दुबई से इजरायल जा रही Flydubai की फ्लाइट में भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार पर हमला कर विमान को कथित तौर पर क्रैश कराने की कोशिश करने वाले को-पायलट की पहचान सामने आने का दावा किया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक आरोपी को-पायलट का नाम हमाम अल हम्मामी (Hamam Al Hammami) है। 29 वर्षीय हम्मामी ओमान का नागरिक बताया जा रहा है। आरोप है कि वह विमान को दुर्घटनाग्रस्त करना चाहता था, लेकिन भारतीय कैप्टन स्मित मच्छर ने घायल होने के बावजूद हालात पर काबू पाया और विमान में सवार करीब 180 लोगों की जान बचाई।
रिपोर्ट्स के अनुसार हम्मामी का जन्म संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में हुआ था। उसके पिता ओमानी और मां सीरियाई बताई गई हैं। उसने अपने जीवन का काफी समय ओमान के बाहर बिताया और सीरिया में भी रहा था। अब उसके अतीत और कथित कट्टरपंथी विचारों को लेकर कई जानकारियां सामने आ रही हैं।
कट्टरपंथी विचारों के कारण पहले ही उड़ान भरने पर लगी थी रोक?
रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि हम्मामी 2024 में Oman Air में को-पायलट ट्रेनी के तौर पर काम कर रहा था। कथित तौर पर उसके विचारों और सुरक्षा संबंधी चिंताओं के कारण उसे विमान उड़ाने से रोक दिया गया था और बाद में उसे दस्तावेजों से जुड़ा काम दिया जाने लगा।
सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि अगर उसे पहले ही संभावित ‘सिक्योरिटी रिस्क’ माना गया था तो वह बाद में Flydubai तक कैसे पहुंचा और उसे इजरायल जैसे संवेदनशील रूट पर उड़ान भरने की अनुमति कैसे मिली?
हम्मामी की कथित सोशल मीडिया प्रोफाइल से सामने आई जानकारी के मुताबिक उसने Oman Air के साथ लगभग सात साल तक काम किया था और फरवरी 2025 में वहां से अलग हो गया। इसके बाद जून 2025 में वह मोरक्को की Royal Air Maroc से जुड़ा और कथित तौर पर जनवरी 2026 में Flydubai में आया।
🔴 BREAKING: The flydubai co-pilot has been identified as Hamam Alhamami, according to Al Arabiya English sources. pic.twitter.com/Tz0U1whKyT
— Al Arabiya English (@AlArabiya_Eng) October 2, 2026
घटना के बाद सोशल मीडिया पर दो रहस्यमयी पोस्ट
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार हम्मामी से जुड़ी बताई जा रही LinkedIn प्रोफाइल पर घटना के बाद दो पोस्ट सामने आई थीं। हालांकि यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि इन पोस्ट को घटना के बाद किसी दूसरे व्यक्ति ने प्रकाशित किया था या इन्हें पहले से शेड्यूल किया गया था।
बाद में यह LinkedIn प्रोफाइल डिलीट हो गई। रिपोर्ट के मुताबिक इसी तरह उससे जुड़ा बताया गया Instagram अकाउंट भी हटाया गया।
एक कथित पोस्ट में Boeing 737 MAX के कॉकपिट से जुड़ी क्लिप दिखाई गई थी। वीडियो को दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट का बताया गया और इसमें कैमरा एक इजरायली एयरलाइन के विमान की तरफ जूम करता दिखाई देता है।
इस क्लिप के आखिर में अल-कायदा के पूर्व प्रमुख अयमान अल-जवाहिरी और हुमाम खलील अल-बलावी से जुड़ी तस्वीरें दिखाई देने का दावा किया गया है। अल-जवाहिरी ने ओसामा बिन लादेन की मौत के बाद अल-कायदा का नेतृत्व संभाला था। अल-बलावी 2009 में अफगानिस्तान में CIA कर्मियों को निशाना बनाने वाले आत्मघाती हमले से जुड़ा था।
मक्का, मदीना और यरुशलम की AI तस्वीरों वाली दूसरी पोस्ट
दूसरी कथित पोस्ट में मक्का, मदीना और यरुशलम की AI-generated तस्वीरें दिखाई गई थीं। रिपोर्ट के मुताबिक इसके बैकग्राउंड में ऐसी कविता या ऑडियो का इस्तेमाल किया गया था जिसमें मृत्यु से न डरने और अपमान स्वीकार न करने जैसी बातें थीं।
इन पोस्टों की टाइमिंग ने जांच एजेंसियों के सामने कई सवाल खड़े किए हैं। सबसे अहम सवाल यही है कि इन्हें हम्मामी ने खुद पोस्ट किया, पहले से शेड्यूल किया था या घटना के बाद किसी अन्य व्यक्ति को उसके अकाउंट तक पहुंच मिली थी।
ब्रिटेन से Aviation Management की डिग्री
हम्मामी की LinkedIn प्रोफाइल में ब्रिटेन के Buckinghamshire की एक यूनिवर्सिटी से पढ़ाई करने की जानकारी भी दी गई थी। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक विश्वविद्यालय ने पुष्टि की कि इस नाम के एक व्यक्ति ने डिस्टेंस लर्निंग के जरिए कोर्स पूरा किया था और 2023 में Aviation Management की डिग्री हासिल की थी।
हम्मामी से जुड़ा बताया जा रहा X (पूर्व में Twitter) अकाउंट भी अब उपलब्ध नहीं है। रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि 2021 से 2022 के बीच इस अकाउंट से करीब 3,000 पोस्ट की गई थीं। जांच में उसकी पुरानी सोशल मीडिया गतिविधियां अहम साबित हो सकती हैं।
ओमानी पायलट इजरायल जाने वाली फ्लाइट में कैसे पहुंचा?
इस पूरे मामले ने एक और बड़ा सवाल खड़ा किया है। ओमान और इजरायल के बीच औपचारिक राजनयिक संबंध नहीं हैं। ऐसे में ओमान का नागरिक इजरायल जाने वाली फ्लाइट के कॉकपिट तक कैसे पहुंचा, इसे लेकर सवाल उठ रहे हैं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक शुरुआती तौर पर यह संभावना भी जताई गई कि हम्मामी के पास किसी दूसरे देश की नागरिकता या पासपोर्ट हो सकता है। हालांकि अन्य रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि उसके पास केवल ओमान की नागरिकता थी। यदि यह सही साबित होता है तो उसके इजरायल रूट पर तैनात किए जाने की प्रक्रिया जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा बन सकती है।
UAE और इजरायल ने 2020 के Abraham Accords के बाद औपचारिक संबंध स्थापित किए थे। दोनों देशों के बीच सीधी विमान सेवाएं भी शुरू हुईं। लेकिन अब सवाल यह है कि ऐसे अंतरराष्ट्रीय रूट पर क्रू की नियुक्ति और सुरक्षा जांच के दौरान हम्मामी के कथित पुराने रिकॉर्ड की जानकारी सामने क्यों नहीं आई।
क्या एयरलाइन के सिक्योरिटी सिस्टम में हुई बड़ी चूक?
यदि यह पुष्टि होती है कि किसी दूसरी एयरलाइन ने हम्मामी को पहले सुरक्षा कारणों से उड़ान भरने से रोका था, तो Flydubai में उसकी भर्ती और उसे संवेदनशील अंतरराष्ट्रीय रूट दिए जाने पर गंभीर सवाल उठ सकते हैं।
एयरलाइन ही सामान्य तौर पर किसी फ्लाइट के लिए पायलट और अन्य क्रू सदस्यों की नियुक्ति करती है। ऐसे में अब यह जांच का विषय है कि भर्ती के दौरान उसका पिछला रिकॉर्ड किस हद तक जांचा गया और क्या पूर्व नियोक्ता से उससे संबंधित सुरक्षा जानकारी साझा की गई थी।
Mossad और Shin Bet की जांच पर भी नजर
इजरायल की सुरक्षा व्यवस्था में Mossad और Shin Bet जैसी एजेंसियां महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। घटना के बाद आरोपी को-पायलट की पृष्ठभूमि, उसके सोशल मीडिया इतिहास, संभावित संपर्कों और कथित कट्टरपंथी विचारों की जांच बेहद महत्वपूर्ण हो गई है।
इसके साथ यह भी जांच का विषय होगा कि क्या कथित हमला पहले से योजनाबद्ध था, क्या इसमें किसी अन्य व्यक्ति या नेटवर्क की भूमिका थी और घटना के बाद सोशल मीडिया पर सामने आई पोस्टों का स्रोत क्या था।
भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार के साहस से बची यात्रियों की जान
इस घटनाक्रम के केंद्र में भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार का साहस भी है। आरोप है कि को-पायलट ने उन पर हमला करके विमान को क्रैश कराने की कोशिश की, लेकिन घायल होने के बावजूद स्मित मच्छार ने विमान पर नियंत्रण बनाए रखा।
इस तरह की आपात स्थिति में कॉकपिट के भीतर हमला होने से परिस्थितियां बेहद गंभीर हो सकती हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक कैप्टन मच्छर की सूझबूझ और साहस के चलते विमान में सवार करीब 180 लोगों की जान बच सकी।
अब जांच का फोकस हमाम अल हम्मामी के अतीत, उसके कथित कट्टरपंथी विचारों, सोशल मीडिया गतिविधियों, पिछली नौकरियों और Flydubai तक पहुंचने की पूरी प्रक्रिया पर है। जांच के नतीजे यह स्पष्ट कर सकते हैं कि क्या यह केवल एक व्यक्ति की कथित साजिश थी या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क अथवा सुरक्षा चूक भी मौजूद थी।
हमारी यूट्यूब चैनल को लाइक, शेयर और सब्सक्राइब करे
Like, Share and Subscribe our YouTube channel