राजस्थान के बाड़मेर से ताल्लुक रखने वाली आम आदमी पार्टी (AAP) की नेता गायत्री बिश्नोई इन दिनों पंजाब की राजनीति में चर्चा के केंद्र में हैं। AAP महिला विंग की राजस्थान प्रदेशाध्यक्ष और पंजाब की सह-प्रभारी के तौर पर सक्रिय गायत्री बिश्नोई और पंजाब के भुलत्थ से कांग्रेस विधायक सुखपाल सिंह खैरा के बीच सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर तीखी सियासी लड़ाई चल रही है। सरकारी आवास में रहने से जुड़े आरोपों से शुरू हुआ विवाद अब कथित चरित्र हनन, मानहानि, पुलिस शिकायत और महिला आयोग तक पहुंच गया है।
दोनों नेताओं की तरफ से एक-दूसरे पर लगातार आरोप और पलटवार किए जा रहे हैं। पंजाब में आगामी राजनीतिक मुकाबले को देखते हुए इस विवाद ने सियासी रंग भी ले लिया है। सवाल उठ रहे हैं कि आखिर गायत्री बिश्नोई कौन हैं, राजस्थान की नेता होने के बावजूद पंजाब में उनकी भूमिका क्या है, वह चंडीगढ़ में कहां रह रही हैं और सुखपाल सिंह खैरा ने उन पर तथा AAP नेताओं पर क्या आरोप लगाए हैं?
कौन हैं गायत्री बिश्नोई?
गायत्री बिश्नोई मूल रूप से राजस्थान के बाड़मेर जिले के भलीसर गांव की रहने वाली हैं। राजनीति में आने से पहले उनका जुड़ाव पत्रकारिता और सामाजिक गतिविधियों से रहा है। उन्होंने जयपुर के महारानी कॉलेज से ग्रेजुएशन किया और इसके बाद पत्रकारिता में डिप्लोमा किया।
राजनीति में सक्रिय होने के बाद गायत्री बिश्नोई आम आदमी पार्टी से जुड़ीं। वर्तमान में वह AAP की राजस्थान महिला विंग की प्रदेशाध्यक्ष होने के साथ पंजाब में पार्टी की सह-प्रभारी की जिम्मेदारी भी संभाल रही हैं। यही कारण है कि राजस्थान से होने के बावजूद उनकी पंजाब में राजनीतिक सक्रियता दिखाई देती है।
राजस्थान की गायत्री बिश्नोई पंजाब में क्यों हैं?
गायत्री बिश्नोई की पंजाब में मौजूदगी को लेकर सुखपाल सिंह खैरा ने सवाल उठाए हैं। हालांकि बिश्नोई का पक्ष है कि वह पार्टी की पंजाब सह-प्रभारी हैं और संगठन से जुड़ी जिम्मेदारियों के कारण पंजाब में सक्रिय रहती हैं।
वर्तमान विवाद में उनके चंडीगढ़ में रहने की जगह भी बड़ा मुद्दा बन गई। खैरा ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस और सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए उनके सरकारी आवास में रहने को लेकर सवाल खड़े किए। इसके जवाब में गायत्री ने खैरा के दावे को गलत बताते हुए अपना पक्ष सार्वजनिक किया।
सुखपाल सिंह खैरा ने क्या आरोप लगाए?
विवाद की शुरुआत कांग्रेस विधायक सुखपाल सिंह खैरा के उन आरोपों के बाद हुई, जिनमें उन्होंने चंडीगढ़ के सरकारी आवासों के इस्तेमाल को लेकर आम आदमी पार्टी के नेताओं पर सवाल उठाए।
खैरा ने आरोप लगाया कि दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री और AAP नेता मनीष सिसोदिया ने चंडीगढ़ के सेक्टर-39 स्थित पंजाब सरकार के कैबिनेट मंत्री डॉ. रवजोत सिंह से जुड़े सरकारी बंगले पर कथित रूप से अनधिकृत कब्जा कर रखा है।
इसी क्रम में खैरा ने गायत्री बिश्नोई का नाम लेते हुए दावा किया कि राजस्थान की AAP नेता भी उस सरकारी कोठी में रह रही हैं। खैरा की ओर से गायत्री की वहां मौजूदगी और सरकारी आवास के कथित इस्तेमाल को लेकर सवाल उठाए गए।
यह ध्यान रखना जरूरी है कि ये सुखपाल सिंह खैरा द्वारा लगाए गए आरोप हैं। गायत्री बिश्नोई ने उनके दावों का खंडन किया है और अपने रहने की जगह को लेकर अलग जानकारी दी है।
The illegal possession and alleged illicit relationships of @msisodia have revealed the true reality behind @AAPPunjab 's promise of change.@INCIndia @INCPunjab @SachinPilot pic.twitter.com/qYqBcbiFxc
— Sukhpal Singh Khaira (@SukhpalKhaira) September 25, 2026
गायत्री बिश्नोई कहां रहती हैं? उन्होंने खुद क्या बताया?
गायत्री बिश्नोई ने वीडियो जारी कर खैरा के आरोपों का जवाब दिया। उनका कहना है कि खैरा उनके रहने की जगह को लेकर गलत जानकारी दे रहे हैं। बिश्नोई के मुताबिक, वह खैरा द्वारा बताए गए डॉ. रवजोत सिंह से जुड़े पते पर नहीं रह रही हैं।
गायत्री ने दावा किया कि वह पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलवीर सिंह के सरकारी निवास पर ठहरी हुई हैं। उन्होंने इसके पीछे पारिवारिक और चिकित्सकीय कारण बताया।
गायत्री के मुताबिक, उनके पिता पूर्व सूबेदार मेजर हैं और हृदय संबंधी बीमारी से जूझ रहे हैं। उनका इलाज चंडीगढ़ में चल रहा है। गायत्री का कहना है कि इसी परिस्थिति को देखते हुए स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलवीर सिंह ने मानवीय आधार पर उन्हें वहां ठहरने की अनुमति दी।
अपने वीडियो संदेश में गायत्री ने अपने पिता को भी कैमरे पर दिखाया और दावा किया कि उनके चंडीगढ़ में रहने की वजह पिता का इलाज है।
सुखपाल खैरा! तू इतना कमीना आदमी है ना, कि तू अपनी बेटियों की उम्र की लड़की को भी नहीं छोड़ता है। कैसा घटिया इंसान है तू! ‘थू’ है तुझ पर। तूने मेरे करैक्टर पर लांछन उठाया है ना।
पहले तो तू देख मैं कहाँ रहती हूँ।
और देखता रह। तुझे तो मैं अब जेल भिजवा कर ही दम लूँगी।… pic.twitter.com/iRajeHG2xZ
— Gayatri bishnoi (गायत्री बिश्नोई)🇮🇳 (@GayatriBishnoi_) September 25, 2026
चरित्र हनन के आरोप पर भड़कीं गायत्री बिश्नोई
सुखपाल सिंह खैरा की टिप्पणियों पर गायत्री बिश्नोई ने बेहद तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक लड़ाई के नाम पर उनके चरित्र को निशाना बनाया जा रहा है।
उन्होंने खैरा की टिप्पणियों को अपनी गरिमा और प्रतिष्ठा पर हमला बताते हुए उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की चेतावनी दी। गायत्री ने कहा कि वह मामले को अदालत तक ले जाएंगी और खैरा के खिलाफ कार्रवाई की मांग करेंगी।
उनका कहना है कि अगर राजनीतिक विरोध है तो उसका जवाब राजनीतिक मुद्दों पर दिया जाना चाहिए, लेकिन किसी महिला के निजी जीवन या चरित्र को लेकर टिप्पणी करना स्वीकार्य नहीं है।
पुलिस तक पहुंचा गायत्री बिश्नोई-सुखपाल खैरा विवाद
मामला सोशल मीडिया की जुबानी जंग तक सीमित नहीं रहा। गायत्री बिश्नोई ने सुखपाल सिंह खैरा के खिलाफ पुलिस में शिकायत देकर उनकी टिप्पणियों पर कार्रवाई की मांग की है।
बिश्नोई ने अपनी शिकायत में कथित मानहानि और महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने का मुद्दा उठाया है। इस तरह सरकारी आवास से शुरू हुई राजनीतिक बयानबाजी अब कानूनी विवाद का रूप लेती दिखाई दे रही है।
पंजाब महिला आयोग ने भी लिया संज्ञान
विवाद में पंजाब राज्य महिला आयोग की भी एंट्री हुई है। आयोग की अध्यक्ष राज लाली गिल ने मामले का संज्ञान लेते हुए महिला के चरित्र को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी किए जाने पर आपत्ति जताई है।
मामले को लेकर आम आदमी पार्टी के कई नेताओं ने भी खैरा की आलोचना की है। AAP नेताओं का कहना है कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन किसी महिला नेता को लेकर व्यक्तिगत टिप्पणी करना उचित नहीं है।
सुखपाल सिंह खैरा ने क्या जवाब दिया?
दूसरी ओर कांग्रेस विधायक सुखपाल सिंह खैरा अपने आरोपों और सवालों को राजनीतिक जवाबदेही से जुड़ा मामला बता रहे हैं। खैरा का कहना है कि अगर उनकी ओर से उठाए गए सवाल या दी गई जानकारी गलत है तो संबंधित AAP नेताओं को तथ्यों के साथ उसका जवाब देना चाहिए।
इस पूरे विवाद में खैरा ने मनीष सिसोदिया और पंजाब के सरकारी आवासों के इस्तेमाल को लेकर सवाल उठाए हैं, जबकि गायत्री बिश्नोई ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को गलत बताते हुए इसे उनके खिलाफ चरित्र हनन की कोशिश करार दिया है।
आखिर पूरा विवाद क्या है?
इस राजनीतिक विवाद के केंद्र में मुख्य रूप से दो मुद्दे हैं। पहला सवाल यह है कि पंजाब सरकार के मंत्रियों को आवंटित सरकारी आवासों में कौन रह रहा है और उनका इस्तेमाल किन परिस्थितियों में किया जा रहा है। दूसरा और अधिक गंभीर विवाद गायत्री बिश्नोई को लेकर खैरा की टिप्पणियों और उन पर लगाए गए कथित व्यक्तिगत आरोपों से जुड़ा है।
खैरा सरकारी आवास के इस्तेमाल को लेकर AAP से जवाब मांग रहे हैं। दूसरी ओर गायत्री का कहना है कि उनके बारे में गलत पता और भ्रामक जानकारी सार्वजनिक की गई तथा राजनीतिक हमला करते हुए उनके चरित्र को निशाना बनाया गया।
गायत्री ने यह भी स्पष्ट किया है कि चंडीगढ़ में उनकी मौजूदगी का संबंध पार्टी की राजनीतिक जिम्मेदारियों के साथ उनके पिता के इलाज से भी है और वह डॉ. बलवीर सिंह के सरकारी निवास पर अनुमति के साथ ठहरी हैं।
पंजाब चुनाव से पहले क्यों अहम है विवाद?
गायत्री बिश्नोई राजस्थान AAP में अहम जिम्मेदारी संभालने के साथ पंजाब की सह-प्रभारी भी हैं, जबकि सुखपाल सिंह खैरा पंजाब कांग्रेस के प्रमुख चेहरों में शामिल हैं। ऐसे में दोनों नेताओं के बीच चल रहा विवाद केवल व्यक्तिगत आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित न रहकर AAP और कांग्रेस की राजनीतिक लड़ाई का हिस्सा बनता दिखाई दे रहा है।
सरकारी आवास के इस्तेमाल से जुड़े खैरा के आरोपों की आधिकारिक स्थिति और गायत्री बिश्नोई की शिकायत पर आगे होने वाली कानूनी कार्रवाई इस विवाद की दिशा तय करेगी। फिलहाल दोनों पक्ष अपने-अपने दावों पर कायम हैं और मामला पंजाब से लेकर राजस्थान तक राजनीतिक चर्चा का विषय बना हुआ है।
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