासिल कर चुके थे और ABVP उम्मीदवार पर उनकी बढ़त 11 हजार वोट से ज्यादा हो गई थी। 19वें राउंड तक उनकी बढ़त बढ़कर 13,527 वोट तक पहुंच गई।
आखिरकार उन्होंने उपाध्यक्ष पद जीतकर DUSU के केंद्रीय पैनल में निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर जगह बनाई।
DUSU Election में 40.46 प्रतिशत मतदान
DUSU चुनाव 2026-27 के लिए शुक्रवार को दिल्ली विश्वविद्यालय के 52 मतदान केंद्रों पर वोट डाले गए थे। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक कुल मतदान प्रतिशत 40.46 रहा।
नियमित कॉलेजों में सुबह 8 बजे से दोपहर 1 बजे तक वोटिंग हुई, जबकि सांध्य कॉलेजों के विद्यार्थियों ने दोपहर 3 बजे से शाम 7:30 बजे तक मतदान किया।
छात्रसंघ चुनाव को लेकर दिल्ली विश्वविद्यालय के विभिन्न कॉलेजों में कई दिनों से राजनीतिक गतिविधियां तेज थीं। ABVP और NSUI को मुख्य प्रतिद्वंद्वी माना जा रहा था।
केंद्रीय पैनल के लिए मैदान में थे 19 उम्मीदवार
DUSU के केंद्रीय पैनल के चार प्रमुख पदों के लिए इस बार कुल 19 उम्मीदवार चुनाव मैदान में थे। अध्यक्ष पद पर 7, उपाध्यक्ष पद पर 5 और सचिव व संयुक्त सचिव पदों पर अलग-अलग उम्मीदवारों के बीच मुकाबला हुआ।
चारों पदों में सबसे ज्यादा दिलचस्प मुकाबला अध्यक्ष और संयुक्त सचिव पद पर देखने को मिला, जहां मतगणना के अलग-अलग चरणों में बढ़त बदलती रही।
एबीवीपी का दबदबा
प्रमुख संवाददाता दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ (डूसू) चुनाव के साथ शुक्रवार को विभिन्न कॉलेजों में हुए छात्रसंघ चुनावों के परिणाम भी घोषित किए गए। एबीवीपी ने कई कॉलेजों में सभी प्रमुख पदों पर जीत दर्ज की है। एबीवीपी से प्राप्त जानकारी के अनुसार अदिति महाविद्यालय में एबीवीपी ने सभी पदों पर जीत हासिल की। अरविंदो कॉलेज मॉर्निंग में एबीवीपी पैनल ने 6-0, भारती महाविद्यालय में सभी 8 पदों और शिवाजी कॉलेज में 6-0 से जीत दर्ज की। डॉ. भीमराव आंबेडकर कॉलेज में भी एबीवीपी ने सभी चार पदों पर कब्जा किया।
कोलेजों के परिणाम
केशव महाविद्यालय में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सचिव के तीन प्रमुख पद एबीवीपी के खाते में गए। श्यामा प्रसाद मुखर्जी कॉलेज में अध्यक्ष, सचिव और दोनों केंद्रीय पार्षद पदों पर एबीवीपी प्रत्याशी विजयी रहे। श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स (एसआरसीसी) में भी अध्यक्ष, सचिव और दोनों पार्षद पदों पर एबीवीपी प्रत्याशियों ने जीत दर्ज की।
काउंटिंग सेंटर पर करीब 1000 पुलिसकर्मी तैनात
DUSU चुनाव के नतीजों को देखते हुए मतगणना स्थल और स्ट्रांग रूम के आसपास सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए। नॉर्थ डिस्ट्रिक्ट पुलिस के साथ दूसरे जिलों की पुलिस और ट्रैफिक पुलिस के जवान भी तैनात किए गए।
DCP नॉर्थ डिस्ट्रिक्ट निहारिका भट्ट के मुताबिक, सुरक्षा व्यवस्था में करीब 1,000 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई। इसके अलावा पैरामिलिट्री फोर्स और ड्रोन के जरिए भी निगरानी की व्यवस्था की गई।
सोशल मीडिया पर भ्रामक जानकारी या अफवाह फैलाने वालों पर भी पुलिस की नजर रही।
Delhi High Court ने विजय जुलूस पर लगाई रोक
DUSU चुनाव नतीजों के बाद उम्मीदवारों और समर्थकों को विजय जुलूस निकालने की अनुमति नहीं है। दिल्ली हाईकोर्ट ने चुनाव से जुड़े मामले में विजय जुलूस निकालने पर रोक लगाई है।
इसके अलावा चुनाव प्रचार के दौरान हिंसा से जुड़े मामले में 140 उम्मीदवारों को कारण बताओ नोटिस जारी किए जाने की बात सामने आई है। नतीजों को देखते हुए प्रशासन और पुलिस ने विश्वविद्यालय परिसर तथा आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखी।
पिछले चुनाव में भी ABVP ने जीते थे तीन पद
पिछले DUSU चुनाव में भी ABVP ने चार प्रमुख पदों में से तीन पर जीत दर्ज की थी, जबकि उपाध्यक्ष पद NSUI के खाते में गया था।
इस बार तस्वीर थोड़ी बदली है। ABVP ने एक बार फिर तीन पदों पर जीत बरकरार रखी, लेकिन चौथा पद NSUI के बजाय निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशु शौकीन ने अपने नाम किया।
DUSU चुनाव में ABVP का लगातार मजबूत प्रदर्शन दिल्ली विश्वविद्यालय की छात्र राजनीति में संगठन की पकड़ को दर्शाता है। वहीं उपाध्यक्ष पद पर निर्दलीय उम्मीदवार की बड़ी जीत भी इस चुनाव के प्रमुख राजनीतिक संदेशों में शामिल है।
हमारी यूट्यूब चैनल को लाइक, शेयर और सब्सक्राइब करे
Like, Share and Subscribe our YouTube channel