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PM Modi का बड़ा फोकस : रेलवे, फार्मा और एकता मॉल पर सरकार का जोर, ₹16,000 करोड़ की परियोजनाओं की समीक्षा

PM Modi ने 54वीं PRAGATI बैठक में 31 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की ₹16,000 करोड़ से अधिक की परियोजनाओं की समीक्षा की। जानिए रेलवे, फार्मा और पीएम एकता मॉल से जुड़ी योजनाएं।

PM Modi का बड़ा फोकस : रेलवे, फार्मा और एकता मॉल पर सरकार का जोर, ₹16,000 करोड़ की परियोजनाओं की समीक्षा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार देश के बुनियादी ढांचे, औद्योगिक विकास और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए विभिन्न योजनाओं पर काम कर रही है। इसी क्रम में प्रधानमंत्री ने 54वीं प्रगति बैठक की अध्यक्षता करते हुए देशभर में चल रही महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में 31 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से संबंधित 16,000 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं पर चर्चा हुई। इस दौरान परियोजनाओं के क्रियान्वयन, समयसीमा और उनके सामाजिक एवं आर्थिक प्रभावों पर विशेष ध्यान दिया गया।

प्रधानमंत्री ने तीन प्रमुख क्षेत्रों को सरकार की प्राथमिकताओं के रूप में रेखांकित किया। इनमें रेलवे स्टेशनों को आधुनिक मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब के रूप में विकसित करना, फार्मास्यूटिकल मैन्युफैक्चरिंग में भारत की आत्मनिर्भरता बढ़ाना और पीएम एकता मॉल के माध्यम से स्थानीय कारीगरों तथा छोटे व्यवसायों को मजबूत बनाना शामिल है।

रेलवे स्टेशनों को मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब बनाने पर जोर

मोदी सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में भारतीय रेलवे का आधुनिकीकरण शामिल है। सरकार रेलवे नेटवर्क की क्षमता बढ़ाने, यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने और परिवहन व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में काम कर रही है। प्रधानमंत्री ने प्रगति बैठक में रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास की गति बढ़ाने पर जोर दिया। इसके तहत रेलवे स्टेशनों को केवल ट्रेन पकड़ने और उतरने के स्थान के बजाय आधुनिक मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब के रूप में विकसित करने की योजना है।

मल्टीमॉडल हब में रेलवे को बस, मेट्रो, टैक्सी और अन्य स्थानीय परिवहन सेवाओं से बेहतर तरीके से जोड़ने का प्रयास किया जाता है। इससे यात्रियों को एक परिवहन माध्यम से दूसरे तक पहुंचने में आसानी होगी। रेलवे स्टेशनों पर आधुनिक प्रतीक्षालय, बेहतर यात्री सूचना प्रणाली, स्वच्छता सुविधाएं, दिव्यांगजन-अनुकूल बुनियादी ढांचा और सुगम आवागमन जैसी सुविधाओं के विकास पर भी ध्यान दिया जा रहा है।

देश के 1,300 से अधिक रेलवे स्टेशनों के आधुनिकीकरण की दिशा में काम

केंद्र सरकार देशभर के 1,300 से अधिक छोटे-बड़े रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास की दिशा में काम कर रही है। इन परियोजनाओं का उद्देश्य रेलवे स्टेशनों की क्षमता और सुविधाओं को बढ़ाना तथा उन्हें आधुनिक परिवहन केंद्रों के रूप में विकसित करना है। इसके अलावा ट्रेनों की आवाजाही को सुचारु बनाने और व्यस्त रेल मार्गों पर दबाव कम करने के लिए मल्टी-ट्रैकिंग परियोजनाओं पर भी काम किया जा रहा है।

मल्टी-ट्रैकिंग के तहत मौजूदा रेलवे मार्गों पर अतिरिक्त रेल लाइनें बिछाई जाती हैं, जिससे एक ही मार्ग पर अधिक ट्रेनों का संचालन संभव हो सकता है। इससे यात्री ट्रेनों के साथ मालगाड़ियों के संचालन को भी लाभ मिलने की उम्मीद है। रेलवे की बेहतर क्षमता से औद्योगिक गतिविधियों, व्यापार और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र को भी सहायता मिल सकती है।

फार्मा मैन्युफैक्चरिंग में आत्मनिर्भरता बढ़ाने पर सरकार का विशेष ध्यान

रेलवे के अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फार्मास्यूटिकल मैन्युफैक्चरिंग को भी सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल किया है। भारत दुनिया के प्रमुख दवा उत्पादक देशों में शामिल है। हालांकि, दवाओं के निर्माण में इस्तेमाल होने वाले कुछ महत्वपूर्ण कच्चे माल और एक्टिव फार्मास्यूटिकल इंग्रीडिएंट्स (API) के लिए आयात पर निर्भरता एक महत्वपूर्ण चुनौती रही है।

इस निर्भरता को कम करने के लिए केंद्र सरकार घरेलू दवा निर्माण क्षमता बढ़ाने और फार्मा उद्योग में निवेश को प्रोत्साहित करने की दिशा में काम कर रही है। सरकार का उद्देश्य भारत को दवाओं और उनके महत्वपूर्ण कच्चे माल के उत्पादन में अधिक आत्मनिर्भर बनाना है।

फार्मा सेक्टर के लिए 15,000 करोड़ और बल्क ड्रग्स के लिए लगभग 7,000 करोड़ की PLI योजनाएं

फार्मास्यूटिकल उद्योग को प्रोत्साहित करने के लिए केंद्र सरकार ने प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) योजनाएं लागू की हैं। उपलब्ध विवरण के अनुसार, फार्मा सेक्टर के लिए लगभग 15,000 करोड़ रुपये और बल्क ड्रग्स के लिए करीब 7,000 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन योजनाओं का उल्लेख किया गया है।

इन योजनाओं का उद्देश्य घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देना, उत्पादन क्षमता विकसित करना और महत्वपूर्ण दवा सामग्री के लिए विदेशी आपूर्ति पर निर्भरता कम करना है। PLI योजना के माध्यम से पात्र कंपनियों को निर्धारित शर्तों के आधार पर उत्पादन से जुड़े वित्तीय प्रोत्साहन दिए जाते हैं। इससे फार्मा उद्योग में नई उत्पादन इकाइयों की स्थापना, तकनीकी विकास और निवेश को प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।

गुजरात, हिमाचल प्रदेश और आंध्र प्रदेश में बल्क ड्रग पार्क पर काम

भारत में दवा निर्माण के लिए आवश्यक कच्चे माल की घरेलू उपलब्धता बढ़ाने के उद्देश्य से विभिन्न राज्यों में बल्क ड्रग पार्क विकसित किए जा रहे हैं। इनमें गुजरात, हिमाचल प्रदेश और आंध्र प्रदेश शामिल हैं।

बल्क ड्रग पार्क में फार्मास्यूटिकल उद्योग से जुड़ी कंपनियों को साझा बुनियादी ढांचा और औद्योगिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है। ऐसे पार्कों के माध्यम से दवा निर्माण की लागत कम करने, उत्पादन व्यवस्था को अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने और घरेलू आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है। विशेष रूप से गुजरात जैसे औद्योगिक राज्य में फार्मा क्षेत्र की मौजूदा क्षमताओं को देखते हुए इन परियोजनाओं का महत्व बढ़ जाता है।

पीएम एकता मॉल से स्थानीय कारीगरों और छोटे कारोबारियों को मिलेगा मंच

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 54वीं प्रगति बैठक में पीएम एकता मॉल परियोजना पर भी विशेष जोर दिया। ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से पीएम एकता मॉल की अवधारणा विकसित की गई है।

इस पहल का मुख्य उद्देश्य देश के विभिन्न राज्यों और क्षेत्रों के पारंपरिक उत्पादों, हस्तशिल्प, स्थानीय वस्तुओं और कारीगरों को एक साझा बाजार उपलब्ध कराना है। एकता मॉल में अलग-अलग राज्यों के विशिष्ट उत्पादों को प्रदर्शित और बिक्री के लिए उपलब्ध कराने की योजना है। इससे स्थानीय उत्पादकों को नए ग्राहकों तक पहुंचने और अपने व्यवसाय का विस्तार करने का अवसर मिल सकता है।

27 राज्यों में पीएम एकता मॉल बनाने को मंजूरी

उपलब्ध जानकारी के अनुसार, देश के 27 राज्यों में पीएम एकता मॉल स्थापित करने की मंजूरी दी गई है। इन मॉल को राज्य की राजधानी, प्रमुख आर्थिक केंद्र या अधिक पर्यटकों की आवाजाही वाले शहरों में विकसित करने की योजना है। परियोजना के लिए आवश्यक भूमि उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी की गई है।

एकता मॉल के माध्यम से स्थानीय कारीगरों, स्वयं सहायता समूहों, छोटे उद्यमियों और पारंपरिक उत्पाद निर्माताओं को अपने सामान के विपणन के लिए बेहतर अवसर मिल सकते हैं। इसके साथ ही पर्यटकों को एक ही स्थान पर देश के विभिन्न क्षेत्रों की कला, संस्कृति और पारंपरिक उत्पादों को जानने तथा खरीदने का अवसर मिलेगा। यह पहल स्थानीय अर्थव्यवस्था और पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने में भी सहायक हो सकती है।

‘वोकल फॉर लोकल’ अभियान को मजबूत करेगा पीएम एकता मॉल

पीएम एकता मॉल को केंद्र सरकार के ‘वोकल फॉर लोकल’ अभियान से भी जोड़कर देखा जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य स्थानीय स्तर पर बनने वाले उत्पादों के उपयोग और उनकी बाजार पहुंच को प्रोत्साहित करना है।

देश के विभिन्न हिस्सों में बड़ी संख्या में कारीगर और छोटे व्यवसाय पारंपरिक उत्पादों का निर्माण करते हैं, लेकिन बाजार तक सीमित पहुंच के कारण उन्हें कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। एकता मॉल जैसे केंद्रों के माध्यम से इन उत्पादों को बड़े बाजारों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। इससे स्थानीय रोजगार, हस्तशिल्प उद्योग और छोटे व्यवसायों को लाभ मिलने की संभावना है।

सोशल मीडिया पोस्ट में पीएम मोदी ने बताईं सरकार की तीन प्राथमिकताएं

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर 54वीं प्रगति बैठक की जानकारी साझा करते हुए विकास परियोजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन पर जोर दिया।

प्रधानमंत्री के संदेश के प्रमुख बिंदु इस प्रकार हैं:

  1. 31 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 16,000 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं की समीक्षा।
  2. रेलवे स्टेशनों को मल्टीमॉडल हब के रूप में तेजी से पुनर्विकसित करना।
  3. फार्मा विनिर्माण में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देना।
  4. कारीगरों और स्थानीय व्यवसायों को सशक्त बनाने के लिए एकता मॉल का विकास।

प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार का ध्यान ठोस परिणाम हासिल करने, परियोजनाओं को समय पर पूरा करने और जनता को दीर्घकालिक लाभ पहुंचाने पर केंद्रित है।

क्या है PRAGATI और विकास परियोजनाओं की समीक्षा में इसकी भूमिका?

PRAGATI का पूरा नाम Pro-Active Governance and Timely Implementation है।

यह केंद्र सरकार का एक प्रौद्योगिकी आधारित समीक्षा मंच है, जिसके माध्यम से प्रधानमंत्री महत्वपूर्ण परियोजनाओं, सरकारी कार्यक्रमों और विभिन्न प्रशासनिक मुद्दों की प्रगति की समीक्षा करते हैं। इस मंच के जरिए केंद्र और राज्य सरकारों के संबंधित अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर परियोजनाओं में आ रही बाधाओं को दूर करने का प्रयास किया जाता है।

PRAGATI बैठकों का उद्देश्य महत्वपूर्ण परियोजनाओं में अनावश्यक देरी को कम करना, जवाबदेही बढ़ाना और निर्धारित समयसीमा के भीतर काम पूरा करना है। 54वीं बैठक में रेलवे, फार्मा और एकता मॉल से जुड़े मुद्दों पर जोर इसी प्रक्रिया का हिस्सा है।

रेलवे, फार्मा और स्थानीय कारोबार पर फोकस से अर्थव्यवस्था को क्या लाभ हो सकता है?

केंद्र सरकार की इन तीन प्राथमिकताओं का संबंध देश के बुनियादी ढांचे, औद्योगिक उत्पादन और स्थानीय व्यापार से है। रेलवे स्टेशनों का आधुनिकीकरण यात्रियों की सुविधाओं को बेहतर बनाने के साथ परिवहन और लॉजिस्टिक्स व्यवस्था को मजबूत कर सकता है।

फार्मा मैन्युफैक्चरिंग में घरेलू उत्पादन बढ़ने से महत्वपूर्ण दवा सामग्री के लिए आयात पर निर्भरता कम करने में सहायता मिल सकती है। वहीं, पीएम एकता मॉल स्थानीय कारीगरों, छोटे उद्यमियों और पारंपरिक उत्पाद निर्माताओं के लिए नए बाजार उपलब्ध कराने में भूमिका निभा सकते हैं। हालांकि, इन पहलों का वास्तविक प्रभाव परियोजनाओं के समय पर पूरा होने, निवेश, संचालन और उनके प्रभावी क्रियान्वयन पर निर्भर करेगा।

समय पर परियोजनाएं पूरी करने और दीर्घकालिक लाभ पर जोर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई 54वीं प्रगति बैठक में रेलवे के आधुनिकीकरण, फार्मास्यूटिकल क्षेत्र में आत्मनिर्भरता और पीएम एकता मॉल के विकास को महत्वपूर्ण प्राथमिकताओं के रूप में सामने रखा गया।

31 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से जुड़ी 16,000 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं की समीक्षा के माध्यम से केंद्र सरकार ने समयबद्ध क्रियान्वयन पर जोर दिया है।

 

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