Iran और Israel के बीच बढ़ते तनाव का असर अब वैश्विक तेल बाजार पर साफ दिखने लगा है। खासकर Strait of Hormuz में जहाजों की आवाजाही प्रभावित होने से कई देशों में तेल आपूर्ति संकट गहराता जा रहा है।
इस संकट का सबसे ज्यादा असर Pakistan पर पड़ा है, जहां पेट्रोल-डीजल की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं और महंगाई चरम पर पहुंच गई है।
इस बीच पाकिस्तान के पेट्रोलियम मंत्री Ali Pervaiz Malik ने India की आर्थिक रणनीति की खुलकर तारीफ की है। उन्होंने कहा कि भारत के पास 60 से 70 दिनों का तेल भंडार है, जबकि पाकिस्तान के पास केवल 5 से 7 दिनों का ही कच्चा तेल बचा है।
मलिक ने यह भी स्वीकार किया कि भारत के मजबूत विदेशी मुद्रा भंडार और बेहतर आर्थिक प्रबंधन के कारण कच्चे तेल की कीमतें 126 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंचने के बावजूद देश स्थिर बना हुआ है।
पाकिस्तान में आर्थिक संकट गहराया
Pakistan इस समय गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहा है। International Monetary Fund (IMF) की कड़ी शर्तों और बढ़ती महंगाई ने आम जनता की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
सरकार को पेट्रोल-डीजल पर भारी टैक्स लगाना पड़ रहा है, जिससे जनता पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif की सरकार पर लगातार दबाव बढ़ता जा रहा है।
भारत क्यों है सुरक्षित?
India ने अपनी दूरदर्शी नीतियों, मजबूत विदेशी मुद्रा भंडार और ऊर्जा सुरक्षा रणनीति के चलते इस वैश्विक संकट के बीच भी स्थिरता बनाए रखी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि:
- पर्याप्त तेल भंडारण क्षमता
- विविध स्रोतों से तेल आयात
- मजबूत आर्थिक स्थिति
भारत को अन्य देशों की तुलना में ज्यादा सुरक्षित बनाते हैं।
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