गौतम अडानी ने अपनी शादी की 40वीं वर्षगांठ पर पत्नी प्रीती अडानी के साथ केदारनाथ धाम पहुंचकर भगवान शिव के दर्शन किए। इस खास मौके की तस्वीरें उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा कीं। इसके साथ ही उन्होंने देश के श्रमिकों, कर्मचारियों और राष्ट्र निर्माण को लेकर एक भावुक संदेश भी दिया।
वर्ल्ड लेबर डे के अवसर पर गौतम अडानी ने ‘अपनी बात, अपनों के साथ’ नाम से एक नई संवाद पहल की शुरुआत की घोषणा की। यह प्लेटफॉर्म अडानी समूह के 4 लाख से अधिक कर्मचारियों को सीधे जोड़ने का माध्यम बनेगा। उन्होंने कहा कि इस पहल के जरिए वे अपने अनुभव साझा करेंगे और कर्मचारियों से सीखने का भी अवसर प्राप्त करेंगे।
अपने संदेश में अडानी ने मेहनतकश लोगों की सराहना करते हुए कहा कि यह दिन हर उस व्यक्ति का है जो मेहनत में विश्वास रखता है और चुनौतियों से लड़ना जानता है। उन्होंने कर्मचारियों को प्रेरित करते हुए Ram Setu construction story में गिलहरी के योगदान का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी योगदान का आकार मायने नहीं रखता, बल्कि यह महत्वपूर्ण है कि हर व्यक्ति राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभाए।
आज का दिन मेरे लिए विशेष है, एक ओर विश्व श्रमिक दिवस है और दूसरी ओर मेरे विवाह की 40वीं वर्षगांठ।
इस पावन अवसर की शुरुआत मैंने अपनी जीवनसंगिनी प्रीति के साथ केदारनाथ धाम में भगवान महादेव के दर्शन और आशीर्वाद से की।
चार दशकों की इस यात्रा में, प्रीति का साथ मेरे लिए केवल जीवन… pic.twitter.com/J3yW5tsK1d
— Gautam Adani (@gautam_adani) May 1, 2026
भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य पर बात करते हुए अडानी ने Narendra Modi के ‘विकसित भारत’ विजन का समर्थन किया और कहा कि इस लक्ष्य को पाने के लिए हर नागरिक की भागीदारी जरूरी है।
उन्होंने अपने संबोधन में अडानी समूह की प्रमुख परियोजनाओं का भी उल्लेख किया। Mundra Port को देश के सबसे बड़े बंदरगाह के रूप में विकसित करने, Vizhinjam Port को वैश्विक ट्रांसशिपमेंट हब बनाने, और कच्छ के खावड़ा में दुनिया के सबसे बड़े ग्रीन एनर्जी प्रोजेक्ट के निर्माण को भारत के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
इसके अलावा उन्होंने Navi Mumbai International Airport, Ganga Expressway और Dharavi Redevelopment Project जैसी परियोजनाओं को भी देश की प्रगति का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि खासकर धारावी पुनर्विकास परियोजना मुनाफे के लिए नहीं, बल्कि लाखों लोगों को सम्मानजनक जीवन देने के उद्देश्य से शुरू की गई है।
गौतम अडानी ने संगठन में तीन बड़े बदलावों की भी घोषणा की। पहला ‘3-लेयर मॉडल’ है, जिससे निर्णय प्रक्रिया तेज होगी और युवाओं को आगे बढ़ने के अधिक अवसर मिलेंगे। दूसरा ‘पार्टनरशिप मॉडल’ है, जिसमें मजबूत साझेदारों के साथ मिलकर काम किया जाएगा। तीसरा ‘लर्निंग एंड डेवलपमेंट’ पर फोकस है, जिसके तहत अडानी ट्रेनिंग अकादमी स्थापित की जा रही है।
कर्मचारियों के कल्याण पर जोर देते हुए अडानी ने ‘पंचतत्व’ सिद्धांतों की भी घोषणा की। इनमें स्थानीय रोजगार को प्राथमिकता, स्किल डेवलपमेंट, करियर ग्रोथ, समय पर वेतन और सम्मानजनक जीवन शामिल हैं।
उन्होंने मुंद्रा में 50 हजार कर्मचारियों के लिए एयर कंडीशंड आवास और रोजाना 1 लाख लोगों को भोजन उपलब्ध कराने वाले विशाल क्लाउड किचन के निर्माण की भी घोषणा की। अडानी ने कहा कि यह कोई सुविधा नहीं बल्कि कर्मचारियों का अधिकार है कि उन्हें सम्मान और बेहतर जीवन मिले।
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