राष्ट्रीय पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने देश की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के दौरान सर्वोच्च बलिदान देने वाले पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि अर्पित की। राष्ट्रीय पुलिस स्मारक पर आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने शहीद जवानों के अदम्य साहस, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रसेवा को याद किया। इस दौरान अमित शाह ने कहा कि पुलिसकर्मी देश की आंतरिक सुरक्षा की मजबूत नींव हैं, जो अपने व्यक्तिगत सुख और पारिवारिक जिम्मेदारियों से ऊपर उठकर नागरिकों की सुरक्षा के लिए दिन-रात तैनात रहते हैं।
गृह मंत्री ने केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) के जवानों के योगदान की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि देश की सीमाओं की सुरक्षा से लेकर आंतरिक शांति बनाए रखने और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को सफल बनाने तक सुरक्षा बलों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
राष्ट्रीय पुलिस स्मारक पर 36,852 शहीद जवानों को श्रद्धांजलि
अमित शाह ने अपने संबोधन में बताया कि राष्ट्रीय पुलिस स्मारक देशभर के नागरिकों के लिए श्रद्धा और सम्मान का महत्वपूर्ण केंद्र बन चुका है। यहां उन 36,852 पुलिसकर्मियों के बलिदान को याद किया जाता है, जिन्होंने देश की सुरक्षा और नागरिकों की रक्षा करते हुए अपने प्राण न्योछावर कर दिए।
उन्होंने बताया कि इस वर्ष शहीद पुलिसकर्मियों की सूची में 154 नए नाम शामिल किए गए हैं। कार्यक्रम के दौरान इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) के निदेशक महेश ने शहीद जवानों के नाम पढ़कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2018 में राष्ट्रीय पुलिस स्मारक का उद्घाटन किया था। इस स्मारक का उद्देश्य शहीद पुलिसकर्मियों के बलिदान को सम्मान देना और आने वाली पीढ़ियों को देशसेवा, साहस तथा कर्तव्यनिष्ठा के लिए प्रेरित करना है।
‘सरकारी सेवाओं में सबसे कठिन सेवा पुलिस की है’ – अमित शाह
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पुलिसकर्मियों के कठिन जीवन और उनके त्याग को विशेष रूप से रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि सरकार की सभी सेवाओं में पुलिस की सेवा सबसे चुनौतीपूर्ण सेवाओं में से एक है।
अमित शाह ने कहा कि जब देश के नागरिक अपने परिवारों के साथ त्योहार मनाते हैं, तब पुलिसकर्मी सड़कों, सीमाओं और संवेदनशील स्थानों पर तैनात रहकर उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं।
उन्होंने कहा, “देश के हर नागरिक के लिए हर त्योहार होता है, मगर पुलिसकर्मी के लिए कोई त्योहार नहीं होता है। जिस दिन हम सभी अपने परिवार के साथ त्योहार मनाते हैं, उस दिन हमारा जवान मौके पर खड़ा होकर आंतरिक सुरक्षा, ट्रैफिक और लोगों की सलामती की चिंता करता है।”
गृह मंत्री ने कहा कि जीवन के महत्वपूर्ण वर्षों को परिवार से दूर रहकर राष्ट्र की सेवा में समर्पित करना बहुत बड़ा त्याग है। उन्होंने पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए कहा कि देश हमेशा उनके योगदान का ऋणी रहेगा।
#WATCH दिल्ली: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 'नेशनल पुलिस स्मरण दिवस परेड' कार्यक्रम में कहा, "मैं देश की जनता को कहना चाहता हूं कि सरकार की सभी प्रकार की सेवाओं में अगर कोई कठिन से कठिन सेवा है तो वो पुलिस की सेवा है। देश के हर नागरिक के लिए हर त्योहार होता है… मगर… pic.twitter.com/kp9n7PtE6z
— ANI_HindiNews (@AHindinews) October 21, 2026
CAPF जवानों की भूमिका को अमित शाह ने बताया महत्वपूर्ण
केंद्रीय गृह मंत्री ने देश की सीमाओं और आंतरिक सुरक्षा में तैनात केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के जवानों के योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि CAPF के जवान कठिन परिस्थितियों में भी देश की सुरक्षा के लिए लगातार कार्य करते हैं।
अमित शाह ने बताया कि चुनावों के दौरान शांति बनाए रखना, संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करना और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को सुचारू रूप से संपन्न कराना सुरक्षा बलों की प्रमुख जिम्मेदारियों में शामिल है।
उन्होंने कहा कि CAPF के जवान केवल सीमाओं की रक्षा ही नहीं करते, बल्कि देश के भीतर कानून-व्यवस्था और लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव का जिक्र, CAPF जवानों की सराहना
अपने संबोधन में अमित शाह ने पश्चिम बंगाल में चुनावी हिंसा का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों में चुनाव से जुड़ी हिंसा पर काफी हद तक नियंत्रण पाया जा चुका है, जबकि पश्चिम बंगाल लंबे समय से चुनावी हिंसा की समस्या का सामना करता रहा है।
गृह मंत्री ने हाल के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों का उल्लेख करते हुए CAPF जवानों के प्रयासों की प्रशंसा की। उन्होंने दावा किया कि सुरक्षा बलों ने चुनाव के दौरान हिंसा और जनहानि रोकने में बड़ी सफलता हासिल की है।
अमित शाह ने इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए कहा कि चुनावी प्रक्रिया को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष बनाए रखने में सुरक्षा बलों का योगदान सराहनीय है।
पंजाब में नशे के मुद्दे पर AAP सरकार को घेरा
राष्ट्रीय पुलिस स्मृति दिवस से जुड़े कार्यक्रम के अलावा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पंजाब में बढ़ती नशे की समस्या को लेकर भी कड़ा रुख अपनाया। लुधियाना में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार पर निशाना साधा।
अमित शाह ने दावा किया कि पंजाब में नशीले पदार्थों की समस्या गंभीर स्थिति में पहुंच चुकी है। उन्होंने कहा कि वह चिट्टा जैसे नशीले पदार्थों से प्रभावित लोगों से मिले हैं और उनकी स्थिति जानकर उन्हें दुख हुआ। गृह मंत्री ने पंजाब सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि राज्य में नशे के कारोबार के खिलाफ और अधिक सख्त कार्रवाई की आवश्यकता है।
‘2029 तक पंजाब को नशामुक्त बनाएंगे’ – अमित शाह
अमित शाह ने पंजाब में नशे के खिलाफ अभियान को लेकर बड़ा ऐलान करते हुए वर्ष 2029 तक राज्य को नशामुक्त बनाने का लक्ष्य रखा।
उन्होंने कहा कि नशे के कारोबार में शामिल माफियाओं के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। गृह मंत्री ने दावा किया कि पंजाब के विभिन्न जिलों में ड्रग्स माफिया सक्रिय हैं और उन्हें किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि नशीले पदार्थों की तस्करी और अवैध कारोबार के खिलाफ कार्रवाई को और प्रभावी बनाया जाएगा, ताकि युवाओं को नशे के दुष्प्रभाव से बचाया जा सके।
राष्ट्रीय पुलिस स्मृति दिवस का महत्व
भारत में हर वर्ष 21 अक्टूबर को पुलिस स्मृति दिवस मनाया जाता है। यह दिन उन बहादुर पुलिसकर्मियों की स्मृति को समर्पित है, जिन्होंने देश की सुरक्षा और नागरिकों की रक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया।
इस दिवस की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि 21 अक्टूबर 1959 की उस घटना से जुड़ी है, जब लद्दाख के हॉट स्प्रिंग्स क्षेत्र में चीनी सैनिकों के हमले में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के 10 जवान शहीद हो गए थे। उनकी शहादत की स्मृति में हर वर्ष पुलिस स्मृति दिवस मनाया जाता है। इस अवसर पर देशभर में पुलिस और सुरक्षा बलों के शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी जाती है।
पुलिसकर्मियों का बलिदान देश के लिए प्रेरणा
राष्ट्रीय पुलिस स्मृति दिवस पर अमित शाह का संबोधन पुलिसकर्मियों की कठिन ड्यूटी, उनके त्याग और देश की आंतरिक सुरक्षा में उनके योगदान पर केंद्रित रहा। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने वाले जवान कई बार अपने परिवारों से दूर रहकर कठिन परिस्थितियों में जिम्मेदारियां निभाते हैं।
राष्ट्रीय पुलिस स्मारक पर शहीद जवानों को दी गई श्रद्धांजलि देश की सुरक्षा में उनके योगदान और सर्वोच्च बलिदान को याद करने का महत्वपूर्ण अवसर है।
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