मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश में बुनियादी ढांचे को नई रफ्तार देने वाले गंगा एक्सप्रेसवे को लेकर आम जनता को बड़ी राहत दी है। मुख्यमंत्री ने घोषणा की है कि एक्सप्रेसवे के कमर्शियल ऑपरेशन डेट (COD) से अगले 15 दिनों तक किसी भी वाहन से टोल टैक्स नहीं लिया जाएगा। इस फैसले से मेरठ से प्रयागराज के बीच यात्रा करने वाले लाखों यात्रियों को शुरुआती दौर में मुफ्त सफर का लाभ मिलेगा।
सरकार का मानना है कि टोल फ्री अवधि से अधिक से अधिक लोग इस अत्याधुनिक एक्सप्रेसवे का उपयोग करेंगे, जिससे प्रदेश में पर्यटन, व्यापार और लॉजिस्टिक्स सेक्टर को नई गति मिलेगी। 594 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेसवे राज्य का सबसे बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट है, जिसे लगभग 36,200 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया है। यह परियोजना 12 जिलों और 519 गांवों को सीधे जोड़ती है।
इस एक्सप्रेसवे के शुरू होने से पहले मेरठ से प्रयागराज तक का सफर 11 से 12 घंटे में पूरा होता था, लेकिन अब यह दूरी करीब 6 घंटे में तय की जा सकेगी। हाल ही में Narendra Modi ने हरदोई में इसका उद्घाटन किया था, जिसके बाद अब इसे आम जनता के लिए खोल दिया गया है।
टोल व्यवस्था को लेकर सरकार ने स्पष्ट किया है कि 15 दिनों की टोल फ्री अवधि समाप्त होने के बाद निर्धारित दरें लागू की जाएंगी। इसके लिए टोल प्रस्ताव तैयार किया जा चुका है और कैबिनेट की मंजूरी मिलते ही इसे लागू कर दिया जाएगा। जानकारी के अनुसार, मेरठ से प्रयागराज तक हल्के वाहनों के लिए लगभग 1765 रुपये टोल शुल्क तय किया गया है।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर यूपीडा (UPIDA) ने Adani Infrastructure और IRB Infrastructure को आदेश जारी कर दिया है कि 15 दिनों तक किसी भी वाहन से टोल वसूली नहीं की जाए। इस दौरान एक्सप्रेसवे पर ऑपरेशन और मेंटेनेंस से जुड़ी सभी सेवाएं सामान्य रूप से जारी रहेंगी।
वहीं, International Workers’ Day के मौके पर योगी सरकार ने श्रमिकों के हित में भी बड़ा फैसला लिया है। प्रदेश में चल रही भीषण गर्मी और हीट वेव को देखते हुए श्रमिकों के कार्य समय में बदलाव किया गया है। सरकार ने दोपहर के समय करीब 5 घंटे का अनिवार्य विश्राम लागू करने का निर्देश दिया है, जिससे मजदूरों को तेज धूप और लू से बचाया जा सके।
इसके अलावा श्रमिकों की सहायता और शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए राज्य स्तर पर कंट्रोल रूम और हेल्पलाइन नंबर 1800-180-5160 भी जारी किया गया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि गर्मी के इस मौसम में श्रमिकों की सुरक्षा और स्वास्थ्य सर्वोच्च प्राथमिकता है।
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