प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बहादुर भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार से वीडियो कॉल पर बात कर उनका हालचाल जाना और मुश्किल परिस्थितियों में दिखाई गई हिम्मत, सूझबूझ और संयम की जमकर तारीफ की। बातचीत के दौरान कैप्टन स्मित ने उस भयावह घटना का अनुभव प्रधानमंत्री के साथ साझा किया और बताया कि गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उन्होंने किस तरह खुद को संभाला और विमान में मौजूद लोगों की जान बचाने के लिए संघर्ष किया।
प्रधानमंत्री मोदी ने कैप्टन स्मित के जल्द स्वस्थ होने की कामना करते हुए कहा कि पूरा देश उनके लिए प्रार्थना कर रहा है। पीएम मोदी ने कहा कि बेहद कम समय में स्मित ने जिस तरह फैसले लिए और लोगों की जान बचाई, वह पूरे देश के लिए गर्व की बात है।
‘स्मित नमस्ते’ से पीएम मोदी ने शुरू की बात
भारतीय पायलट स्मित मच्छार से बात करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि आपने अपने जीवन की परवाह नहीं की, बल्कि यात्रियों के जीवन की परवाह की। सबसे बड़ी बात यह है कि आपने 140 करोड़ देशवासियों का मान बढ़ाया है।
पीएम मोदी ने पूछा- ‘अभी तबीयत कैसी है?’
वीडियो कॉल के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सबसे पहले कैप्टन स्मित मच्छार की सेहत के बारे में जानकारी ली। पीएम मोदी ने पूछा, “अभी तबीयत कैसी है?” इस पर स्मित ने जवाब दिया कि अब सब ठीक है।
प्रधानमंत्री ने उनका हौसला बढ़ाते हुए कहा कि पूरा देश उनके स्वास्थ्य के लिए प्रार्थना कर रहा है और महामृत्युंजय जाप भी किया जा रहा है। पीएम मोदी ने स्मित की हिम्मत, धैर्य और सूझबूझ की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्होंने कुछ ही क्षणों में महत्वपूर्ण निर्णय लेकर कई लोगों की जान बचाई।
#WATCH | PM Modi speaks with Flydubai Captain Smit Machchhar through a video call and praises his courage, presence of mind and composure in how he saved many lives
The PM says to Captain Smit, "The whole country is praying for you. Maha Mrityunjay Jaap is being done for you and… pic.twitter.com/TCj3NDqASp
— ANI (@ANI) October 2, 2026
‘भारतीय जान लेने वाले नहीं, जान बचाने वाले हैं’
कैप्टन स्मित की बहादुरी की तारीफ करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज पूरा देश गर्व से कह सकता है कि भारतीय दूसरों की जान लेने वाले नहीं, बल्कि दूसरों की जान बचाने के लिए अपनी जान जोखिम में डालने वाले लोग हैं।
पीएम मोदी ने स्मित की मां गीता बेन का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि मां ने भगवद्गीता की सीख और अच्छे संस्कारों के साथ स्मित को बड़ा किया है। प्रधानमंत्री के इन शब्दों को सुनकर कैप्टन स्मित भावुक नजर आए।
मुश्किल वक्त में हनुमान चालीसा पढ़ रहे थे कैप्टन स्मित
प्रधानमंत्री के साथ बातचीत में कैप्टन स्मित ने बताया कि जब भी वह किसी मुश्किल परिस्थिति में होते हैं तो हनुमान चालीसा का पाठ करते हैं। विमान में जब हालात बेहद गंभीर हो गए थे, तब भी वह हनुमान चालीसा पढ़ रहे थे।
स्मित ने बताया कि उस समय उनके मन में एक ही बात चल रही थी कि वह किसी को मरने नहीं दे सकते। गंभीर परिस्थितियों और चोटों के बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं छोड़ी और यात्रियों की सुरक्षा के लिए अपनी पूरी ताकत लगा दी।
‘गिर गया था, लेकिन पता था नहीं उठा तो मर जाऊंगा’
कैप्टन स्मित ने पीएम मोदी को हमले के बाद के भयावह पलों के बारे में भी बताया। उन्होंने कहा कि उन्हें काफी चोटें लगी थीं और वह गिर गए थे, लेकिन उसी समय उन्हें एहसास हुआ कि अगर वह दोबारा नहीं उठे तो उनकी जान जा सकती है।
स्मित ने बताया कि वह करीब 17 वर्षों से विमान उड़ा रहे हैं और पिछले 11 वर्षों से कैप्टन के रूप में काम कर रहे हैं। लंबे अनुभव की वजह से गंभीर हालत में भी उन्हें विमान में हो रही गतिविधियों का अंदाजा था।
उन्होंने प्रधानमंत्री को बताया कि उन्होंने खुद से कहा कि अब एक आखिरी कोशिश करनी होगी। इसके बाद उन्होंने खुद को संभाला और कॉकपिट का दरवाजा खोलने की कोशिश की। दरवाजा खुलने के बाद अन्य लोग भी अंदर पहुंच सके।
‘विमान में मौजूद सभी लोगों ने निभाई बराबर भूमिका’
कैप्टन स्मित ने इस पूरी घटना का श्रेय केवल खुद को देने के बजाय विमान में मौजूद अन्य लोगों की भूमिका की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि उस मुश्किल परिस्थिति में सभी ने अपनी-अपनी भूमिका निभाई और सामूहिक प्रयास बेहद महत्वपूर्ण रहा।
उनके मुताबिक संकट के उस समय उनका पूरा ध्यान इस बात पर था कि हालात को किसी तरह नियंत्रित किया जाए और विमान में मौजूद लोगों की जान बचाई जा सके।
पीएम मोदी से बात करते हुए भावुक हुए स्मित
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बातचीत के दौरान कैप्टन स्मित कई बार भावुक हुए। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी उनके सबसे बड़े आदर्श हैं और उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि एक दिन उन्हें प्रधानमंत्री से सीधे बात करने का मौका मिलेगा।
स्मित ने कहा कि प्रधानमंत्री का व्यक्तिगत रूप से फोन करके उनका हौसला बढ़ाना उनके लिए बेहद खास और गर्व का क्षण है। पीएम मोदी ने भी उन्हें हिम्मत बनाए रखने और जल्द स्वस्थ होने की शुभकामनाएं दीं।
#WATCH | Flydubai Captain Smit Machchhar and PM Modi share a conversation in the Gujarati language. The PM praises the Captain's family and their courage. pic.twitter.com/hfZYDesSoM
— ANI (@ANI) October 2, 2026
स्मित मच्छार के माता-पिता से क्या हुई बात, प्रधानमंत्री ने बताया
प्रधानमंत्री ने कैप्टन स्मित की बहादुरी को सराहा, साथ ही कहा कि सबसे बड़ी बात यह है कि आपने 140 करोड़ देशवासियों का मान बढ़ाया है। इसलिए मैं हृदय से गर्व अनुभव करता हूं। स्मित के परिजनों से बातचीत का जिक्र करते हुए पीएम ने कहा कि मुझे कल भूपेंद्र भाई और गीताबेन से बात करने का अवसर मिला।
सऊदी अरब के बाद दुबई में इलाज
घटना के बाद घायल कैप्टन स्मित मच्छार को इलाज के लिए सऊदी अरब के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उनका प्राथमिक उपचार किया गया। इसके बाद आगे के इलाज के लिए उन्हें दुबई के अस्पताल में भर्ती कराया गया।
उनकी बहादुरी और संकट के समय दिखाई गई सूझबूझ की चर्चा लगातार हो रही है। अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हुई उनकी बातचीत ने एक बार फिर इस घटना और कैप्टन स्मित के साहस को सुर्खियों में ला दिया है।
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