कवि, कहानीकार और मंचीय कलाकार अमनदीप सिंह ने अपनी पहली किताब ‘Mere Khayal Tumse Nahi Milte’ की घोषणा की है। इस किताब को Hachette India ने प्रकाशित किया है और इसकी प्री-सेल शुरू हो चुकी है। कविता, निजी अनुभवों और कहानियों के मेल से तैयार यह किताब प्यार, रिश्तों, सपनों और उन अनकही भावनाओं को सामने लाती है, जिन्हें कई बार महसूस तो किया जाता है, लेकिन शब्दों में बयां करना आसान नहीं होता।
कविता और कहानी-कथन से बनाई अलग पहचान
अमनदीप सिंह ने पिछले एक दशक में कविता, कहानी और मंचीय प्रस्तुति को जोड़कर कहानी-कथन की दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई है। उनके काम में प्यार, पहचान, भावनात्मक खुलापन और आधुनिक जीवन की उलझनों जैसे विषय प्रमुखता से दिखाई देते हैं।
अमनदीप भारत के साथ-साथ यूके, कनाडा, दुबई और ऑस्ट्रेलिया में भी अपनी प्रस्तुतियां दे चुके हैं। उनके लोकप्रिय कविता और कहानी-कथन कार्यक्रमों में Life Ka Tamasha, Dhak Dhak और Mere Khayal Se शामिल हैं। उनके मुताबिक, पिछले एक दशक में उनका काम विभिन्न माध्यमों के जरिए 5 करोड़ से अधिक लोगों तक पहुंच चुका है।
प्यार के अलग-अलग रंगों को तलाशती है किताब
‘Mere Khayal Tumse Nahi Milte’ में अमनदीप सिंह ने प्यार और रिश्तों से जुड़ी कई ऐसी स्थितियों और भावनाओं को जगह दी है, जिनसे आज की युवा पीढ़ी खुद को जोड़ सकती है। आधे लिखे खत, भेजने से पहले कई बार सोचे गए संदेश और रिश्तों से जुड़े वे सवाल जिनका कोई सीधा जवाब नहीं मिलता—किताब इन्हीं भावनात्मक अनुभवों के आसपास आगे बढ़ती है।
हिंदुस्तानी शायरी की परंपरा से प्रेरित यह संग्रह केवल दिल टूटने या अधूरी मोहब्बत तक सीमित नहीं है। इसमें उम्मीद, चाहत, समर्पण और मुश्किल परिस्थितियों के बावजूद सपने देखते रहने की भावना को भी जगह दी गई है।
हिंदी-उर्दू के खयाल, आधुनिक अंदाज में प्रस्तुति
किताब की एक खासियत इसकी भाषा और प्रस्तुति है। हिंदी और उर्दू के खयाल, किस्से और नज़्में अंग्रेजी प्रारूप में पेश की गई हैं, ताकि पाठक इन भावनाओं को सहज और समकालीन अंदाज में अनुभव कर सकें।
किताब में शामिल तस्वीरें और अमनदीप सिंह के निजी किस्से इसे अधिक व्यक्तिगत और दृश्यात्मक अनुभव देने का प्रयास करते हैं। इस वजह से यह केवल कविताओं का संग्रह नहीं, बल्कि लेखक के अनुभवों, विचारों और भावनाओं से गुजरने वाला एक निजी सफर भी बनती है।
अमनदीप सिंह ने क्या कहा?
अपनी पहली किताब के बारे में अमनदीप सिंह ने कहा कि वह ऐसी किताब लिखना चाहते थे जिसे पाठक अपनी गति से पढ़ सके—जैसे किसी के पुराने खत या निजी विचार पढ़ रहा हो।
उन्होंने कहा कि किताब में शामिल खयाल और नज़्में उन्होंने अपने सपनों का पीछा करने और उन्हें समझने की कोशिश के दौरान लिखी हैं। अमनदीप के मुताबिक, अगर किसी ने कभी कोई सपना देखा है तो वह उम्मीद करते हैं कि यह किताब उसे अपने खयाल के थोड़ा और करीब ले जाएगी। प्यार करने वालों को किताब तोहफे में देने की बात कहते हुए उन्होंने खुद से प्रेम की शुरुआत करने का संदेश भी दिया।
पियूष मिश्रा और दिव्य प्रकाश दुबे ने की तारीफ
अमनदीप सिंह की पहली किताब को साहित्य और रचनात्मक जगत से जुड़े कई चर्चित नामों की सराहना मिली है। इनमें अभिनेता और लेखक पियूष मिश्रा, लेखक दिव्य प्रकाश दुबे, लेखिका मेघा राव और मेंटलिस्ट सुहानी शाह शामिल हैं।
Kuch Ishq Kiya Kuch Kaam Kiya के लेखक पियूष मिश्रा ने अमनदीप की नज़्मों और कहानियों की तारीफ करते हुए उन्हें मजेदार, खूबसूरत और शानदार बताया है। वहीं, Musafir Cafe के लेखक दिव्य प्रकाश दुबे ने उनकी लेखनी को नर्म, निजी और पाठकों से जुड़ाव पैदा करने वाली बताया।
युवा पीढ़ी के रिश्तों और भावनाओं से जुड़ने की कोशिश
‘Mere Khayal Tumse Nahi Milte’ के जरिए अमनदीप सिंह ने कविता और कहानी-कथन को एक ही किताब में समेटने का प्रयास किया है। इसका विषय आज की युवा पीढ़ी के प्यार, रिश्तों, उम्मीदों और भावनात्मक अनुभवों के इर्द-गिर्द घूमता है।
यह किताब उन भावनाओं को शब्द देने की कोशिश करती है जो अक्सर बातचीत में अधूरी रह जाती हैं। साथ ही पाठकों को इसके पन्नों में अपने रिश्तों, सपनों और निजी अनुभवों की झलक तलाशने का अवसर देती है।
प्री-सेल: किताब की प्री-सेल शुरू हो चुकी है और इसे ऑनलाइन ऑर्डर किया जा सकता है।
किताब की प्री-सेल का लिंक: https://amzn.in/d/0fQD114j
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